Laxmi Gaur Thapliyal

Laxmi Gaur Thapliyal Lives in Dehradun, Uttarakhand, India

शब्दों के गठजोड़ को भाव सहित अंजाम, अंतर्मन में दस्तक दूं बस इतना अरमान।

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#रह_गये_रीते_संबंध_सभी

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"लिये फिरते हो दिल अपना यूं अपने हाथ में जाना कोई गर, पूछ बैठेगा तो बोलो, कहोगे क्या। है क्यों बैचेनी, चेहरे पर ढूंढती हैं, किसे नजरें सबब इन रतजगी आंखों का छुपाओगे, भला कहां। लक्ष्मी थपलियाल"

लिये फिरते हो दिल अपना
यूं अपने हाथ में जाना
कोई गर, पूछ बैठेगा
तो बोलो, कहोगे क्या।

है क्यों बैचेनी, चेहरे पर
ढूंढती हैं, किसे नजरें
सबब इन रतजगी आंखों का
छुपाओगे, भला कहां।

लक्ष्मी थपलियाल

#Moon
#लिये_फिरते_हो #पूछ #दिल_अपना #रतजगी #छुपाओगे #भला_कहां #बैचेनी #ढूंढती #नजरें

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#हे_पथिक

20 Love
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"कहां खोये हुए हो क्यूं ये पलकें भिगोये हुए हो हो घिरे किसी की यादों में या नहीं कई रातों से सोये हुए हो। लक्ष्मी"

कहां खोये हुए हो
क्यूं ये पलकें भिगोये हुए हो
हो घिरे किसी की यादों में या
नहीं कई रातों से सोये हुए हो।
  लक्ष्मी

#Moon #रातों #पलकें #खोये #प्रेम #Nojoto #सोये

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"       जीवन हो दुष्कर,तम गहन हो, हारना मत जिंदगी है चार दिन की, कभी मारना मत उठ चलो बढ, तार भव नैया लगा दो हो विपद कितनी ही बडी,हिय धारना मत। लक्ष्मी      "

      

जीवन हो दुष्कर,तम गहन हो, हारना मत
जिंदगी है चार दिन की, कभी मारना मत
उठ चलो बढ, तार भव नैया लगा दो
हो विपद कितनी ही बडी,हिय धारना मत।
  लक्ष्मी
     

#Nature
#तम(अंधेरा) #गहन #जिंदगी #तार #भव #नैया #विपदा #हिय

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