Mukesh Gupta

Mukesh Gupta Lives in Mumbai, Maharashtra, India

दूनिया से बहुत दूर... हसरतों कि छाँव में । आओ तुम्हें मैं ले चलूं... ख्वाबों के गांव में ।।

https://www.yourquote.in/mukesh_gupta1986

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"बिगड़ती है जिन्दगी, तो संवर जातीं हैं गज़लें, जिन्दगी मैंने बिगाड़ ली हैं, कुछ गज़ल के लिये..."

बिगड़ती है जिन्दगी, तो संवर जातीं हैं गज़लें,
जिन्दगी मैंने बिगाड़ ली हैं, कुछ गज़ल के लिये...

बिगड़ती है जिन्दगी, तो संवर जातीं हैं गज़लें,
#mukeshguptaquotes #Lovequote #Love #Shayari #bestshayari @khushi kumawat.. 😊 @pooja negi# @DR. LAVKESH GANDHI @Shah @Sachin Ahir

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"अब तो है आरजू यही कि, बार-बार इश्क हो, लेकिन यही कि तुमसे ही , हर बार इश्क हो।।"

अब तो है आरजू यही कि, बार-बार इश्क हो, 
लेकिन यही कि तुमसे ही , हर बार इश्क हो।।

है आरजू यही कि, बार बार इश्क हो,
#Quotes #poem #Shayari #Music #mukeshguptaquotes Lucifer..👑 Gitanjali Das Babli Tiwari khushi kumawat.. 😊 Shah

ab to hai aarjoo yahi ki, baar baar ishq ho
lekin yahi ki tumse hi, har baar ishq ho

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"उन्होंने कत्लेआम मचा रक्खा है,चिलमन के हुनर से.... और कहते हैं कि हमको, उर्दू नही आती...."

उन्होंने कत्लेआम मचा रक्खा है,चिलमन के हुनर से....
और कहते हैं कि हमको, उर्दू नही आती....

उन्होंने कत्लेआम मचा रक्खा है,चिलमन के हुनर से.. @Sachin Ahir @Dev maurya @Khalid Waseem @Rahul Bhaskare @Pratibha Tiwari(smile)🙂 #mukeshguptaquotes #Lovequote #Love #Shayari #bestshayari

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"हम भी तुम्हारे ख्वाब में आयेंगे किसी रोज़। इंशा अल्लाह! ये एहसान चुकायेंगे किसी रोज।। जो ये हाल पुछते हो, दिल-ऐ-बेकरार का, ये सैलाब आपको हम, दिखायेंगे किसी रोज।। खातिर तुम्हारे हमने, सोची है इक गज़ल, फुरसत में रहेंगे तो, सुनायेंगे किसी रोज़।। दरिया में नहाते हो, इस बात से अंजान, पानी में आप आग, लगायेंगे किसी रोज।। होश-ओ-हवास मेरा, लुटा है ये किसने, देखेंगे अगर होश में, आयेंगे किसी रोज।।"

हम भी तुम्हारे ख्वाब में आयेंगे किसी रोज़।
इंशा अल्लाह! ये एहसान चुकायेंगे किसी रोज।।

जो ये हाल पुछते हो, दिल-ऐ-बेकरार का,
ये सैलाब आपको हम, दिखायेंगे किसी रोज।।

खातिर तुम्हारे हमने, सोची है इक गज़ल,
फुरसत में रहेंगे तो, सुनायेंगे किसी रोज़।।

दरिया में नहाते हो, इस बात से अंजान,
पानी में आप आग, लगायेंगे किसी रोज।।

होश-ओ-हवास मेरा, लुटा है ये किसने,
देखेंगे अगर होश में, आयेंगे किसी रोज।।

हम भी तुम्हारे ख्वाब में आयेंगे किसी रोज़।

Hum bhi tumhare khawab me, aayenge kisi roj
insha allah! ye ahesan, chukayenge kisi roj

jo ye haal puchate ho, dil-e-bekarar ka
ye sailab aapko hum, dikhayene kisi roj

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"तूँ रौशनी, और जैसे कोई दिया हूँ मैं। जो तूँ नही अगर, तो भला क्या हूँ मैं।। मुझे हंसी बहुत लगती है, ये दुनिया, तेरी नजरों से, जब भी देखता हूँ मैं।। तूँ धड़कता है दिल बनके, मेरे ही अंदर, बता, किस माने में, मुझसे जुदा है तूँ ।। मेरी दूनिया है रौशन, तेरी निगाहों से, मैं वही देखता हूं, जो भी देखता है तूँ।। इक इशारे पे, मैं तुझमें फ़ना हो जाऊँ, बस बता दे, आखिर क्या चाहता तूँ ।।"

तूँ रौशनी, और जैसे कोई दिया हूँ मैं।
जो तूँ नही अगर, तो भला क्या हूँ मैं।।

मुझे हंसी बहुत लगती है, ये दुनिया,
तेरी नजरों से, जब भी देखता हूँ मैं।।

तूँ धड़कता है दिल बनके, मेरे ही अंदर,
बता, किस माने में, मुझसे जुदा है तूँ ।।

मेरी दूनिया है रौशन, तेरी निगाहों से,
मैं वही देखता हूं, जो भी देखता है तूँ।।

इक इशारे पे, मैं तुझमें फ़ना हो जाऊँ,
बस बता दे, आखिर क्या चाहता तूँ ।।

तूँ रौशनी, और जैसे कोई दिया हूँ मैं।

Tu roshani, aur jaise koi dia hu mai.
jo tu nahi agar, to bhala kya hu mai.

Mujhe hasi bahut lagti hai, ye duniya,
Teri najaro se, jab bhi dekhta hu mai.

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