Arif Rabbani  351

Arif Rabbani 351

  • Latest
  • Popular
  • Video

""

"इस गुलाबी ठंड में, ए गुलाब अपनी खुशबू को मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे, यह सर्दी के मौसम में अक्सर नहाया नहीं करते। -"

इस गुलाबी ठंड में, ए गुलाब अपनी खुशबू को
मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे,
यह सर्दी के मौसम में
अक्सर नहाया नहीं करते। -

sardi

5 Love

""

"चेहरे पर हँसी छा जाती है। आँखों में सुरूर आ जाता है। जब तुम मुझे अपना कहते हो। अपने आप पर ग़ुरूर आ जाता है।"

चेहरे पर हँसी छा जाती है।
आँखों में सुरूर आ जाता है।
जब तुम मुझे अपना कहते हो।
अपने आप पर ग़ुरूर आ जाता है।

love

4 Love

""

"जब वक्त साथ देता है तब बन्दा किसी को मात देता है हमारा style और Attitude कुछ अलग है बराबरी करनें जाओगे तो बीक जाओगे कुत्तो की बङी तादात से शेर मरा नहीं करते और जिसको खुद पर भरोसा हो वो दुनिया वालो से डरा नही करते भाई बोलने को हक सिर्फ मेने दोस्तो को दिया है वरना दुशमन हमे आज भी बाप के नाम से जानते है"

जब वक्त साथ देता है  तब बन्दा किसी को मात देता है हमारा style  और  Attitude कुछ अलग है बराबरी करनें जाओगे तो बीक जाओगे कुत्तो की बङी तादात से शेर मरा नहीं करते और जिसको खुद  पर भरोसा हो वो दुनिया वालो से डरा नही करते भाई बोलने को हक सिर्फ मेने दोस्तो को दिया है वरना दुशमन हमे आज भी बाप के नाम से जानते है

ARMY

2 Love

""

"कभी लगती है दादी अम्मा तो कभी डांटती जैसे हो मेरी मम्मा। कभी गुस्सा हो रूठ जाती तो कभी प्यार से पास बुलाती। कभी टप टप आंसू बहाती तो कभी मंद मंद ही मुस्काती। दिल की बड़ी ही नेक है, सच कहूँ तो मेरी बहना लाखों में एक है।"

कभी लगती है दादी अम्मा
तो कभी डांटती जैसे हो मेरी मम्मा।
कभी गुस्सा हो रूठ जाती
तो कभी प्यार से पास बुलाती।
कभी टप टप आंसू बहाती
तो कभी मंद मंद ही मुस्काती।
दिल की बड़ी ही नेक है, सच कहूँ
तो मेरी बहना लाखों में एक है।

bhai bahan ka peyar

4 Love

""

". A.R .J.K.H.Y.S.CH.351 रिश्ते को दौलत की निगाहों से मत देखो क्योकि अक्सर साथ निभाने वाला इनसान गरीब ही होता है hkikat bat"

. A.R .J.K.H.Y.S.CH.351
 रिश्ते को दौलत की निगाहों से मत देखो 
क्योकि अक्सर साथ निभाने वाला 
इनसान गरीब ही होता है 
hkikat bat

dil ki bat

4 Love