Shivam Mishra

Shivam Mishra Lives in New Delhi, Delhi, India

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मुकरियाँ

छोट बड़े सब सड़क पे आए,
देखी कबहुँ न ऐसी डीलिंग ।

आफत आयी सबै के ऊपर
का सखी भुंइडोल? ना सखी सीलिंग ।
........//...... शिवम मिश्र "मुसाफ़िर"

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"कितने सवाले ग़ौर हैं, मैं किस-किस को हल करूँ ? महफ़िल में और लोग हैं, सब हमीं को क्या पता ? आसमां की तन्हाइयां, जो रो रहा है वो... बारिश नहीं, आंसुओं की धार है, ये जमीं को क्या पता ? यूं बारिशों के बाद, नमीं देखने वालों... जो तकलीफ़ सुखन की थी, वो इस नमीं को क्या पता ? महफ़िल में और लोग हैं, सब हमीं को क्या पता? ---//--//--शिवम "मुसाफ़िर""

कितने सवाले ग़ौर हैं, मैं किस-किस को हल करूँ ?
महफ़िल में और लोग हैं, सब हमीं को क्या पता ?

आसमां की तन्हाइयां, जो रो रहा है वो...
बारिश नहीं, आंसुओं की धार है, ये जमीं को क्या पता ?

यूं बारिशों के बाद, नमीं देखने वालों...
जो तकलीफ़ सुखन की थी, वो इस नमीं को क्या पता ?

महफ़िल में और लोग हैं, सब हमीं को क्या पता?
---//--//--शिवम "मुसाफ़िर"

#Emotion #बारिश #हम

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"वो रोटियों की पुपलियाँ, भी क्या लाजवाब थीं.. ये आज की मैगी, भले यमीं को क्या पता ? तुम ठीक हो , भरपूर हो, घबराया मत करो.. तुम जानते हो , तुम्हारे अंदर की इक कमीं को क्या पता ? तुम उसके आये फ़ोन को , महफिलों में बैठे काट देते हो.. तुम्हारे ज़ेहन में वो नहीं, बूढ़ी मां के गहरे यकीं को क्या पता ? कितने सवाले ग़ौर हैं, किस- किस को हल करूं.. महफ़िल में और लोग हैं, सब हमीं को क्या पता ? --///----///---//--शिवम "मुसाफ़िर""

वो रोटियों की पुपलियाँ, भी क्या लाजवाब थीं..
ये आज की मैगी, भले यमीं को क्या पता ?

तुम ठीक हो , भरपूर हो, घबराया मत करो..
तुम जानते हो , तुम्हारे अंदर की इक कमीं को क्या पता ?

तुम उसके आये फ़ोन को , महफिलों में बैठे काट देते हो..
तुम्हारे ज़ेहन में वो नहीं, बूढ़ी मां के गहरे यकीं को क्या पता ?

कितने सवाले ग़ौर हैं, किस- किस को हल करूं..
महफ़िल में और लोग हैं, सब हमीं को क्या पता ?
--///----///---//--शिवम "मुसाफ़िर"

#सबहमींकोक्यापता #सवाल #मां #रोटियां #कमीं

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"हो किरदार कोई भी... सबकी इक कहानी है, दौलत है, शोहरत है... नहीं आंखों में पानी है । मुझे ही देखते हैं... मुझको यूँ बर्बाद करके वो, वो हैरां हैं, नहीं क्यूं अब तलक.. मैंने यूँ अपनी हार मानी है । तेरा सुख या मेरा दुःख... भला ये कब ठहरते हैं ? हवाएं सर्द गर्म सी हैं... ये बस आनी जानी हैं । मंजिल मौत है सबकी... उधर ही जा रहे हैं सब, गुमां जिस ज़िंदगी पे वो... चंद रातों की मेजबानी है । //---//--शिवम मिश्र "मुसाफ़िर" #NojotoQuote"

हो किरदार कोई भी...
सबकी इक कहानी है,
दौलत है, शोहरत है...
नहीं आंखों में पानी है ।

मुझे ही देखते हैं...
मुझको यूँ बर्बाद करके वो,
वो हैरां हैं, नहीं क्यूं अब तलक..
मैंने यूँ अपनी हार मानी है ।

तेरा सुख या मेरा दुःख...
भला ये कब ठहरते हैं ?
हवाएं सर्द गर्म सी हैं...
ये बस आनी जानी हैं ।

मंजिल मौत है सबकी...
उधर ही जा रहे हैं सब,
गुमां जिस ज़िंदगी पे वो...
चंद रातों की मेजबानी है । 
                        //---//--शिवम मिश्र "मुसाफ़िर" #NojotoQuote

Feelings Direct Dil se...
#दिल, #Shayari #शेर #ग़ज़ल #असरार #truthoflife

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"ख़ुद यूं बंट गया हूँ... ख़ुद का ही हिस्सा नही हूँ मैं । मुझे यूं भूलते हो क्यूं..? कोई किस्सा नही हूँ मैं । ये माना तेरा लाभ... अब शायद नही हूँ मैं । मैं इंसां हूँ, हो जैसे तुम... तुम्हारे खेत का बिस्सा नहीं हूं मैं। -//--//--शिवम "मुसाफ़िर""

ख़ुद यूं बंट गया हूँ...
ख़ुद का ही हिस्सा नही हूँ मैं ।
मुझे यूं भूलते हो क्यूं..?
कोई किस्सा नही हूँ मैं ।
ये माना तेरा लाभ...
अब शायद नही हूँ मैं ।
मैं इंसां हूँ, हो जैसे तुम...
तुम्हारे खेत का बिस्सा नहीं हूं मैं।
           -//--//--शिवम "मुसाफ़िर"

#Life #जीवन

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