neeraj Chaudhary

neeraj Chaudhary Lives in Delhi, Delhi, India

*जो रिश्ते दिलों में पला करते हैं* *वही चला करते हैं!!h* *वरना* *आंखों को पसन्द आने वाले* *तो रोज बदला करते हैं !!*

  • Popular
  • Latest
  • Video

""

"राहें हजार राहें मुड़ के देखी कहीं से कोई सदा ना आई बड़ी वफा से निभाई तुमने हमारी थोड़ी सी बेवफ़ाई जहां से तुम मोड़ मुड़ गए थे यह मोड अब भी वहीं पड़े हैं हम अपने पैरों में जाने कितने भवर लपेटे हुए खड़े हैं कहीं किसी रोज यू भी होता हमारी हालत तुम्हारी होती जो रातें हमने गुजारी मर के वह रातें तुमने गुजारी होती तुम्हें यह जिद थी कि हम बुलाते हमें ये उम्मीद वो पुकारे है नाम होठों पर अभी लेकिन आवाज में पड़ गई दरारें"

राहें हजार राहें मुड़ के देखी कहीं से कोई सदा ना आई
बड़ी वफा से निभाई तुमने हमारी थोड़ी सी बेवफ़ाई
जहां से तुम मोड़ मुड़ गए थे यह मोड अब भी वहीं पड़े हैं 
हम अपने पैरों में जाने कितने भवर लपेटे हुए खड़े हैं 
कहीं किसी रोज यू भी होता हमारी हालत तुम्हारी होती 
जो रातें हमने गुजारी मर के वह रातें तुमने गुजारी होती
तुम्हें यह जिद थी कि हम बुलाते हमें ये उम्मीद वो पुकारे 
है नाम होठों पर अभी लेकिन आवाज में पड़ गई दरारें

#हजार_राहें_मुड़_के_देखी

37 Love

""

"दिल से तुमको अपना बनाया था हर रिश्ता आपसे बनाया था क्या कमी रह गई मेरे प्यार में जिसको अपना माना वहीं पराया था"

दिल से तुमको अपना बनाया था 
हर रिश्ता आपसे बनाया था 
क्या कमी रह गई मेरे प्यार में 
जिसको अपना माना वहीं पराया था

 

32 Love

""

"शोर और ख़ामोशी जब खामोश आंखो से बात होती है ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है जब शोर मचाते हैं लड़के तभी तो लड़कियों की लड़कों के पिछे लंबी लाइन होती है"

शोर और ख़ामोशी जब खामोश आंखो से बात होती है
 ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है
जब शोर मचाते हैं लड़के तभी तो 
लड़कियों की लड़कों के पिछे
 लंबी लाइन होती है

 

30 Love

""

"अफसाना लिख रहा हूं दिल ए बेकरार का आंखों में रंग भर के तेरे इंतजार का जब तू नहीं तो कुछ भी नहीं है बाहर में जी चाहता है मुँह भी ना देखूं बहार का हासिल है यूं तो मुझको जमाने की दौलते लेकिन नसीब लाया हूं एक सौ गवार का आ जाते अब तो आंखों में आंसू भी आ गए सागर छलक उठा मेरे सब रो करार का अफसाना लिख रहा हूं दिले बेकरार का आंखों में रंग भर के तेरे इंतजार का"

अफसाना लिख रहा हूं दिल ए बेकरार का
आंखों में रंग भर के तेरे इंतजार का
जब तू नहीं तो कुछ भी नहीं है बाहर में
जी चाहता है मुँह भी ना देखूं बहार का
हासिल है यूं तो मुझको जमाने की दौलते 
लेकिन नसीब लाया हूं एक सौ गवार का
आ जाते अब तो आंखों में आंसू भी आ गए
सागर छलक उठा मेरे सब रो करार का
अफसाना लिख रहा हूं दिले बेकरार का
 आंखों में रंग भर के तेरे इंतजार का

 

27 Love

""

"अपना और पराया किसको कहूं मैं अपना किसको कहूं पराया हर एक शख्स ने हैं दिल मेरा दुखआया हमदर्द बन के सबने है दर्द को बढ़ाया दिल को सुकून माता चरणों में तेरे आया मुझको नहीं जरूरत की कोई मुझको समझे तू जानती है मुझको यह बात ही बहुत है मैं पापी हूं या कपटी यह जानती तू ही है मैं हारा जब भी माता तूने गले लगाया किसको कहूं मैं अपना किसको कहूं पराया"

अपना और पराया किसको कहूं मैं अपना किसको कहूं पराया
हर एक शख्स ने हैं दिल मेरा दुखआया
हमदर्द बन के सबने है दर्द को बढ़ाया
दिल को सुकून माता चरणों में तेरे आया
मुझको नहीं जरूरत की कोई मुझको समझे
तू जानती है मुझको यह बात ही बहुत है
मैं पापी हूं या कपटी यह जानती तू ही है
 मैं हारा जब भी माता तूने गले लगाया
किसको कहूं मैं अपना किसको कहूं पराया

#किसको_कहूं_मैं_अपना_किसको_कहूं___पराया

26 Love
1 Share