Samant kamal (विदित)

Samant kamal (विदित) Lives in Faridabad, Haryana, India

मुक़म्मल क्या कहानी है,बिना तेरे बिना तेरे किसे दुनिया बसानी है, बिना तेरे बिना तेरे Mukammal kya kahani hai bina tere bina tere Kise duniya basaani hai bina tere bina tere

bit.ly/kamalsamantt

  • Popular
  • Latest
  • Video

""

"जो भी कहती है वो मैं मान लेता हूँ बाकी बातें आँखों से जान लेता हूँ मुझें वो दोस्त जब भी याद करती है उसे मैं हिचकी से पहचान लेता हूँ ~सामंत कमल"

जो भी कहती है वो मैं  मान लेता हूँ
बाकी बातें  आँखों से जान  लेता हूँ

मुझें वो दोस्त जब भी याद करती है
उसे मैं हिचकी से  पहचान  लेता  हूँ

~सामंत कमल

मतला और शेर! ❤️❤️❤️
#Nojoto #gazal #Love #Delhi #Poetry #Nojotohindi #urdu

176 Love
14 Share

""

"खिड़की पर आया करती थी बस मुझकों देखा करती थी होठों पर रह जाती बातें आँखों से बोला करती थी ~सामंत कमल"

खिड़की पर आया करती थी
बस  मुझकों देखा  करती थी

होठों   पर  रह   जाती  बातें
आँखों  से  बोला  करती थी

~सामंत कमल

मतला और शे'र 💟💟
#nojotohindi #urdu #Poetry #Love #hindipoetry

126 Love
3 Share

""

"देखा करता हूँ मैं उसको उसनें बस इग्नोर किया है फ़ोन बराबर करती है अब हमकों वक़्त नहीं मिलता है"

देखा  करता  हूँ मैं उसको
उसनें बस इग्नोर किया है

फ़ोन बराबर करती है अब
हमकों वक़्त नहीं मिलता है

#nojotohindi #urdu #Poetry #gazal #nojoto

124 Love
10 Share

""

"चुप ही रहना सबसे अच्छा चुप रहना कुछ भी बोले बस हां कहना चुप रहना सच बोलो तो आवाज़े दब जाती है कब से तुमकों बोल रहा था चुप रहना क्या कहता हूं क्या क्या समझा जाता है अच्छा होगा मेरा रहना चुप रहना"

चुप  ही रहना  सबसे अच्छा चुप रहना
कुछ भी बोले बस हां कहना चुप रहना

सच  बोलो  तो  आवाज़े  दब जाती है
कब से तुमकों बोल रहा था चुप रहना

क्या कहता हूं क्या क्या समझा जाता है
अच्छा   होगा   मेरा  रहना  चुप   रहना

ग़ज़ल से मतला और दो शेर!

#gazal #Nojoto #Poetry #Love #sher

122 Love
10 Share

""

"2122,2122,2122,212 नफ़रतों के है ये बादल, बादलों पर आँख रख आग की अब होगी बारिश, बारिशों पर आँख रख है चुनावी खेल सारा, राहते जो मिल रही इन सियासी शातिरों की, चाहतों पर आँख रख भाई अब तो हद हुई आलू से सोना भी मिले जो दिखातें है ये जादू, जादुओं पर आँख रख कुछ तो इनमें टोपी वाले, मंदिरों में जायेगे मस्जिदों में भगवा धारी, सुर्खियों पर आँख रख बस चले तो मार दे ये, आदमी को जान से सीट के पीछे है पागल, पागलों पर आँख रख ~सामंत कमल"

2122,2122,2122,212

नफ़रतों के है  ये  बादल,  बादलों  पर  आँख  रख
आग की अब होगी बारिश, बारिशों पर आँख रख

है  चुनावी   खेल   सारा,  राहते   जो  मिल   रही
इन सियासी शातिरों की, चाहतों पर  आँख  रख

भाई अब तो हद  हुई  आलू  से  सोना  भी  मिले
जो दिखातें है  ये  जादू, जादुओं  पर  आँख  रख

कुछ  तो  इनमें  टोपी  वाले,  मंदिरों   में  जायेगे
मस्जिदों में  भगवा धारी, सुर्खियों पर आँख रख

बस  चले  तो  मार  दे  ये, आदमी  को  जान  से
सीट के पीछे है  पागल,  पागलों  पर  आँख रख

~सामंत कमल

#gazal #Nojoto #Poetry #election #Hindi #urdu #Nojotohindi

87 Love
4 Share