Prem Pankti Saini

Prem Pankti Saini Lives in Nagaur, Rajasthan, India

बहता सा नीर हूँ, ठहरना नहीं जानती। शांत तो कभी गंभीर हूँ, सहना नहीं जानती। निर्मल तो कंही मलिन हूँ,

  • Popular Stories
  • Latest Stories

"ये बारिश की बूँदें भी कमाल का हुनर रखती है शहर नये से करती है, कुछ ज़ख़्म पुराने भरती है "

ये बारिश की बूँदें भी कमाल का हुनर रखती है
शहर नये से करती है, कुछ ज़ख़्म पुराने भरती है

#baarish #Barish_ki_bunde #Nojotohindi #TST #Nojoto #Poetry

29 Love

"कहती है आज मनमर्ज़ीयां मेरी सुना लेने दो सारी अर्ज़ियां मेरी डराती है मुझको हिचकियाँ मेरी भूल जाने दो मुझको गलतीयांं मेरी हंसाती है सबको नादानीयां मेरी छुपी रहने दो फिर समझदारीयां मेरी गिराती है अगर मुझको कमज़ोरियां मेरी संभाल तो लेने दो मुझको ज़िम्मेदारीयां मेरी मुस्कुराती है अक्सर कहानियाँ मेरी ढूंढों नहीं छुपी बर्बादीयां मेरी गुनगुनाती - सी है खामोशियाँ मेरी मुझसे छीनों नहीं आज़ादीयां मेरी "

कहती है आज मनमर्ज़ीयां मेरी
सुना लेने दो सारी अर्ज़ियां मेरी 
डराती है मुझको हिचकियाँ मेरी 
भूल जाने दो मुझको गलतीयांं मेरी 
हंसाती है सबको नादानीयां मेरी 
छुपी रहने दो फिर समझदारीयां मेरी 
गिराती है अगर मुझको कमज़ोरियां मेरी 
संभाल तो लेने दो मुझको ज़िम्मेदारीयां मेरी
मुस्कुराती है अक्सर कहानियाँ मेरी 
ढूंढों नहीं छुपी बर्बादीयां मेरी 
गुनगुनाती - सी है खामोशियाँ मेरी 
मुझसे छीनों नहीं आज़ादीयां मेरी

#मुझसे_छीनों_नहीं_आज़ादीयां_मेरी #Nojotohindi #Nojoto #TST

22 Love

"तुम जो यूँ मेरी शरारतों पर मुस्कुरा‍या करते थे और मेरी गलतियों पर गुस्सा किया करते थे मेरी खुशियों में खुश हो जाया करते थे और मेरे ग़मों में उदास हो जाया करते थे हम तो इसे ही मोहब्बत समझ बैठे तुम तो बस अपनी दोस्ती निभाया करते थे तुम जो यूँ मेरे रूठ जाने पर मना लिया करते थे मुझे रोते हुए देख पल में हँसा दिया करते थे मेरे बोलने से पहले ही मुझे समझ लिया करते थे और गिरने से पहले मुझे संभाल लिया करते थे हम तो इसे ही मोहब्बत समझ बैठे तुम तो बस अपनी दोस्ती निभाया करते थे मुझसे बात न होने पर परेशान हो जाया करते थे किसी और के साथ देखके नाराज़ हो जाया करते थे अपना हर राज़ तुम मुझे ही तो बताया करते थे और सब के सामने तुम मुझ पर हक जताया करते थे हम तो इसे ही मोहब्बत समझ बैठे तुम तो बस अपनी दोस्ती निभाया करते थे "

तुम जो यूँ मेरी शरारतों पर मुस्कुरा‍या करते थे 
और मेरी गलतियों पर गुस्सा किया करते थे
मेरी खुशियों में खुश हो जाया करते थे 
और मेरे ग़मों में उदास हो जाया करते थे 
हम तो इसे ही मोहब्बत समझ बैठे 
तुम तो बस अपनी दोस्ती निभाया करते थे 
तुम जो यूँ मेरे रूठ जाने पर मना लिया करते थे 
मुझे रोते हुए देख पल में हँसा दिया करते थे 
मेरे बोलने से पहले ही मुझे समझ लिया करते थे 
और गिरने से पहले मुझे संभाल लिया करते थे 
हम तो इसे ही मोहब्बत समझ बैठे 
तुम तो बस अपनी दोस्ती निभाया करते थे 
मुझसे बात न होने पर परेशान हो जाया करते थे 
किसी और के साथ देखके नाराज़ हो जाया करते थे 
अपना हर राज़ तुम मुझे ही तो बताया करते थे 
और सब के सामने तुम मुझ पर हक जताया करते थे 
हम तो इसे ही मोहब्बत समझ बैठे
तुम तो बस अपनी दोस्ती निभाया करते थे

#ektarfapyar #Nojotovoice #nojotohindi

21 Love
96 Views

"बहता सा नीर हूँ, ठहरना नहीं जानती। शांत कभी गंभीर हूँ, सहना नहीं जानती । निर्मल कभी मलिन हूँ, छलना नहीं जानती। "

बहता सा नीर हूँ, ठहरना नहीं जानती। 
शांत कभी गंभीर हूँ, सहना नहीं जानती ।
निर्मल कभी मलिन हूँ, छलना नहीं जानती।

#nojotohindi

19 Love

"इस दर्द- ए -दिल की इन्तहा हो गई मोहब्बत जो उनसे बेइंतहा हो गई मेरी एक तरफा मोहब्बत एक राज़ बन गई उनकी दास्तां-ए- इश्क़ की जो मैं राज़दार हो गई उनकी मोहब्बत मेरे सामने बेपर्दा क्या हो गई मेरी मोहब्बत उनकी मोहब्बत के आगे पर्दानशी हो गई एक पल के लिए मेरी धड़कनें रूक- सी गई जब जाना उनकी धड़कनें किसी ओर से जुड़-सी गई पर उनके अंदाज-ए-मोहब्बत पर मैं फिर फ़िदा हो गई उनकी खुशी में खुश हो मैं उनकी ज़िंदगी से अलविदा हो गई "

इस दर्द- ए -दिल की इन्तहा हो गई 
मोहब्बत जो उनसे बेइंतहा हो गई 
मेरी एक तरफा मोहब्बत एक राज़ बन गई 
उनकी दास्तां-ए- इश्क़ की जो मैं राज़दार हो गई 
उनकी मोहब्बत मेरे सामने बेपर्दा क्या हो गई 
मेरी मोहब्बत उनकी मोहब्बत के आगे पर्दानशी हो गई 
एक पल के लिए मेरी धड़कनें रूक- सी गई 
जब जाना उनकी धड़कनें किसी ओर से जुड़-सी गई 
पर उनके अंदाज-ए-मोहब्बत पर मैं फिर फ़िदा हो गई 
उनकी खुशी में खुश हो मैं उनकी ज़िंदगी से अलविदा हो गई

#ektarfapyar #nojotohindi #TST

17 Love