vinod maurya

vinod maurya Lives in Agra, Uttar Pradesh, India

कलम का प्रेमी.....

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"सूरज और किरण कभी अलग नहीं होते है। सूरज की रोशनी कम हो तो किरण भी कम हो जाती है। ये एक रिश्ते का प्रतीक है जो साथ रहता है बिना किसी स्वार्थ के। देखा है मैने..देखा है मैने आज के रिश्तों को रंग बदलते हुए..."

सूरज और किरण कभी अलग नहीं होते है।
सूरज की रोशनी कम हो तो किरण भी कम हो जाती है।
ये एक रिश्ते का प्रतीक है जो साथ रहता है बिना किसी स्वार्थ के।
देखा है मैने..देखा है मैने आज के रिश्तों को रंग बदलते हुए...

सूरज और किरण का साथ...

17 Love
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"झरने की तरह बहते थे मेरे आंसू,फिर भी दिल से उसे निकाल ना सका। रोते रोतें कट गई मेरी राते,बस दिन ही उसका इंतजार था। बस ठान लिया था हमने मरना मंजूर है उसे भूलना नहीं। और मैं उसे भुला दूं, दुनिया में अभी ऐसी ताकत पैदा हुई नहीं। विनोद मौर्य...✍️"

झरने की तरह बहते थे मेरे आंसू,फिर भी दिल से उसे निकाल ना सका।
रोते रोतें कट गई मेरी राते,बस दिन ही उसका इंतजार था।

बस ठान लिया था हमने मरना मंजूर है उसे भूलना नहीं।
  
और मैं उसे भुला दूं, दुनिया में अभी ऐसी ताकत पैदा हुई नहीं। 
                                                        विनोद मौर्य...✍️

भूल ना सका....

16 Love

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"तेरी मोहब्बत का नशा ही कुछ अलग था, जो मैं तुझसे कभी ना रूठा,जब जब तू रुठी मैने तुझको मना लिया। वरना हम वो ज़हर थे जब रूठते तो तेरी मोहब्बत और तेरा नशा दोनों को चकनाचूर कर देते। विनोद मौर्य...✍️"

तेरी मोहब्बत का नशा ही कुछ अलग था, जो मैं तुझसे कभी ना रूठा,जब जब तू रुठी मैने तुझको मना लिया।
वरना हम वो ज़हर थे जब रूठते तो तेरी मोहब्बत और तेरा नशा दोनों को चकनाचूर कर देते।
    
                                                        विनोद मौर्य...✍️

 

13 Love

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"नहीं हूं मै किसी के दिल का टुकड़ा,फिर भी हजारों दिलो पर राज करता हूं। है आप लोगों का आशीर्वाद ,इसलिए मै ऐसी बात करता हूं। नहीं चाहिए मुझें आपका भी साथ,क्युकी हर दफा मै अपनी मां के आशीर्वाद से दिन की शुरुआत करता हूं। विनोद मौर्य...✍️"

नहीं हूं मै किसी के दिल का टुकड़ा,फिर भी हजारों दिलो पर राज करता हूं।
है आप लोगों का आशीर्वाद ,इसलिए मै ऐसी बात करता हूं।
नहीं चाहिए मुझें आपका भी साथ,क्युकी हर दफा मै अपनी मां के आशीर्वाद से दिन की शुरुआत करता हूं।
         
                                       विनोद मौर्य...✍️

मां का आशीर्वाद...

13 Love

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"Alone तेरा छोड़ कर जाना भी अच्छा था, वरना हम उस महखाने तक कैसे पहुंचते जो तेरे प्यार से ज्यादा नशीला था विनोद मौर्य...✍️"

Alone  तेरा छोड़ कर जाना भी अच्छा था,
वरना हम उस महखाने तक कैसे पहुंचते जो तेरे प्यार से ज्यादा नशीला था    
                                                  विनोद मौर्य...✍️

तेरा छोड़ कर जाना......

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