अरविन्द त्रिवेदी

अरविन्द त्रिवेदी Lives in Unnao, Uttar Pradesh, India

ज्ञान भाषा का मुझको नही है मगर भावनायें जगत की मैं पढ़ने लगा व्याकरण मैं अभी कुछ भी जानूँ नही वेदनायें जगत की मैं गढ़नें लगा मोबाइल नंबर ---- 7087345171,

  • Popular Stories
  • Latest Stories

"मिला दर्द अपनों से जो मुझे, 'अरविन्द' ने न कहा कभी, जो हुनर तमीज़ का पास था, मैं मकाँ उसी से बचा गया । ✍️ अरविन्द त्रिवेदी"

मिला दर्द अपनों से जो मुझे, 'अरविन्द' ने न कहा कभी,
जो हुनर तमीज़ का पास था, मैं मकाँ उसी से बचा गया ।

     ✍️ अरविन्द त्रिवेदी

#Nojoto #Shayari

9 Love
1 Share

"पतझड़ों में शजर ठूँठ होता गया | आँधियों में दिया ज्योति खोता गया | ज़िन्दगी कुछ निशाँ छोड़ मरघट चली-- अश्रु कितने दृगों में पिरोता गया ||"

पतझड़ों में शजर ठूँठ होता गया |
आँधियों में दिया ज्योति खोता गया |
ज़िन्दगी कुछ निशाँ छोड़ मरघट चली--
अश्रु कितने दृगों में पिरोता गया ||

#जिन्दगी_का_सच

8 Love

#myvoice #nojoto #poem

8 Love
71 Views

"Happy New Year दीप्त होकर सूर्य देखो गान मंगल गा रहा । कुछ हसीं पल बाँध नूतन साल देखो आ रहा । व्यर्थ की चिंता तजो नववर्ष का स्वागत करो-- संग अपने यह नवल इतिहास स्वर्णिम ला रहा ।। ✍अरविन्द त्रिवेदी आपको सपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं"

Happy New Year दीप्त होकर सूर्य देखो गान मंगल गा रहा ।
कुछ हसीं पल बाँध नूतन साल देखो आ रहा ।
व्यर्थ की चिंता तजो नववर्ष का स्वागत करो--
संग अपने यह नवल इतिहास स्वर्णिम ला रहा ।।


        ✍अरविन्द त्रिवेदी

आपको सपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

आप सभी साथियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

7 Love
3 Share

"जनवरी आ गई साल आया नया, दिल तुम्हारे लिए बस मचलता रहा । छोड़कर जब मुझे तुम अकेले चलीं, याद में फिर तुम्हारी भटकता रहा ।। ✍अरविन्द त्रिवेदी"

जनवरी आ गई साल आया नया,
दिल तुम्हारे लिए बस मचलता रहा ।
छोड़कर जब मुझे तुम अकेले चलीं,
याद में फिर तुम्हारी भटकता रहा ।।


         ✍अरविन्द त्रिवेदी

#Nojoto

7 Love
1 Share