Hurhuzh cheuche

Hurhuzh cheuche Lives in Indore, Madhya Pradesh, India

mun digaram, tu digaree

  • Popular
  • Latest
  • Repost
  • Video

Juthan #PoetryOnline @chai aur kavita @ROHIT KUMAR @poonam sharma @Rohit Parashar @Shreya pandey @poetry lover (Gk)

158 Love
6.3K Views
6 Share

""

"ए ज़िन्दगी तेरा मुझसे यूँ बरताव क्यूँ है। आखिर ये टकराव क्यूँ है। चिंतन"

ए ज़िन्दगी
 तेरा मुझसे यूँ बरताव क्यूँ है।
आखिर ये टकराव क्यूँ है।
                                            

                                       चिंतन

#International_Ask_A_Question_Day

132 Love

#StoryOnline # Part 1 Hostel Adventure

118 Love
4.8K Views
1 Share

#PoetryOnline

116 Love
1.6K Views
1 Share

""

"मन की... अटकी सी सांसे घुटता दम । खुल कर सामने आ तो लड़ ले तुझसे। ये लुकाछिपी ये चोर सिपाही ।। ये कैद सी दुनिया और जग हँसाई ।। मन मजबूत पर आंखे डबडबाई। रो लेने दे यार थोड़ा मन भर। अंदर भरी है जाने क्या सच्चाई। चीख लूँ ,चिल्ला लूँ, थोड़ा पगला लूँ। थोड़ा मन की बातें आज़मा लूँ। ये बनावटी बेमतलब की अकड़। दोस्त थोड़ी देर के लिए पकड़ ।। मैं थोड़ा सा सुस्ता लूँ। थोड़ा खुद को खुद से मिला लू। दम घुटता है बनावट से मेरा। हूँ थोड़ा ऐसा ही अजीब, पागल नहीं हूँ। ये मुखौटा है जिनकी पसंद । वो लोग मुझको नापसंद है। मन मे अजीब सी चाहें है । चल थोड़ा पगला लूँ। "चिंतन""

मन की...
अटकी सी सांसे घुटता दम ।
खुल कर सामने आ तो लड़ ले तुझसे।
ये लुकाछिपी ये चोर सिपाही ।।
ये कैद सी दुनिया और जग हँसाई ।।
मन मजबूत पर आंखे डबडबाई।
रो लेने दे यार  थोड़ा मन भर।
अंदर भरी है जाने क्या सच्चाई।
चीख लूँ ,चिल्ला लूँ, थोड़ा पगला लूँ।
 थोड़ा मन की बातें आज़मा लूँ।
ये बनावटी बेमतलब की अकड़।
 दोस्त थोड़ी देर के लिए पकड़ ।।
मैं थोड़ा सा सुस्ता लूँ।
थोड़ा खुद को खुद से मिला लू।
दम घुटता है बनावट से मेरा।
हूँ थोड़ा ऐसा ही अजीब, पागल नहीं हूँ।
ये मुखौटा है जिनकी पसंद ।
 वो लोग मुझको नापसंद है।
मन मे अजीब सी चाहें है ।
चल थोड़ा पगला लूँ।
                                            "चिंतन"

#मन की उधेड़बुन #अटपटी राहें #बेकार की बातें

115 Love