ꢺᖙᎥקαk..✍

ꢺᖙᎥקαk..✍ Lives in Amgaon, Maharashtra, India

"UPSC Aspirant"

  • Popular Stories
  • Latest Stories

"धर हथेली चप्पल, सर में है घमेला.... खेतो की ओर चली देखो, गाँव की महिला.... कई दिन बित गए, बिना स्पर्श कीए जमीन.... देख दिहाती शहरी बोले, हम तो है अमीर.... नई सोच है यारों, नई सोच दिखलाए, शहरों की अमीरी चलो नैका में बहाए.... आवो फिरसे गाँव बनाए...."

धर हथेली चप्पल,
सर में है घमेला....
खेतो की ओर चली देखो,
गाँव की महिला....
कई दिन बित गए, 
बिना स्पर्श कीए जमीन....
देख दिहाती शहरी बोले,
हम तो है अमीर....
नई सोच है यारों,
नई सोच दिखलाए,
शहरों की अमीरी चलो
नैका में बहाए....
आवो फिरसे गाँव बनाए....

#Poetry
आवो फिरसे गाँव बनाए....

286 Love

"सांझ - सबेरे सरोवर किनारे, वो पंछियों की कुह - कुहार.... घर आंगन में गोबर लेह से, बच्चों की खिल - खिलार.... भूल गए शहरी वासी, वो बच्चपन के दिन.... मित रहे शहरी बच्चे, अब आधूनीकता मे लिन.... नई सोच है यारों, नई सोच दिखलाए, शहरों की आदते त्याग कर, चलो गावों की रित निभाए.... आवो फिर से गाँव बनाए.... #NojotoQuote"

सांझ - सबेरे सरोवर किनारे,
वो पंछियों की कुह - कुहार....
घर आंगन में गोबर लेह से,
बच्चों की खिल - खिलार....
भूल गए शहरी वासी,
वो बच्चपन के दिन....
मित रहे शहरी बच्चे,
अब आधूनीकता मे लिन....
नई सोच है यारों,
नई सोच दिखलाए,
शहरों की आदते त्याग कर,
चलो गावों की रित निभाए....
आवो फिर से गाँव बनाए....
 #NojotoQuote

आवो फिर से गाँव बनाए....

220 Love
1 Share

"बैठा है गुप्त, कही एक सितार..... धुंडो उसे, प्रकट करो उजाला..... आखों में जीत सा दीख रहा है, होंसलो में वो जी रहा हैै, रोज - रोज वो एक ही गाए, दुसरा नहीं है उसका गाना...... बैठा है कही एक गुप्त सितारा..... बैठा है कही एक गुप्त सितारा..... पूर्व में चमके, कितने सितारे..... देख उन्हें ये, चमक सा जाए..... भाग्य से वो ठोकर खाए , पर बुलंदियों को छूना चाहे, मन में उसके एक ही ठिकाना, दुसरा नहीं है उस का बहाना..... बैठा है कही एक गुप्त सितारा..... बैठा है कही एक गुप्त सितारा..... #NojotoQuote"

बैठा है गुप्त, कही एक सितार.....
धुंडो उसे, प्रकट  करो उजाला.....
आखों में जीत सा दीख रहा है,
होंसलो में वो जी रहा हैै,
रोज - रोज वो एक ही गाए,
दुसरा नहीं है उसका गाना......
बैठा है कही एक गुप्त सितारा.....
बैठा है कही एक गुप्त सितारा.....

पूर्व में चमके, कितने सितारे.....
देख उन्हें ये, चमक सा जाए.....
भाग्य से वो ठोकर खाए ,
पर बुलंदियों को छूना चाहे,
मन में उसके एक ही ठिकाना,
दुसरा नहीं है उस का बहाना.....
बैठा है कही एक गुप्त सितारा.....
बैठा है कही एक गुप्त सितारा.....

 #NojotoQuote

बैठा है कही एक गुप्त सितारा.....

211 Love

"पल ने पल से पूछा, इस पल में क्या है पल ने पल को जवाब दिया,इस पल में पल है जो आते हैं, जाते हैं, कोई खुशियों के साथ आते हैं, तो कोई गम के साथ, रुकता कोई नहीं, सब छोड़ जाते हैं स्वाद, स्वाद को बनाए रखना है जिंदगी का काम, जिंदगी भी तो जिंदगी है यार, जो ना मिले दो बार.... आंसू ने आंसू से पूछा, इस आंसू में क्या हैं? आंसू ने आंसू को जवाब दिया, इस आंसू में यादें हैं, यादें उन लोगों की जो हादसों में अपनी जान गवा बैठे, जो अब ना लौट के आने वाले, हादसे भी अब जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, आते हैं, जाते हैं, मगर दर्द दे जाते हैं, इस दर्द को सह लेना है जिंदगी का काम, जिंदगी भी तो जिंदगी है यार, जो ना मिले दो बार.... #NojotoQuote"

पल ने पल से पूछा, इस पल में क्या है 
पल ने पल को जवाब दिया,इस पल में पल है 
जो आते हैं, जाते हैं,
कोई खुशियों के साथ आते हैं,
तो कोई गम के साथ,
रुकता कोई नहीं, सब छोड़ जाते हैं स्वाद, 
स्वाद को बनाए रखना है जिंदगी का काम, 
जिंदगी भी तो जिंदगी है यार, जो ना मिले दो बार....

आंसू ने आंसू से पूछा, इस आंसू में क्या हैं?
आंसू ने आंसू को जवाब दिया, इस आंसू में यादें हैं,
यादें उन लोगों की 
जो हादसों में अपनी जान गवा बैठे,
जो अब ना लौट के आने वाले,
हादसे भी अब जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं,
आते हैं, जाते हैं,
मगर दर्द दे जाते हैं, 
इस दर्द को सह लेना है जिंदगी का काम,
जिंदगी भी तो जिंदगी है यार, जो ना मिले दो बार....


 #NojotoQuote

जिंदगी भी तो जिंदगी है यार, जो ना मिले दो बार....

203 Love
3 Share

"खेतो की पकडंडिया अकसर लिजाती हमे मिलो दुर.... राहों में मिलजाते अक्सर हमे, इमली और बेरो के बुन.... सोर सराबा है इन, शहरों की गलियों में.... कई लोगों को अपनो से छिना, इन कॉन्क्रीट की गलियों ने.... नई सोच है यारों, नई सोच दिखलाए, शहरों की कॉन्क्रीट नष्ट कर, चले गांवों को फिर गोबर से लिप आए.... आवो फिर से गाँव बनाए.... #NojotoQuote"

खेतो की पकडंडिया अकसर 
लिजाती हमे मिलो दुर....
राहों में मिलजाते अक्सर हमे,
इमली और बेरो के बुन....
सोर सराबा है इन,
शहरों की गलियों में....
कई लोगों को अपनो से छिना,
इन कॉन्क्रीट की गलियों ने....
नई सोच है यारों,
नई सोच दिखलाए,
शहरों की कॉन्क्रीट नष्ट कर,
चले गांवों को फिर गोबर से लिप आए....
आवो फिर से गाँव बनाए.... #NojotoQuote

आवो फिर से गाँव बनाए....

188 Love