Yishu Raj

Yishu Raj Lives in Bhagalpur, Bihar, India

''लगता है आज ज़िन्दगी हमसे कुछ खफा है.., चलिये छोड़िये कौन सी पहली दफा है।''

  • Latest Stories

"Under the sky कभी-कभी मैं बैठ जाता हूँ गुज़रे हुए लम्हों के पत्तों की छाँव में, सुकून दे जाती है मद्धम-मद्धम सी सरसराहटें इसकी। इन्हीं सरसराहटों में जब बरसती है सुखी-बेजान सी पत्तें मुझपर, और भिंगो जाती है इन मद्धम उदास आँखों को तो चुपके से..., चुपके से छुपा लेता हूँ इसे उन्हीं पत्तों के भीड़ में और कुछ इस क़दर ये पत्तें एहसास दिला जाती है.., तुम्हारा मेरे पास होने का इसलिए, कभी-कभी मैं बैठ जाता हूँ गुज़रे हुए लम्हों के पत्तों की छाँव में सुकून दे जाती है मद्धम-मद्धम सीं हवाएं इसकी। :-यीशू राज"

Under the sky   कभी-कभी मैं बैठ जाता हूँ
 गुज़रे हुए लम्हों के पत्तों की छाँव में,
  सुकून दे जाती है
मद्धम-मद्धम सी सरसराहटें इसकी।

इन्हीं सरसराहटों में जब
 बरसती है सुखी-बेजान सी पत्तें मुझपर,
और भिंगो जाती है इन
 मद्धम उदास आँखों को तो चुपके से..., 
चुपके से छुपा लेता हूँ इसे उन्हीं पत्तों के भीड़ में
और कुछ इस क़दर ये पत्तें 
एहसास दिला जाती है..,
तुम्हारा मेरे पास होने का इसलिए,

कभी-कभी मैं बैठ जाता हूँ
गुज़रे हुए लम्हों के पत्तों की छाँव में
सुकून दे जाती है
 मद्धम-मद्धम सीं हवाएं इसकी।
  
                                 :-यीशू राज

#कभी_कभी_मैं_बैठ_जाता_हूँ

#BENEATH_THE_TREE
#under_the_sky

#nojoto #Quotes #story #shayri #Love #yaaden #yishu #story_telling #nojotoenglish #nojotonews #Poetry #Remember

5 Love
1 Share

"अपनों से दूर जाने लगा हूँ मैं लेकिन उनका फ़िक्र करना नहीं छोड़ा, रिश्ते तो निभा सकता हूँ मैं भी पर कम्बख्त वक़्त ने रिश्ते निभाने के काबिल नहीं छोड़ा।"

अपनों से 
दूर जाने लगा हूँ मैं
लेकिन उनका  फ़िक्र करना
 नहीं छोड़ा,
 रिश्ते तो निभा सकता हूँ मैं भी
पर कम्बख्त वक़्त ने
रिश्ते निभाने के काबिल नहीं छोड़ा।

#nojoto




#shayri #Love #yaaden #yishu #Life #Quotes #poem #Music #Stories

10 Love
1 Share

"मेरी ज़िम्मेदारियाँ मुझे रिश्ते निभाने नहीं देते, इसलिए कोई मुझे मतलबी कहता है , तो कोई कुछ और ही समझता है।"

मेरी ज़िम्मेदारियाँ 
मुझे रिश्ते निभाने नहीं देते, 
इसलिए कोई मुझे मतलबी कहता है ,
तो कोई कुछ और 
ही समझता है।

#shayri #nojoto



#Lines #poems #Stories #Quotes #yaaden #Love #reaponsebility

7 Love
1 Share

"तू मिली भी तो ऐसी उम्र में आके मुझे.., जब मालूम न था सलीक़े प्यार के अभी-अभी तो तुझसे सीख ही रहा था, प्यार के बंधन को पिडोना, इसे सँवारना। दिल की जज़्बातें जुबां पे आने हे वाले थे की अचानक! कम्बख्त तक़दीर ने अपने रास्ते ही बदल लिए। लेकिन ठहरा हुआ हूँ अभी भी मैं वहीं पर मेरा वहाँ ठहरना अब बेवज़ह सा लगने लगा है क्यूंकि साथ गुज़ारे हुए लम्हें भी धुंधले से पड़ने लगी हैं अब तो अक्सर तनहा रातों में इस बुझते हुए रिश्ते को तापा करता हूँ मैं सर को तुम्हारी कंधो पे टिका के तुम्हारी हाथों की नर्मियाँ से धीरे-धीरे सहलाते हुए सुनाया करता हूँ उस नींद की कहानी, वो नींद जो जागते हुए मिली थी तुम्हारी आग़ोश के सुकूँ में। :-यीशू"

तू मिली भी तो ऐसी उम्र में आके मुझे..,
जब मालूम न था सलीक़े प्यार के
अभी-अभी तो तुझसे सीख ही रहा था,
प्यार के बंधन को पिडोना, इसे सँवारना।
दिल की जज़्बातें जुबां पे आने हे वाले थे 
की अचानक! कम्बख्त तक़दीर ने अपने रास्ते ही बदल लिए। 
 लेकिन ठहरा हुआ हूँ अभी भी मैं वहीं 
पर मेरा वहाँ ठहरना अब बेवज़ह सा लगने लगा है 
क्यूंकि साथ गुज़ारे हुए लम्हें भी धुंधले से पड़ने लगी हैं
अब तो अक्सर तनहा रातों में इस
 बुझते हुए रिश्ते को तापा करता हूँ मैं
सर को तुम्हारी कंधो पे टिका के तुम्हारी हाथों की नर्मियाँ से
 धीरे-धीरे सहलाते हुए सुनाया करता हूँ उस नींद की कहानी,
वो नींद जो जागते हुए मिली थी तुम्हारी आग़ोश के सुकूँ में।

                                                                       :-यीशू

#मेरी_कहानी_मेरी_जुबानी

#nojoto #poem #Quotes #Shayari #Stories #Love #yaaden #Stories

10 Love
2 Share

"पहली दफा , जब हम मिले थे तुमने मुझे देखा था और मैंने तुझे, वो पल अब भी मेरी ज़िंदगी क हसीं पलों में से बहोत ही खास है। क्या तुम्हे याद है??? सूरज की लालिमा में, सुर्ख सुनहरी साहिलों पे किस क़दर प्यारी-सी बातों से हमारी शामें ढला करती थी। क्या तुम्हे याद है??? मेरा तुझसे मिलना नविश्ता था या इत्तेफ़ाक़,मुझे नहीं मालूम शायद इत्तेफ़ाक़ ही होगी क्यूँकि यदि नविश्ता होते तो मैं तेरे साथ होता और तू मेरे, खैर! तुम्हारे संग गुजारे हुए ख़ूबसूरत से लम्हें मुझे याद है, क्या तुम्हें याद है??? :- यीशु राज"

पहली  दफा ,
जब हम मिले थे 
तुमने मुझे देखा था और मैंने तुझे,
वो पल अब भी मेरी ज़िंदगी क
 हसीं पलों में से बहोत ही खास है।
क्या तुम्हे याद है???

सूरज की लालिमा में,
सुर्ख सुनहरी साहिलों पे किस क़दर 
प्यारी-सी बातों से  हमारी शामें 
ढला करती थी।
क्या तुम्हे याद है???

मेरा तुझसे मिलना नविश्ता था 
या इत्तेफ़ाक़,मुझे नहीं मालूम
शायद इत्तेफ़ाक़ ही होगी
क्यूँकि यदि नविश्ता होते 
तो मैं तेरे साथ होता
 और तू मेरे, 
खैर! तुम्हारे संग गुजारे हुए 
ख़ूबसूरत से लम्हें 
मुझे याद है,
क्या तुम्हें याद है???
                                                         
                     :- यीशु राज

#my_1st_poem

#goes_to_my_love #poem #Quotes #Stories #Shayari #Love #Yaad #Quote #story

14 Love
2 Share