Suhail Shah

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"उड़ा देती हैं नींदे कुछ ज़िम्मेदारियाँ घर की. रात में जागने वाला हर शख्स आशिक़ नहीं होता.? $uhail $hah"

उड़ा देती हैं नींदे कुछ ज़िम्मेदारियाँ घर की.

रात में जागने वाला हर शख्स आशिक़ नहीं होता.?

$uhail $hah

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"Alone तमाम इशरतें खुद पर हराम करना है" अब इस जहाँ के लिए इंतेज़ाम करना है" हमें अब अपना मुसल्ला तलाश करने दो" के अब गुनाहों का किस्सा तमाम करना है" ग़ुलामी इस लिये करते हैं हम फ़क़ीरों की" के बादशाहों को अब अपना ग़ुलाम करना है" चलो के शहर-ए-खमोशा में देख आयें ज़मीं" के यहाँ के बाद वहीं पर क़याम करना है..? $uhail $hah"

Alone  तमाम इशरतें खुद पर हराम करना है"

अब इस जहाँ के लिए इंतेज़ाम करना है"

हमें अब अपना मुसल्ला तलाश करने दो"

के अब गुनाहों का किस्सा तमाम करना है"

ग़ुलामी इस लिये करते हैं हम फ़क़ीरों की"

के बादशाहों को अब अपना ग़ुलाम करना है"

चलो के शहर-ए-खमोशा में देख आयें ज़मीं"

के यहाँ के बाद वहीं पर क़याम करना है..?
$uhail $hah

 

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"Alone घुटन होती है हर रिश्ते में अब तो मन करता है कहीं दूर चला जाऊं इतनी दूर की कोई अपना कहकर भी पुकारे तो आवाज़ सुनाई ना दे $uhail $hah"

Alone  घुटन होती है हर रिश्ते में अब तो मन करता है कहीं दूर चला जाऊं
इतनी दूर की कोई अपना कहकर भी पुकारे तो आवाज़ सुनाई ना दे
$uhail $hah

 

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"काश कोई ऐसा कमाल हो जाये मैं रोज़े से रहूँ और मेरा इंतक़ाल हो जाये $uhail $hah"

काश कोई ऐसा कमाल हो जाये 
मैं रोज़े से रहूँ और मेरा इंतक़ाल हो जाये
$uhail $hah

 

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"gully boy quotes दोस्त क्या खूब वफ़ाओं का सिला देते हैं हर नए मोड़ पर एक ज़ख्म नया देते हैं तुमसे तो खैर घडी भर की मुलाक़ात रही लोग तो सदियों की रफ़ाक़त को भुला देते हैं कैसे मुमकिन है कि धुंआ भी ना हो और दिल भी जले चोट पड़ती है तो पत्थर भी सदा देते हैं हर नए मोड़ पर एक ज़ख्म नया देते हैं कोन होता है मुसीबत में किसी का रहबर आग लगती है तो पत्ते भी हवा देते हैं जिन पर होता है बहुत दिल को भरोसा $uhail वक़्त पड़ने पर वही लोग दगा देते हैं हर नए मोड़ पर एक ज़ख्म नया देते हैं दोस्त क्या ख़ूब वफ़ाओं का सिला देते हैं हर नए मोड़ पर एक ज़ख्म नया देते हैं $uhail $hah"

gully boy quotes दोस्त क्या खूब वफ़ाओं का सिला देते हैं
हर नए मोड़ पर एक ज़ख्म नया देते हैं

तुमसे तो खैर घडी भर की मुलाक़ात रही
लोग तो सदियों की रफ़ाक़त को भुला देते हैं

कैसे मुमकिन है कि धुंआ भी ना हो और दिल भी जले
चोट पड़ती है तो पत्थर भी सदा देते हैं

हर नए मोड़ पर एक ज़ख्म नया देते हैं
कोन होता है मुसीबत में किसी का रहबर

आग लगती है तो पत्ते भी हवा देते हैं
जिन पर होता है बहुत दिल को भरोसा $uhail

वक़्त पड़ने पर वही लोग दगा देते हैं हर नए मोड़ पर एक ज़ख्म नया देते हैं

दोस्त क्या ख़ूब
वफ़ाओं का सिला देते हैं
हर नए मोड़ पर एक ज़ख्म नया देते हैं
$uhail $hah

 

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