ARZ-ए-SAYED

ARZ-ए-SAYED Lives in New Delhi, Delhi, India

एक इश्क़ खड़ा रेहता है किनारे पर, एक मोहब्बत मुग़ालते में देखती भी नहीं।। Arz-ए-Saye(D)

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"उनसे तहज़ीबी बातें और, पैश की हुई चाय दोनों ही कम हो रही है फ़िक्र करूँ या? बे फ़िक्र हो जाओं? Arz-ए-Sayed"

उनसे तहज़ीबी बातें 

और,

पैश की हुई चाय

दोनों ही कम हो रही है

फ़िक्र करूँ या?
 बे फ़िक्र हो जाओं?

Arz-ए-Sayed

उनसे तहज़ीबी बातें

और,

पैश की हुई चाय

दोनों ही कम हो रही है

फ़िक्र करूँ या?
बे फ़िक्र हो जाओं?

Arz-ए-Sayed
@@j_$tyle @Deepa Rajput @Deepika Dubey @Kajal Kapoor @Nidhi Dehru

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"शायद; तुम,चाहती तो समझ जाती मेरी चाहत को मैंने बड़ी तहज़ीब से, चाहा था. तुम्हें अपनी चाहत जताना।। S_A_Y_E_D"

शायद;

तुम,चाहती तो समझ जाती मेरी चाहत को 

मैंने बड़ी तहज़ीब से, चाहा था.

तुम्हें अपनी चाहत जताना।।

S_A_Y_E_D

@@j_$tyle @Jeet @Havaruni Dueby @Deepika Dubey @Kalyani Shukla

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"एक सच के पीछे सौ झूठ मै एक सच हूं? मगर सौ झूठों का सच SAYED"

एक सच के पीछे सौ झूठ
मै एक सच हूं?

 मगर सौ झूठों का सच

SAYED

एक सच के पीछे सौ झूठ
मै एक सच हूं?

मगर सौ झूठों का सच

SAYED

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"वो आती है चारो तरफ़ की मस्जिदों से आवाज़, बे-दारी की ख़ुदा खुद कहलवाता है आपने बन्दों से, कर लो तैय्यारी इफ्तारी की। Arz-ए-Sayed"

वो आती है चारो तरफ़ की मस्जिदों से आवाज़,
बे-दारी की
ख़ुदा खुद कहलवाता है आपने बन्दों से, 
कर लो तैय्यारी इफ्तारी की।

Arz-ए-Sayed

वो आती है चारो तरफ़ की मस्जिदों से आवाज़,
बे-दारी की
ख़ुदा खुद कहलवाता है आपने बन्दों से,
कर लो तैय्यारी इफ्तारी की।
Arz-ए-Sayed
@Vallika Poet @@j_$tyle

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"बचपन और दादा जी मुझे वो अपनी गोद में सब से छुपा लेते थे वो मुझे उस वक़्त की हर परेशानी से बचा लेते थे मेरे मरहूम दादमियां ARZ-ए-SAYED"

बचपन और दादा जी  मुझे वो अपनी गोद में सब से छुपा लेते थे

वो मुझे उस वक़्त की हर परेशानी से बचा लेते थे

मेरे मरहूम दादमियां

ARZ-ए-SAYED

#BachpanAurDadaji मुझे वो अपनी गोद में सब से छुपा लेते थे

वो मुझे उस वक़्त की हर परेशानी से बचा लेते थे

मेरे मरहूम दादमियां

ARZ-ए-SAYED

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