आकाश चारण

आकाश चारण Lives in Ajmer, Rajasthan, India

ये जो लड़कियाँ है मानो खिड़कियाँ है दूर किसी मंजिल की ये छोटी पगडंडिया है आकाश चारण "अर्श"

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"थार घास से महरूम जरूर है किन्तु कविताओं से नहीं इसीलिए आज भी थार में अपनेपन की खुशबू है जो चहुँओर बिखर रही है आकाश चारण "अर्श""

थार घास से महरूम जरूर है
किन्तु कविताओं से नहीं
इसीलिए आज भी थार में
अपनेपन की खुशबू है
जो चहुँओर बिखर रही है

आकाश चारण "अर्श"

मुझे इसका क़तई इल्म नहीं
कि कविता कैसे लिखी जाती है
आखिर कैसे कोरे कागज पर
कुछ लकीरें उकेरी जाती है
मुझे इसका क़तई इल्म नहीं है
लेकिन फिर भी मैं लिखता हूँ
या लिखने की कोशिश करता हूँ
क्योंकि मैं जान चुका हूँ

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"तू कभी यू ही कही पर ले चल मुझको अकेले जहाँ तेरी मुस्कराहट के सिवा कुछ और ना हो ए जिंदगी... मेरी जिंदगी ए जिंदगी... मेरी जिंदगी मन की गली में फिर खिले वो फूल सारे मुरझाए हुवे फिर से लगे बहने नदी उन रास्तों पर जो थे सूखे हुवे आ जा फिर से टहल ले उन्ही रास्तों पर थोड़ा ए जिंदगी... मेरी जिंदगी ए जिंदगी... मेरी जिंदगी आकाश चारण "अर्श""

तू कभी यू ही कही पर
ले चल मुझको अकेले
जहाँ तेरी मुस्कराहट
के सिवा कुछ और ना हो
ए जिंदगी... मेरी जिंदगी
ए जिंदगी... मेरी जिंदगी

मन की गली में फिर खिले
वो फूल सारे मुरझाए हुवे
फिर से लगे बहने नदी
उन रास्तों पर जो थे सूखे हुवे
आ जा फिर से टहल ले
उन्ही रास्तों पर थोड़ा
ए जिंदगी... मेरी जिंदगी
ए जिंदगी... मेरी जिंदगी

आकाश चारण "अर्श"

#_जिंदगी
#_मन_की_गली
#_मेरी_जिंदगी

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हम थे जहां खामोश खड़े

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"हमी को हमी से जुदा न करो ए मुहोब्बत हमे खफा न करो इंसान ही तुम रहने तो यहां पे ए दुनिया वालो खुदा न करो सीधे साधे है यहां पर ये रिश्ते मतलब से इन्हें पेजीदा न करो जो गए तुम्हे तन्हा छोड़ कर उन बेफवाओ से वफ़ा न करो तोड़ दो उन पुरानी रश्मो को दिल को दिल से जुदा न करो हो सके तो तू चल मुस्करा कर किसी की हँसी से जला न करो हसीं है ये दुनिया हसीं है ये लोग खंजर ले के गले मिला न करो अगर ले ले कोई जान, यार तो किसी के आगे गिला न करो अर्श हम तो है दिल लगाने वाले रुसवा होकर हमसे मिला न करो आकाश चारण "अर्श""

हमी को हमी से जुदा न करो
ए मुहोब्बत हमे खफा न करो

इंसान ही तुम रहने तो यहां पे
ए दुनिया वालो खुदा न करो

सीधे साधे है यहां पर ये रिश्ते
मतलब से इन्हें पेजीदा न करो

जो गए तुम्हे तन्हा छोड़ कर
उन बेफवाओ से वफ़ा न करो

तोड़ दो उन पुरानी रश्मो को
दिल को दिल से जुदा न करो

हो सके तो तू चल मुस्करा कर
किसी की हँसी से जला न करो

हसीं है ये दुनिया हसीं है ये लोग
खंजर ले के गले मिला न करो

अगर ले ले कोई जान, यार तो
किसी के आगे गिला न करो

अर्श हम तो है दिल लगाने वाले
रुसवा होकर हमसे मिला न करो

आकाश चारण "अर्श"

जुदा न करो
@Fateh Chauhan @Laxmi Kumari

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"मुद्दतो बाद वो हमें याद आए है आज खुद ही खुद को भुलाए है अचंभित है देख कर के ये दुनिया किस कदर वो अब हम में समाए है"

मुद्दतो बाद वो हमें याद आए है
आज खुद ही खुद को भुलाए है

अचंभित है देख कर के ये दुनिया
किस कदर वो अब हम में समाए है

मुद्दतो बाद वो हमें याद आए है
आज खुद ही खुद को भुलाए है

अचंभित है देख कर के ये दुनिया
किस कदर वो अब हम में समाए है

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