पिंकू कुमार झा

पिंकू कुमार झा Lives in Gandhinagar, Gujarat, India

काव्य और हिंदी साहित्य के प्रति घोर निष्ठावान... “हम बाहरी दुनिया में तब तक शांति नहीं पा सकते हैं जब तक कि हम अन्दर से शांत न हों।”

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#Book #Meri_Kitaab Think and grow rich

141 Love
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"टूटकर भी जो मुस्कुरा दे , उसे कोई कैसे हरा दे !!"

टूटकर भी जो मुस्कुरा दे ,
 
उसे कोई कैसे हरा दे !!

#दिल की बात

91 Love

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"वो तुम्हें हर बार माफ कर देगा ,पर उसके प्यार में कमी आती रहेगी ।"

वो तुम्हें हर बार माफ कर देगा ,पर उसके प्यार में कमी आती रहेगी ।

#दिल की बात

78 Love

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"तोड़ देती हैं बेड़ियाँ अक्सर क़ैद में रह के बेटियाँ अक्सर चीर देती हैं दिल के दामन को सख़्त लहजे की तल्खियां अक्सर ख़्वाब आँखों में छोड़ कर आधे जाग जाती हैं लड़कियाँ अक्सर नाम पर्ची पे उसका लिख लिख के दिल लगाता है अर्ज़ियाँ अक्सर जब भी सोचूँ मैं उसके बारे में याद आती हैं खूबियाँ अक्सर ज़िन्दगी औरतों को देती हैं घर की छोटी सी खिड़कियाँ अक्सर दिल में चुभती हैं आज भी मेरे टूटे सपनों की सिसकियाँ अक्सर @pkjha"

तोड़ देती हैं बेड़ियाँ अक्सर
क़ैद में रह के बेटियाँ अक्सर

चीर देती हैं दिल के दामन को
सख़्त लहजे की तल्खियां अक्सर

ख़्वाब आँखों में छोड़ कर आधे
जाग जाती हैं लड़कियाँ अक्सर

नाम पर्ची पे उसका लिख लिख के
दिल लगाता है अर्ज़ियाँ अक्सर

जब भी सोचूँ मैं उसके बारे में
याद आती हैं खूबियाँ अक्सर

ज़िन्दगी औरतों को देती हैं
घर की छोटी सी खिड़कियाँ अक्सर

दिल में चुभती हैं आज भी मेरे
टूटे सपनों की सिसकियाँ अक्सर
 
                       
@pkjha

#सपनों की उड़ान

78 Love

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"भीख मांगते कूड़ा बीनते , नही अकल के कच्चे है , लावारिस गरीब बेचारे मन से सीधे सच्चे है । चक्रव्यूह में फसे इस कदर , जीने की कोई सुध नही , क्या कसूर है इनका बोलो , ये भी तो भारत के बच्चे हैं l"

भीख मांगते कूड़ा बीनते ,
नही अकल के कच्चे है ,
लावारिस गरीब बेचारे 
मन से सीधे सच्चे है ।
चक्रव्यूह में फसे इस कदर ,
जीने की कोई सुध नही ,
क्या कसूर है इनका बोलो ,
ये भी तो भारत के बच्चे हैं l

#stopchildlabour

78 Love