Deep Shikha

Deep Shikha

तुम डाल-डाल हजारों औजारों को लिए मेरे स्कंधों को ढूंढते रहो मगर जरा ठहरो जनाब जरा ठहरो अरे मैं तो इत्र हूँ बन हवा सदा फिजाओं को महकाती मिलुंगी😉

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