Gaurav Christ

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जानिए आप कौन है । वे न तो कुछ समझते और न कुछ जानते हैं , परन्तु अन्धेरे में चलते फिरते रहते हैं ; पृथ्वी की पूरी नींव हिली हुई है ( भजनसंहिता ८२ ; ५ ) । बहुत से लोग जो जीवन में शिकार है वे वास्तव में शैतान के नही किंतु अज्ञानता के शिकार है । होशे ४ ; ६ में परमेश्वर ने कहा , “ मेरी प्रजा मेरे ज्ञान के ना होने से नष्ट हो गई . . . " । उसने नहीं कहा कि उसके लोग शैतान के द्वारा नष्ट होते है । इसके विषय में सोचिए : आप क्या करेंगे या आप जीवन को कैसे जीएँगे अगर आप खोज ले कि कोई भी बीमारी अपने आपको आपके शरीर पर नहीं बाँध सकती ? अगर आपने खोज लिया कि आपके पास एक ऐसा जीवन है जो असफल होने के अयोग्य है , एक ऐसा जीवन जिसको हराया या नष्ट नहीं किया जा सकता ; यह आपकी मानसिकता को किस तरह प्रभावित करेगा ? यह निश्चित रूप से आपके अपने विषय में विचारों को बदल देगा । बहुत साल पहले परमेश्वर के वचन में यह मेरी खोजे थी । किंतु बहुत से लोग इन सच्चाईयो के साथ परिचित नही है , उसके परिणामस्वरूप वे उनके जीवनो को शरीर के स्तर से नापते है , जो वे उनकी प्राकृतिक इंद्रियो से देख सकते है । _ _ _ आपका जीवन उस जानकारी पर आधारित है जो आप ग्रहण करते है । आपके जीवन का स्तर आपके ज्ञान तक सीमित है । कोई भी व्यक्ति उसके ज्ञान के स्तर के परे नही जी पाया । अगर आपके पास परमेश्वर के वचनो का ज्ञान है , तो वह आपके जीवन में अंतर पैदा करेगा । हमारा आरंभिक वचन कहता है कि , " वे न तो कुछ समझते और न कुछ जानते हैं , परन्तु अन्धेरे में चलते फिरते रहते हैं ; पृथ्वी की पूरी नींव हिली हुई है ” । यही कारण है कि बहुत सी परमेश्वर की संताने जीवन में संघर्ष कर रही है । वे नही जानते है कि वास्तव में नई सृष्टि है कौन । जब परमेश्वर के वचन की वास्तविकता और आप मसीह में कौन है , आपमें घर कर लेती है , तो अचानक ही आप एक संपूर्ण आत्मविश्वास और स्वंतत्रता के स्थान में आ जाएँगे , जहाँ पर आप जान जायेंगे कि विश्व निर्धारित नही करता कि आपके साथ क्या होता है । आप यीशु की तरह हो जायेंगे , जिसके पास कमी की कोई मानसिकता नहीं थी । हमे यही जीवन देने के लिए वह आया , और जैसे ही आप वचन का अध्ययन और मनन करेंगे , ना केवल आप मसीह में अपने उत्तराधिकार को खोजेंगें , आप उसके साथ संबंध रखने के विश्वास को भी ग्रहण कर लेंगे और उसका आनंद उठा पाएगें जो परमेश्वर ने स्वयं में आपके लिए उपलब्ध करा दिया है । सदा के लिए उसके नाम की महिमा हो ! आप मेरे साथ दुहरा सकते हैं। मेरा हृदय ज्ञान और आत्मिक समझ से भरा हुआ है ! मैं जानता हूँ मैं कौन हूँ ; परमेश्वर का एक उत्तराधिकारी और मसीह के साथ उत्तराधिकारी । मैं जानता हूँ कि मसीह में मेरा क्या है । मैं कमी , बीमारी , रोग , हार , और इस विश्व के सारे कारको के ऊपर जीता हूँ । मेरा जीवन केवल आगे और ऊपर के लिए है , महिमा से महिमा में , विश्वास से विश्वास में , और अनुग्रह से अनुग्रह में ! आमीन ।

https://youtu.be/F_NIVf794PE

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वह हमे उसके प्रकाश में चलाता है । तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक , और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है ( भजन संहिता ११९ ; १०५ ) । परमेश्वर का वचन प्रकाश है , वह सच्चा प्रकाश, जो हर व्यक्ति को प्रकाशित करता है। जो इस विश्व में आता है । हमारा आरंभिक वचन जीवन में हमे दिशा देने के लिए वचन की सेवकाई को बताता है । प्रकाश एक काम करता है : यह दिशा देता है ; यह रास्ता दिखाता है । जब तक आप प्रकाश को शुरू नहीं करते है; तब तक आप नहीं जान पाते है; कि अंधकार में क्या ह

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आपकी आत्मा में वचन ।
और उद्धार का टोप , और आत्मा की तलवार , जो परमेश्वर का वचन है , ले लो ( इफिसियो ६ ; १७ ) । २कुरिंथियो १० ; ३ कहता है , क्योंकि यद्यपि हम शरीर में चलते फिरते हैं , तौभी शरीर के अनुसार नहीं लड़ते " । हम एक भौतिक लड़ाई में नहीं है ; यह आत्मिक है , और हमारा हथियार परमेश्वर का वचन है ; आत्मा की तलवार । जैसे ही आप परमेश्वर के वचन को मुक्त करते है - परमेश्वर के रेहमा को - आप आत्मा के स्तर में लड़ाई के लिए आगे बढ़ रहे है । सामर्थ मुक्त होती है, जो शत्रु को हिला देती है । मनन का यही

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जानिए आप कौन है । वे न तो कुछ समझते और न कुछ जानते हैं , परन्तु अन्धेरे में चलते फिरते रहते हैं ; पृथ्वी की पूरी नींव हिली हुई है ( भजनसंहिता ८२ ; ५ ) । बहुत से लोग जो जीवन में शिकार है वे वास्तव में शैतान के नही किंतु अज्ञानता के शिकार है । होशे ४ ; ६ में परमेश्वर ने कहा , “ मेरी प्रजा मेरे ज्ञान के ना होने से नष्ट हो गई . . . " । उसने नहीं कहा कि उसके लोग शैतान के द्वारा नष्ट होते है । इसके विषय में सोचिए : आप क्या करेंगे या आप जीवन

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क्या आपको पता है, परमेश्वर ने सारी सृष्टि को कैसे बनाया ? परमेश्वर ने अपने शब्द कहे, और ब्रह्मांड और इसमें कि सारी वस्तुएं, उत्पन्न हो गई। सारा ब्रह्मांड आज भी परमेश्वर और उसके पुत्र ईशु के; अधीन है। यही कारण है, कि यीशु के वचनों द्वारा, कई बीमार चंगे हो गए। और कई चिन्ह और चमत्कार आज भी उसके वचनों से, विश्व के कई भागों में हो रहे हैं।। आज का हमारा विषय है। "हर वस्तु मसीह के अधीन है। वह बोल ही रहा था; कि देखो , एक उजले बादल ने उन्हें ढक लिया , और देखो , उ

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