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paras Lives in Ahmedabad, Gujarat, India

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"Very Nice Poem About Life , समय चला , पर कैसे चला, पता ही नहीं चला , ज़िन्दगी की आपाधापी में , कब निकली उम्र हमारी यारो , *पता ही नहीं चला ,* कंधे पर चढ़ने वाले बच्चे , कब कंधे तक आ गए , *पता ही नहीं चला ,* किराये के घर से शुरू हुआ था सफर अपना , कब अपने घर तक आ गए , *पता ही नहीं चला ,* साइकिल के पैडल मारते हुए हांफते थे उस वक़्त, कब से हम कारों में घूमने लगे हैं , *पता ही नहीं चला ,* कभी थे जिम्मेदारी हम माँ बाप की , कब बच्चों के लिए हुए जिम्मेदार हम , *पता ही नहीं चला ,* एक दौर था जब दिन में भी बेखबर सो जाते थे , कब रातों की उड़ गई नींद , *पता ही नहीं चला ,* जिन काले घने बालों पर इतराते थे कभी हम , कब सफेद होना शुरू हो गए *पता ही नहीं चला ,* दर दर भटके थे नौकरी की खातिर , कब रिटायर हो गए समय का , *पता ही नहीं चला ,* बच्चों के लिए कमाने बचाने में इतने मशगूल हुए हम , कब बच्चे हमसे हुए दूर , *पता ही नहीं चला ,* भरे पूरे परिवार से सीना चौड़ा रखते थे हम , अपने भाई बहनों पर गुमान था , उन सब का साथ छूट गया , कब परिवार हम दो पर सिमट गया , *पता ही नहीं चला ,* अब सोच रहे थे अपने लिए भी कुछ करे , पर शरीर ने साथ देना बंद कर दिया , *पता ही नहीं चला* It's truth of life"

Very Nice Poem About Life ,

समय चला , पर कैसे चला,
 पता ही नहीं चला , 
 ज़िन्दगी की आपाधापी में ,
कब निकली उम्र हमारी यारो ,
*पता ही नहीं चला ,*

कंधे पर चढ़ने वाले बच्चे ,
        कब कंधे तक आ गए ,
*पता ही नहीं चला ,*

किराये के घर से शुरू हुआ था सफर अपना ,
  कब अपने घर तक आ गए ,
*पता ही नहीं चला ,*

साइकिल के पैडल मारते हुए                      हांफते थे उस वक़्त, 
कब से हम कारों में घूमने लगे हैं ,
*पता ही नहीं चला ,*

कभी थे जिम्मेदारी हम माँ बाप की ,
कब बच्चों के लिए हुए जिम्मेदार हम ,
*पता ही नहीं चला ,*

एक दौर था जब दिन में भी 
            बेखबर सो जाते थे ,
कब रातों की उड़ गई नींद ,
*पता ही नहीं चला ,*

जिन काले घने बालों पर 
     इतराते थे कभी हम ,
कब सफेद होना शुरू हो गए
*पता ही नहीं चला ,*

दर दर भटके थे नौकरी की खातिर ,
        कब रिटायर हो गए  समय  का ,
*पता ही नहीं चला ,*

बच्चों के लिए कमाने बचाने में   
                       इतने मशगूल हुए हम ,
                        कब बच्चे हमसे हुए दूर ,
*पता ही नहीं चला ,*

भरे पूरे परिवार से सीना चौड़ा रखते थे हम ,
अपने भाई बहनों पर गुमान था ,
  उन सब का साथ छूट गया ,
कब परिवार हम दो पर सिमट गया ,
*पता ही नहीं चला ,* 

अब सोच रहे थे  अपने 
                             लिए भी कुछ करे ,
         पर शरीर  ने साथ देना बंद कर दिया ,
*पता ही नहीं चला*
It's truth of life

 

5 Love

"Waiting....there is no waiting for anything in today's life. With only one click you can do anything and that's why people doesn't have bit of patience which leads to stress and mental mass. so..try to wait and keep patience things will be okay."

Waiting....there is no waiting for anything in today's life.
With only one click you can do anything and that's why people doesn't have bit of patience which leads to stress and mental mass. 

so..try to wait and keep patience things will be okay.

keep waiting and patience

5 Love

"pata hai andhera ghana hai par diya jalana kaha mana hai"

pata hai andhera ghana hai par diya jalana kaha mana hai

little twinkle

3 Love
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"at the time when you will stop yourselve from seeing what people are doing for happiness (roaming,chilling,travelling whatever) and start to look at inner self then you will be at solitude instead of lonliness"

at the time when you will stop yourselve from seeing what people are doing for happiness (roaming,chilling,travelling whatever) and start to look at inner self then you will be at solitude instead of lonliness

great solitude

6 Love

"we wishes our friends we wishes our relatives we wishes our parents we wishes our cousins but we always forget to ourselves"

we wishes our friends 
we wishes our relatives
we wishes our parents 
we wishes our cousins
but we always forget to ourselves

 

3 Love