Shivam Singh Sisodiya 'Ashru'

Shivam Singh Sisodiya 'Ashru'

कवि शिवम् सिंह सिसौदिया 'अश्रु' जन्मतिथि 26 जनबरी 1995

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"हर कोई हमेशा के लिए मिलता रहे ज़रूरी तो नहीं | दिल में कोई है ही हर वक्त जब तो यह दूरी तो नहीं | अक्सर कर लेते हैं मुलाकात लोग गैरों से भी तो, हर बार बस अपनों से ही न मिलना मजबूरी तो नहीं ||"

हर कोई हमेशा के लिए मिलता रहे ज़रूरी तो नहीं |
दिल में कोई है ही हर वक्त जब तो यह दूरी तो नहीं |
अक्सर कर लेते हैं मुलाकात लोग गैरों से भी तो,
हर बार बस अपनों से ही न मिलना मजबूरी तो नहीं ||

ज़रूरी, दूरी और मजबूरी

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"नभ के हिय में लगा घाव ही मेघ है | आँसुओं सा मेरा भाव ही मेघ है | 'अश्रु' बूँदें गिरीं तो ये बारिश हुई, मेरे नयनों का ठहराव ही मेघ है || कवि शिवम् सिंह सिसौदिया 'अश्रु'"

नभ के हिय में लगा घाव ही मेघ है |
आँसुओं सा मेरा भाव ही मेघ है |
'अश्रु' बूँदें गिरीं तो ये बारिश हुई,
मेरे नयनों का ठहराव ही मेघ है ||

कवि शिवम् सिंह सिसौदिया 'अश्रु'

नभ के हिय में लगा घाव ही मेघ है |
आँसुओं सा मेरा भाव ही मेघ है |
'अश्रु' बूँदें गिरीं तो ये बारिश हुई,
मेरे नयनों का ठहराव ही मेघ है ||

कवि शिवम् सिंह सिसौदिया 'अश्रु'

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"दो शूल चुभा अनगिन तन में, दो डाल मुझे कंटक वन में | दो मुझे चीखने पीड़ा से, बहने दो रुधिर मेरा कण-कण | हाँ जाओ चले खुशियों के क्षण || ©® कवि शिवम् सिंह सिसौदिया अश्रु 💧"

दो शूल चुभा अनगिन तन में,
दो डाल मुझे कंटक वन में |
दो मुझे चीखने पीड़ा से,
बहने दो रुधिर मेरा कण-कण |
हाँ जाओ चले खुशियों के क्षण ||

©®
कवि शिवम् सिंह सिसौदिया
अश्रु 💧

हाँ जाओ चले खुशियों के क्षण

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"आँखों में अश्रु घनेरे दो, हाँ घाव हृदय बहुतेरे दो | लो सब बटोर सुख के मोती, भर दो पीड़ाओं से दामन, हाँ जाओ चले खुशियों के क्षण || कवि शिवम् सिंह सिसौदिया"

आँखों में अश्रु घनेरे दो,
हाँ घाव हृदय बहुतेरे दो |
लो सब बटोर सुख के मोती,
भर दो पीड़ाओं से दामन,
हाँ जाओ चले
 खुशियों के क्षण ||

कवि शिवम् सिंह सिसौदिया

हाँ जाओ चले खुशियों के क्षण

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"#डर "ज़िंदगी" सिर्फ सुख की नहीं है डगर ज़िंदगी | है कँटीले से पथ का सफर ज़िंदगी | घुटते घुटते ही बस कोई जी लेता है, जब ये बन जाती एक डर ज़िंदगी ||"

#डर   "ज़िंदगी"



सिर्फ सुख की नहीं है डगर ज़िंदगी |
है कँटीले से पथ का सफर ज़िंदगी |
घुटते घुटते ही बस कोई जी लेता है,
जब ये बन जाती एक डर ज़िंदगी ||

डर ज़िंदगी

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