Vikas Sharma Shivaaya'

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👆नाम -विकास शर्मा "शिवाया" कार्य - Affirmations Coach- Actor (अभिनेता)- Author(लेखक)- Anchor (मंच संचालक ) -Blogger- Business Consultant (व्यापारिक सलाहकार )- Motivational Speaker- Spirtual Counselor- Social Worker- Singer (Bhajan-Bollywood-Gajal ) & Social Activist Voiceover Artist Work Experience-32 year's in Sales-Marketing & Administration in various industries like Consumer Durable-Real estate-Hospitality-Media-Inteeior Exterior-Courier Cargo-Events ई मेल -ujagarsamacharbaba2020@gmail.com दूरभाष -8619753510 28 सालों से पत्रकारिता एवं लेखन से जुड़ाव , राष्ट्रीय स्तर पर कई सरकारी एवं निजी कार्यक्रमों का मंच सञ्चालन राष्ट्रीय स्तर के कवि समेल्लन का मंच सञ्चालन फेसबुक -व्हाट्सप एवं अन्य ऑनलाइन पटलों पर लाइव कबिता पाठ राष्ट्रीय स्तर पर गायन -वाद विवाद -सामान्य ज्ञान -लेखन -कविता पाठ एवं समाज सेवा के क्षेत्र में कई पुरस्कार प्राप्त किंडल अमेजॉन द्वारा 4 किताबें प्रकाशित :- 1-बेगुनाह या गुनहगार -A Real Life Story (Part-1) 2-कोरोना और रिश्ते (Part-1) 3-अनकहे अनसुलझे सवाल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से 4-रावण से राम तक -Negativity to Positivity 7अन्य किताबें अभी लिखी जा रही हैं..., 2021 में फिल्म निर्माण में कदम ..., टीवी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 7 शोज की भूमिका एवं एक धारावाहिक की भूमिका तैयार

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✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 🇮🇳वन्देमातरम🇨🇮 बाईस साल पहले हिमाचल प्रदेश के एक गाँव से एक पत्र रक्षा मंत्रालय के पास पहुँचा...🇮🇳 पत्र लिखने वाले एक स्कूल के शिक्षक थे...🇨🇮 उन्होंने अनुरोध किया था कि यदि संभव हो तो क्या उन्हें और उनकी पत्नी को उस स्थान को देखने की अनुमति दी जा सकती है ?🇮🇳 जहाँ कारगिल युद्ध में उनके इकलौते पुत्र की मृत्यु हुई थी 🇨🇮 उनकी पहली मृत्यु की बरसी 07/07/2000 को थी, उनका कहना था कि यदि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के विरुद्ध है तो उस स्थिति में वे अपना आवेदन वापस ले लेंगे🇮🇳 पत्र पढ़ने वाले विभाग के अधिकारी ने सोचा कि उस शहीद के माता पिता के दौरे को प्रोयोजित करने में काफी रकम का खर्च आयेगा। पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके दौरे की कीमत क्या है...🇨🇮 पत्र पाने वाले उस अधिकारी ने सोचा कि अगर विभाग तैयार नहीं होता तो इस दौरे के खर्च को वह अपने वेतन से भुगतान कर देगा...🇮🇳 उसने एक आदेश जारी किया कि उस शिक्षक और उनकी पत्नी को उस स्थान पर ले जाया जाए जहाँ उनका इकलौता बेटा शहीद हुए था...🇨🇮 अतः उस दिवंगत नायक के स्मरण दिवस पर बुजुर्ग दंपत्ति को सम्मान के साथ बुलाया गया...🇮🇳 जब उन्हें उस स्थान पर ले जाया जा रहा था जहाँ उनका पुत्र शहीद हुए था तो ड्यूटी पर मौजूद सभी लोगों ने खड़े होकर सलामी दी...🇨🇮 लेकिन एक सिपाही ने उन्हें फूलों का गुच्छा दिया और झुककर उनके पैर छुए। दोनों माँ-बाप की आँखें पोंछीं और उन्हें प्रणाम किया...🇮🇳 शिक्षक ने कहा: आप एक वरिष्ठ अधिकारी हैं। आप मेरे पैर क्यों छूते हो?🇨🇮 "ठीक है, सर!" उस अधिकारी ने कहा...🇮🇳 "मैं यहाँ अकेला हूँ जो उस समय आपके बेटे के साथ था,जिसने आपके बेटे की वीरता को मैदान पर देखा था। पाकिस्तानी अपने एल.एम.जी. से प्रति मिनट सैकड़ों गोलियां दाग रहे थे। हम में से पाँच जवान तीस फीट की दूरी तक आगे बढ़े। हम एक चट्टान के पीछे छिपे हुए थे...🇨🇮 मैंने कहा: " सर, मैं 'डेथ चार्ज' के लिए उनकी गोलियों के सामने जा रहा हूँ।मैं उनके बंकर में जाकर ग्रेनेड फेंकूँगा। उसके बाद आप सब उनके बंकर पर कब्जा कर सकते हैं।"🇮🇳 मैं उनके बंकर की ओर भागने ही वाला था, लेकिन.......🇨🇮 आपके बेटे ने कहा:🇮🇳 क्या तुम पागल हो ?🇨🇮 "तुम्हारी पत्नी और बच्चे हैं...🇮🇳 "मैं अविवाहित हूँ,""मैं जाता हूँ।"🇨🇮 "आई विल डू द 'डेथ चार्ज' एंड यू डू द कवरिंग!"...🇮🇳 बिना किसी हिचकिचाहट के उसने मुझसे ग्रेनेड छीन लिया और 'डेथ चार्ज" के लिए भागे...🇨🇮 पाकिस्तान की ओर से एच.एम.जी. की गोलियां बारिश हो रही थीं.....🇮🇳 आपका बेटा उन्हें चकमा देते हुए गोलियों को अपनी छाती पर झेलते हुए पाकिस्तानी बंकर के पास पहुंचा, ग्रेनेड से पिन निकाला और उसे ठीक बंकर में फेंक दिया...🇨🇮 तेरह पाकिस्तानियों को मौत के घाट उतार दिया गया। उनका हमला समाप्त हो गया और क्षेत्र हमारे नियंत्रण में आ गया...🇮🇳 मैंने आपके बेटे का शव उठा लिया सर!उसे बयालीस गोलियां लगी थीं।मैंने उसका सिर अपने हाथों में लिया...🇨🇮 उसी वक्त पेट के बल उठकर उसने अपनी आखिरी साँस के साथ कहा; ये दिल मांगे मोर...🇮🇳 🇨🇮"जय हिंद!"🇮🇳 मैंने अपने सीनियर से कहा कि वह आपके बेटे के ताबूत को आपके गाँव लाने की अनुमति दे! लेकिन उसने मना कर दिया🇨🇮 मुझे इन फूलों को उनके चरणों में रखने का सौभाग्य कभी नहीं मिला...🇮🇳 लेकिन मुझे उन्हें आपके चरणों में रखने का सौभाग्य मिला रहा है, श्रीमान.....🇨🇮 शिक्षक की पत्नी अपने पल्लू के कोने में धीरे से रो रही थी, लेकिन शिक्षक नहीं रोया......🇮🇳 उस शिक्षक ने जवान से कहा कि मैंने अपने बेटे के छुट्टी पर आने पर पहनने के लिए एक शर्ट खरीदी थी !लेकिन वो कभी घर नहीं आया और कभी आएगा भी नहीं...🇨🇮 सो मैं वो शर्ट वहीं रखने को ले आया हूं जहाँ पर वो शहीद हुए था.....🇮🇳 पर अब आप इसे क्यों नहीं पहन लेते बेटा....🇨🇮 कारगिल के इस नायक का नाम था कैप्टन विक्रम बत्रा...🇮🇳 उनके शिक्षक पिता का नाम गिरधारी लाल बत्रा है...🇨🇮 उनकी माता का नाम कमल कांता है...🇮🇳 मेरे प्यारे दोस्तों।, यही हमारे असली हीरो हैं....🇨🇮 जय हिन्द🇮🇳 ,नमन🙋‍♂️ कैप्टन विक्रम बत्रा सर 🫡को🙏🇮🇳 अपनी दुआओं में हमें याद रखें 🙏 बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....! 🙏सुप्रभात 🌹 आपका दिन शुभ हो विकास शर्मा'"शिवाया" "सर्वधर्म समाधान " नमस्कार मित्रों , कहते हैं होइ वही जो राम राखा ,2012 से अचानक अध्यात्म ने आकर्षित किया -कुछ ऐसे संजोग बने जहाँ अधिकांशतः अध्यात्म और आध्यात्मिकता से जुड़े लोगों का सानिधाय और आशीर्वाद प्राप्त होने लगा . गुरु आशीर्वाद से मैंने ताश के पत्तों के समान दिखने वालेTarot Cards( टेरो कार्ड) से कैसे आपका भूत -वर्तमान -भविष्य बिना जन्म दिनांक -समय -स्थान के एकदम सटीक जाना जा सकता है सीखा ,इसी के साथ चाइनीज़ पद्वति LO SHU GRID(लोशु ग्रिड )को समझा एवं सीखा ,साथ ही रोजमर्रा में आपकी रसोई में काम आने वाले मसलों से कैसे आपके संकटों से आपको निदान मिल सकता है जाना (Spiritual Remedies with Indian Spices),इसके अतिरिक्त किस तरह से आपके (Mobile Number Numerology)मोबाइल नंबर से आपके पूरे व्यक्तित्व को जाना जा सकता है -आपकी समस्याओं को -हारी बीमारी आदि को जाना जा सकता है -सीखा ,इनके अतिरिक्त भी बहुत सारी विधाओं को पढ़ा -समझा -एवं सीखने का प्रयास किया . अगर आप भी इन विधाओं को घर बैठे ही ऑनलाइन क्लास के माध्यम से सीख कर अपने ,अपने परिवार -समाज को एकदम सटीक -निष्पक्ष उनके बारे में बताना चाहते हैं जहाँ बिना किसी संशय /भ्रम को उत्पन्न किये हुए बिना डरा के हम उनको सही रहा दिखा सकें ,उन्हें उनके व्यक्तिगत -पारिवारिक -व्यावसायिक आदि समस्याओं का सही समाधान बता सकें ,साथ ही अपने परिवार को चलाने एवं अपनी आय में वृद्धि के लिए इच्छुक हैं तो कृपया मुझे मेरे व्यक्तिगत नंबर (+91-8619753510)पर व्हाट्सप्प (नाम -मोबाइल नंबर -स्थान -महिला /पुरुष ) करें और जो कोई भी इस माह Free Consultation (निशुल्क परामर्श) चाहते हों , व्हाट्सप्प के माध्यम से संपर्क करें ,हम जल्द ही अलग अलग कोर्सों की जानकार हेतु free webinar (मुफ़्त वेबिनार) भी Zoom पर आयोजित करने जा रहे हैं ,जो कोई भी जुड़ने के इच्छुक हों हमारे अध्यात्म सम्बंधित व्हाट्सप्प ग्रुप (सर्वधर्म समाधान से जुड़ने के लिए Interested लिखकर मुझे व्हाट्सप्प करें ). ©Vikas Sharma Shivaaya'

#समाज  ✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️

🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹

          🇮🇳वन्देमातरम🇨🇮

 बाईस साल पहले हिमाचल प्रदेश के एक गाँव से एक पत्र रक्षा मंत्रालय के पास पहुँचा...🇮🇳
 
पत्र लिखने वाले एक स्कूल के शिक्षक थे...🇨🇮

 उन्होंने अनुरोध किया था कि यदि संभव हो तो क्या उन्हें और उनकी पत्नी को उस स्थान को देखने की अनुमति दी जा सकती है ?🇮🇳

 जहाँ कारगिल युद्ध में उनके इकलौते पुत्र की मृत्यु हुई थी 🇨🇮

उनकी पहली मृत्यु की बरसी  07/07/2000 को थी,  उनका कहना था कि यदि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के विरुद्ध है तो उस स्थिति में वे अपना आवेदन वापस ले लेंगे🇮🇳

पत्र पढ़ने वाले विभाग के अधिकारी ने सोचा कि उस शहीद के माता पिता के दौरे को प्रोयोजित करने में काफी रकम का खर्च आयेगा। पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके दौरे की कीमत क्या है...🇨🇮

पत्र पाने वाले उस अधिकारी ने सोचा कि अगर विभाग तैयार नहीं होता तो इस दौरे के खर्च को वह अपने वेतन से भुगतान कर देगा...🇮🇳

उसने एक आदेश जारी किया कि उस शिक्षक और उनकी पत्नी को उस स्थान पर ले जाया जाए जहाँ उनका इकलौता बेटा शहीद हुए था...🇨🇮

अतः उस दिवंगत नायक के स्मरण दिवस पर बुजुर्ग दंपत्ति को सम्मान के साथ बुलाया गया...🇮🇳

जब उन्हें उस स्थान पर ले जाया जा रहा था जहाँ उनका पुत्र शहीद हुए था तो ड्यूटी पर मौजूद सभी लोगों ने खड़े होकर सलामी दी...🇨🇮

लेकिन एक सिपाही ने उन्हें फूलों का गुच्छा दिया और झुककर उनके पैर छुए। दोनों माँ-बाप की आँखें पोंछीं और उन्हें प्रणाम किया...🇮🇳

शिक्षक ने कहा: आप एक वरिष्ठ अधिकारी हैं। आप मेरे पैर क्यों छूते हो?🇨🇮

"ठीक है, सर!" उस अधिकारी ने कहा...🇮🇳

"मैं यहाँ अकेला हूँ जो उस समय आपके बेटे के साथ था,जिसने आपके बेटे की वीरता को मैदान पर देखा था। पाकिस्तानी अपने एल.एम.जी. से प्रति मिनट सैकड़ों गोलियां दाग रहे थे। हम में से पाँच जवान तीस फीट की दूरी तक आगे बढ़े। हम एक चट्टान के पीछे छिपे हुए थे...🇨🇮

मैंने कहा: " सर, मैं 'डेथ चार्ज' के लिए उनकी गोलियों के सामने जा रहा हूँ।मैं उनके बंकर में जाकर ग्रेनेड फेंकूँगा। उसके बाद आप सब उनके बंकर पर कब्जा कर सकते हैं।"🇮🇳

मैं उनके बंकर की ओर भागने ही वाला था, लेकिन.......🇨🇮

 आपके बेटे ने कहा:🇮🇳

क्या तुम पागल हो ?🇨🇮

"तुम्हारी पत्नी और बच्चे हैं...🇮🇳

"मैं  अविवाहित हूँ,""मैं जाता हूँ।"🇨🇮

"आई विल डू द 'डेथ चार्ज' एंड यू डू द कवरिंग!"...🇮🇳

बिना किसी हिचकिचाहट के उसने मुझसे ग्रेनेड छीन लिया और 'डेथ चार्ज" के लिए भागे...🇨🇮

पाकिस्तान की ओर से एच.एम.जी. की  गोलियां बारिश हो रही थीं.....🇮🇳

आपका बेटा उन्हें चकमा देते हुए गोलियों को अपनी छाती पर झेलते हुए पाकिस्तानी बंकर के पास पहुंचा, ग्रेनेड से पिन निकाला और उसे ठीक बंकर में फेंक दिया...🇨🇮

तेरह पाकिस्तानियों को मौत के घाट उतार दिया गया। उनका हमला समाप्त हो गया और क्षेत्र हमारे नियंत्रण में आ गया...🇮🇳

मैंने आपके बेटे का शव उठा लिया सर!उसे बयालीस गोलियां लगी थीं।मैंने उसका सिर अपने हाथों में लिया...🇨🇮

 उसी वक्त पेट के बल उठकर उसने अपनी आखिरी साँस के साथ कहा; ये दिल मांगे मोर...🇮🇳

🇨🇮"जय हिंद!"🇮🇳

मैंने अपने सीनियर से कहा कि वह आपके बेटे के ताबूत को आपके गाँव लाने की अनुमति दे! लेकिन उसने मना कर दिया🇨🇮

 मुझे इन फूलों को उनके चरणों में रखने का सौभाग्य कभी नहीं मिला...🇮🇳

लेकिन मुझे उन्हें आपके चरणों में रखने का सौभाग्य मिला रहा है, श्रीमान.....🇨🇮

शिक्षक की पत्नी अपने पल्लू के कोने में धीरे से रो रही थी, लेकिन शिक्षक नहीं रोया......🇮🇳

 उस शिक्षक ने जवान से कहा कि मैंने अपने बेटे के छुट्टी पर आने पर पहनने के लिए एक शर्ट खरीदी थी !लेकिन वो कभी घर नहीं आया और  कभी आएगा भी नहीं...🇨🇮

 सो मैं वो शर्ट वहीं रखने को ले आया हूं जहाँ पर वो शहीद हुए था.....🇮🇳

पर अब आप इसे क्यों नहीं पहन लेते बेटा....🇨🇮

 कारगिल के इस नायक का नाम था कैप्टन विक्रम बत्रा...🇮🇳

उनके शिक्षक पिता का नाम गिरधारी लाल बत्रा है...🇨🇮

उनकी माता का नाम कमल कांता है...🇮🇳

 मेरे प्यारे दोस्तों।, यही हमारे असली हीरो हैं....🇨🇮

जय हिन्द🇮🇳 ,नमन🙋‍♂️ कैप्टन विक्रम बत्रा सर 🫡को🙏🇮🇳

अपनी दुआओं में हमें याद रखें 🙏

बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....!
🙏सुप्रभात 🌹
आपका दिन शुभ हो 
विकास शर्मा'"शिवाया" 
"सर्वधर्म समाधान "

नमस्कार  मित्रों ,
कहते हैं होइ वही जो राम राखा ,2012 से अचानक अध्यात्म ने आकर्षित किया -कुछ ऐसे संजोग बने जहाँ अधिकांशतः अध्यात्म और आध्यात्मिकता से जुड़े लोगों का सानिधाय और आशीर्वाद प्राप्त होने लगा .
गुरु आशीर्वाद से मैंने ताश के पत्तों के समान  दिखने वालेTarot Cards( टेरो कार्ड) से कैसे आपका भूत -वर्तमान -भविष्य बिना जन्म दिनांक -समय -स्थान के एकदम सटीक जाना जा सकता है सीखा ,इसी के साथ चाइनीज़ पद्वति LO SHU GRID(लोशु ग्रिड )को समझा एवं  सीखा ,साथ ही रोजमर्रा में आपकी रसोई में काम आने वाले मसलों से कैसे आपके संकटों से आपको निदान मिल सकता है जाना (Spiritual Remedies with Indian Spices),इसके अतिरिक्त किस तरह से आपके (Mobile Number Numerology)मोबाइल नंबर  से आपके पूरे व्यक्तित्व को जाना जा सकता है -आपकी समस्याओं को -हारी बीमारी आदि को जाना जा सकता है -सीखा ,इनके अतिरिक्त भी बहुत सारी विधाओं को पढ़ा -समझा -एवं सीखने का प्रयास किया .
अगर आप भी इन विधाओं को घर बैठे ही ऑनलाइन क्लास के माध्यम  से सीख कर अपने ,अपने परिवार -समाज को एकदम सटीक -निष्पक्ष उनके बारे में बताना चाहते हैं जहाँ बिना किसी संशय /भ्रम को उत्पन्न किये हुए बिना डरा के हम उनको सही रहा दिखा सकें ,उन्हें उनके व्यक्तिगत -पारिवारिक -व्यावसायिक आदि समस्याओं का सही समाधान बता सकें ,साथ ही अपने परिवार को चलाने एवं अपनी आय में वृद्धि के लिए इच्छुक हैं तो कृपया मुझे मेरे व्यक्तिगत नंबर (+91-8619753510)पर  व्हाट्सप्प (नाम -मोबाइल नंबर -स्थान -महिला /पुरुष ) करें और जो कोई भी इस माह Free Consultation (निशुल्क परामर्श) चाहते हों , व्हाट्सप्प  के माध्यम से संपर्क करें ,हम जल्द ही अलग अलग कोर्सों की जानकार हेतु free webinar (मुफ़्त वेबिनार) भी Zoom  पर आयोजित करने जा रहे हैं ,जो कोई भी जुड़ने के इच्छुक हों हमारे अध्यात्म  सम्बंधित  व्हाट्सप्प ग्रुप (सर्वधर्म समाधान  से जुड़ने के लिए Interested लिखकर  मुझे व्हाट्सप्प करें ).

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✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 🇮🇳वन्देमातरम🇨🇮 बाईस साल पहले हिमाचल प्रदेश के एक गाँव से एक पत्र रक्षा मंत्रालय के पास पहुँचा...🇮🇳

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✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 रिटायर हुए उन्हें अभी अधिक समय नहीं हुआ था । 65 बरस के बाबूजी रिटायर्ड शिक्षक थे । उनकी बातचीत व आवाज़ में अलग ही रौब दिखता था..., धर्म पत्नी तो आठ साल पहले गुजर गयीं थीं। परिवार में तीन बेटे बहुएं व कुल सात पोते पोती थे। संयुक्त परिवार था । बाबूजी घर के मुखिया थे , सब उनका कहा मानतें थे..., बाबूजी अपने पास एक बड़ी सी गुल्लक रखा करते थे । सभी को सख्त हिदायत थी कि अपनीं बचत के पैसे गुल्लक में अवश्य डाला करें ..., जब गुल्लक पूरी तरह से भर जाती तो उसे तोड़कर बाबूजी सबसे जरूरतें पूछते , आकलन कर तय करते कि राशि किसे देनी है। बाबूजी के निर्णय पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं लगाता . अगली बार फिर नई गुल्लक रख दी जाती..., इस बार जब गुल्लक तोड़ी गयी तो सबने अपनीं जरूरतें बढ़ा चढ़ा कर गिनाईं ! तभी बाबूजी की नज़र कामवाली ललिता पर पड़ी जो बड़ी उम्मीद भरी नजरों से पैसों को एकटक देख रही थी..., बाबूजी ने पूछा, ललिता तेरी क्या जरूरत है , चल तू बता ? घर के लोग आश्चर्य से बाबूजी ओर देखने लगे। ये तो उनकी कमाई का हिस्सा है कामवाली से क्यों पूछा जा रहा है ? "बोल ललिता " ! जब दोबारा जोर से बाबू जी ने कहा तो ललिता बड़े ही बुझे स्वर में बोली , "बाबूजी मेरी तो कोई जरूरत ना है ", पर बिटिया पूजा के स्कूल में ऑन लाइन पढ़ाई हो रही है । मेरे पास ऐसा मोबाइल नहीं , जिसमें वो पढ़ सके। सुनते ही बाबू जी बोले स्मार्ट फोन चाहिए ? इधर आ बबलू , अपने छोटे बेटे से बाबूजी बोले । इन पैसों से स्मार्ट फोन लेते आना । सुनकर ललिता की आँख डबडबा गईं ! झट बाबूजी के चरणों पर मत्था टेक दिया। एक बच्ची पढ़ लिख जाए , इससे अच्छा और क्या हो सकता है ? आजकल की मतलबी दुनियां में किसी के लिए दो पैसा खर्च करना भारी लगता है इसलिए बच्चों मैं इस दुनियाँ में रहूँ या ना रहूँ , तुम अपनीं आय के एक छोटे हिस्से से "सहयोग व साझेदारी" की एक गुल्लक जरूर बनाये रखना। इससे बचत की प्रवृत्ति तो बनेगी ही , किसी एक के ऊपर कोई भार भी नहीं आएगा....! यदि परपीड़ा महसूस कर , उसका सदुपयोग करोगे तो अलग से धर्म कर्म की आवश्यकता भी ना होगी..., इस बूढ़े पिता की यह बात यदि अपनें "मन की गुल्लक" में सदा के लिए संचित कर लो तो मेरा जीवन सफल हो जाये....! सुनकर सब एक स्वर में बोल पड़े , जी बाबूजी ! इस घर में प्यार व सम्मान की गुल्लक हमेशां बनी रहेगी..., आज के युवा भविष्य की वित्तीय जरूरतों के प्रति सचेत और गंभीर नहीं हैं। वे इसके महत्व को नहीं जानते। बढ़ती उम्र में जब आय के साधन सीमित हो जाते हैं या कहें खत्म हो जाते हैं, तो न्यूनतम जरूरतों को पूरा करने और जीवन शैली को बनाये रखने के लिए बढ़ते खर्च को पूरा करना मुश्किल होता है इसलिए यह जरूरी है कि हम आप अपने बच्चों को शुरू से ही बचत और निवेश करना सीखाएं..., भारतीय परिवार में छोटी बचत का रिवाज बहुत पुराना है। लगभग हर घर में मिट्टी के गुल्लक होते थे और बच्चे उनमें पैसे जमा करते थे। यह चलन अब बहुत कम ही देखने को मिलता है। नयी पीढ़ी, जिसे मिलेनियम भी कहा जाता है, बचत और अपनी आर्थिक जिम्मेवारियों के प्रति लापरवाह दिखती है। यह भविष्य के लिए ज्यादा चिंतित नहीं रहती और आज में ही जीवन व्यतीत करने में विश्वास करती है अगर आनेवाली पीढ़ी के भविष्य को सुखमय बनाना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि बच्चों में बचत करने की प्रवृत्ति को विकसित करना होगा, ताकि निवेश करने के तरीके को वे समझें...! अपनी दुआओं में हमें याद रखें बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....! 🙏सुप्रभात 🌹 आपका दिन शुभ हो विकास शर्मा'"शिवाया" "सर्वधर्म समाधान" ©Vikas Sharma Shivaaya'

#समाज  ✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️

🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹

रिटायर हुए उन्हें अभी अधिक समय नहीं हुआ था । 65 बरस के बाबूजी रिटायर्ड शिक्षक थे । उनकी बातचीत व आवाज़ में अलग ही रौब दिखता था...,

धर्म पत्नी तो आठ साल पहले गुजर गयीं थीं। परिवार में तीन बेटे बहुएं व कुल सात पोते पोती थे। संयुक्त परिवार था । बाबूजी घर के मुखिया थे , सब उनका कहा मानतें थे...,

बाबूजी अपने पास एक बड़ी सी गुल्लक रखा करते थे । सभी को सख्त हिदायत थी कि अपनीं बचत के पैसे गुल्लक में अवश्य डाला करें ...,

जब गुल्लक पूरी तरह से भर जाती तो उसे तोड़कर बाबूजी सबसे जरूरतें पूछते , आकलन कर तय करते कि राशि किसे देनी है। बाबूजी के निर्णय पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं लगाता . अगली बार फिर नई गुल्लक रख दी जाती...,
 
इस बार जब गुल्लक तोड़ी गयी तो सबने अपनीं जरूरतें बढ़ा चढ़ा कर गिनाईं ! तभी बाबूजी की नज़र कामवाली ललिता पर पड़ी जो बड़ी उम्मीद भरी नजरों से पैसों को एकटक देख रही थी...,

बाबूजी ने पूछा, ललिता तेरी क्या जरूरत है , चल तू बता ? घर के लोग आश्चर्य से बाबूजी ओर देखने लगे। ये तो उनकी कमाई का हिस्सा है कामवाली से क्यों पूछा जा रहा है ?

"बोल ललिता " ! जब दोबारा जोर से बाबू जी ने कहा तो ललिता बड़े ही बुझे स्वर में बोली , "बाबूजी मेरी तो कोई जरूरत ना है ", पर बिटिया पूजा के स्कूल में ऑन लाइन पढ़ाई हो रही है । मेरे पास ऐसा मोबाइल नहीं , जिसमें वो पढ़ सके। सुनते ही बाबू जी बोले स्मार्ट फोन चाहिए ?

इधर आ बबलू , अपने छोटे बेटे से बाबूजी बोले । इन पैसों से स्मार्ट फोन लेते आना । सुनकर ललिता की आँख डबडबा गईं ! झट बाबूजी के चरणों पर मत्था टेक दिया। एक बच्ची पढ़ लिख जाए , इससे अच्छा और क्या हो सकता है ?
 
आजकल की मतलबी दुनियां में किसी के लिए दो पैसा  खर्च करना भारी लगता है इसलिए बच्चों मैं इस दुनियाँ में रहूँ या ना रहूँ , तुम अपनीं आय के एक छोटे हिस्से से "सहयोग व साझेदारी" की एक गुल्लक जरूर बनाये रखना। इससे बचत की प्रवृत्ति तो बनेगी ही , किसी एक के ऊपर कोई भार भी नहीं आएगा....! यदि परपीड़ा महसूस कर , उसका सदुपयोग करोगे तो अलग से धर्म कर्म की आवश्यकता भी ना होगी...,

इस बूढ़े पिता की यह बात यदि अपनें "मन की गुल्लक" में सदा के लिए संचित कर लो तो मेरा जीवन सफल हो जाये....! सुनकर सब एक स्वर में बोल पड़े , जी बाबूजी ! इस घर में प्यार व सम्मान की गुल्लक हमेशां बनी रहेगी...,

आज के युवा भविष्य की वित्तीय जरूरतों के प्रति सचेत और गंभीर नहीं हैं। वे इसके महत्व को नहीं जानते। बढ़ती उम्र में जब आय के साधन सीमित हो जाते हैं या कहें खत्म हो जाते हैं, तो न्यूनतम जरूरतों को पूरा करने और जीवन शैली को बनाये रखने के लिए बढ़ते खर्च को पूरा करना मुश्किल होता है इसलिए यह जरूरी है कि हम आप अपने बच्चों को शुरू से ही बचत और निवेश करना सीखाएं...,

भारतीय परिवार में छोटी बचत का रिवाज बहुत पुराना है। लगभग हर घर में मिट्टी के गुल्लक होते थे और बच्चे उनमें पैसे जमा करते थे। यह चलन अब बहुत कम ही देखने को मिलता है। नयी पीढ़ी, जिसे मिलेनियम भी कहा जाता है, बचत और अपनी आर्थिक जिम्मेवारियों के प्रति लापरवाह दिखती है। यह भविष्य के लिए ज्यादा चिंतित नहीं रहती और आज में ही जीवन व्यतीत करने में विश्वास करती है अगर आनेवाली पीढ़ी के भविष्य को सुखमय बनाना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि बच्चों में बचत करने की प्रवृत्ति को विकसित करना होगा, ताकि निवेश करने के तरीके को वे समझें...!

अपनी दुआओं में हमें याद रखें 

बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....!
🙏सुप्रभात 🌹
आपका दिन शुभ हो 
विकास शर्मा'"शिवाया" 
"सर्वधर्म समाधान"

©Vikas Sharma Shivaaya'

✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 रिटायर हुए उन्हें अभी अधिक समय नहीं हुआ था । 65 बरस के बाबूजी रिटायर्ड शिक्षक थे । उनकी बातचीत व आवाज़ में अलग ही रौब दिखता था..., धर्म पत्नी तो आठ साल पहले गुजर गयीं थीं। परिवार में तीन बेटे बहुएं व कुल सात पोते पोती थे। संयुक्त परिवार था । बाबूजी घर के मुखिया थे , सब उनका कहा मानतें थे...,

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✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 घर की नई नवेली एकलौती बहू एक प्राइवेट बैंक में बड़े ओहदे पर थी , उसकी सास तकरीबन एक साल पहले ही गुज़र चुकी थी । घर में बुज़ुर्ग ससुर औऱ उसके पति के अलावे कोई न था । पति का अपना कारोबार था..., पिछले कुछ दिनों से बहू के साथ एक विचित्र बात होती ।बहू जब जल्दी जल्दी घर का काम निपटा कर ऑफिस के लिए निकलती ठीक उसी वक़्त ससुर उसे आवाज़ देते औऱ कहते बहू ,मेरा चश्मा साफ कर मुझें देती जा..., लगातार ऑफिस के लिए निकलते समय बहू के साथ यही होता । काम के दबाव औऱ देर होने के कारण क़भी कभी बहू मन ही मन झल्ला जाती लेकिन फ़िरभी अपने ससुर को कुछ बोल नहीं पाती.. , जब बहू अपने ससुर के इस आदत से पूरी तरह ऊब गई तो उसने पूरे माजरे को अपने पति के साथ साझा किया ।पति को भी अपने पिता के इस व्यवहार पर बड़ा ताज्जुब हुआ लेकिन उसने अपने पिता से कुछ नहीं कहा..., पति ने अपनी पत्नी को सलाह दी कि तुम सुबह उठते के साथ ही पिताजी का चश्मा साफ करके उनके कमरे में रख दिया करो ,फिर ये झमेला समाप्त हो जाएगा..., अगले दिन बहू ने ऐसा ही किया औऱ अपने ससुर के चश्मे को सुबह ही अच्छी तरह साफ करके उनके कमरे में रख आई ..., लेकिन फ़िरभी उस दिन वही घटना पुनः हुई औऱ ऑफिस के लिए निकलने से ठीक पहले ससुर ने अपनी बहू को बुलाकर उसे चश्मा साफ़ करने के लिए कहा..., बहू गुस्से में लाल हो गई लेकिन उसके पास कोई चारा नहीं था..., बहू के लाख उपायों के बावजूद ससुर ने उसे सुबह ऑफिस जाते समय आवाज़ देना नहीं छोड़ा..., धीरे धीरे समय बीतता गया औऱ ऐसे ही कुछ वर्ष निकल गए..., अब बहू पहले से कुछ बदल चुकी थी। धीरे धीरे उसने अपने ससुर की बातों को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया और फ़िर ऐसा भी वक़्त चला आया जब बहू अपने ससुर को बिलकुल अनसुना करने लगी । ससुर के कुछ बोलने पर वह कोई प्रतिक्रिया नहीं देती औऱ बिलकुल ख़ामोशी से अपने काम में मस्त रहती..., गुज़रते वक़्त के साथ ही एक दिन बेचारे बुज़ुर्ग ससुर भी गुज़र गए..., समय का पहिया कहाँ रुकने वाला था,वो घूमता रहा घूमता रहा..., छुट्टी का एक दिन था। अचानक बहू के मन में घर की साफ़ सफाई का ख़याल आया । वो अपने घर की सफ़ाई में जुट गई । तभी सफाई के दौरान मृत ससुर की डायरी उसके हाथ लग गई ..., बहू ने जब अपने ससुर की डायरी को पलटना शुरू किया तो उसके एक पन्ने पर लिखा था-"दिनांक 26.10.2019, आज के इस भागदौड़ औऱ बेहद तनाव व संघर्ष भरी ज़िंदगी में,घर से निकलते समय,बच्चे अक्सर बड़ों का आशीर्वाद लेना भूल जाते हैं जबकि बुजुर्गों का यही आशीर्वाद मुश्किल समय में उनके लिए ढाल का काम करता है । बस इसीलिए, जब तुम चश्मा साफ कर मुझे देने के लिए झुकती थी तो मैं मन ही मन, अपना हाथ तुम्हारे सिर पर रख देता था क्योंकि मरने से पहले तुम्हारी सास ने मुझें कहा था कि बहू को अपनी बेटी की तरह प्यार से रखना औऱ उसे ये कभी भी मत महसूस होने देना कि वो अपने ससुराल में है औऱ हम उसके माँ बाप नहीं है ।उसकी छोटी मोटी गलतियों को उसकी नादानी समझकर माफ़ कर देना । वैसे मेरा आशीष सदा तुम्हारे साथ है बेटा.., डायरी पढ़कर बहू फूटफूटकर रोने लगी..., शिक्षा : आज उसके ससुर को गुजरे ठीक 2 साल से ज़्यादा समय बीत चुके हैं लेकिन फ़िर भी वो रोज घर से बाहर निकलते समय अपने ससुर का चश्मा साफ़ कर, उनके टेबल पर रख दिया करती है.. उनके अनदेखे हाथ से मिले आशीष की लालसा में.....जीवन में हम रिश्तों का महत्व महसूस नहीं करते हैं,चाहे वो किसी से भी हो, कैसे भी हो.......और जब तक महसूस करते हैं तब तक वह हमसे बहुत दूर जा चुके होते हैं ......! अपनी दुआओं में हमें याद रखें 🙏 बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....! 🙏सुप्रभात 🌹 आपका दिन शुभ हो विकास शर्मा'"शिवाया" "सर्वधर्म समाधान" ©Vikas Sharma Shivaaya'

#समाज  ✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️

🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹

घर की नई नवेली एकलौती बहू एक प्राइवेट बैंक में बड़े ओहदे पर थी , उसकी सास तकरीबन एक साल पहले ही गुज़र चुकी थी । घर में बुज़ुर्ग ससुर औऱ उसके पति के अलावे कोई न था । पति का अपना कारोबार था...,

पिछले कुछ दिनों से बहू के साथ एक विचित्र बात होती ।बहू जब जल्दी जल्दी घर का काम निपटा कर ऑफिस के लिए निकलती ठीक उसी वक़्त ससुर उसे आवाज़ देते औऱ कहते बहू ,मेरा चश्मा साफ कर मुझें देती जा...,

लगातार ऑफिस के लिए निकलते समय बहू के साथ यही होता । काम के दबाव औऱ देर होने के कारण क़भी कभी बहू मन ही मन झल्ला जाती लेकिन फ़िरभी अपने ससुर को कुछ बोल नहीं पाती.. ,

जब बहू अपने ससुर के इस आदत से पूरी तरह ऊब गई तो उसने पूरे माजरे को अपने पति के साथ साझा किया ।पति को भी अपने पिता के इस व्यवहार पर बड़ा ताज्जुब हुआ लेकिन उसने अपने पिता से कुछ नहीं कहा...,

पति ने अपनी पत्नी को सलाह दी कि तुम सुबह उठते के साथ ही पिताजी का चश्मा साफ करके उनके कमरे में रख दिया करो ,फिर ये झमेला समाप्त हो जाएगा...,

अगले दिन बहू ने ऐसा ही किया औऱ अपने ससुर के चश्मे को सुबह ही अच्छी तरह साफ करके उनके कमरे में रख आई ...,

लेकिन फ़िरभी उस दिन वही घटना पुनः हुई औऱ ऑफिस के लिए निकलने से ठीक पहले ससुर ने अपनी बहू को बुलाकर उसे चश्मा साफ़ करने के लिए कहा...,

बहू गुस्से में लाल हो गई लेकिन उसके पास कोई चारा नहीं था...,

बहू के लाख उपायों के बावजूद ससुर ने उसे सुबह ऑफिस जाते समय आवाज़ देना नहीं छोड़ा...,

धीरे धीरे समय बीतता गया औऱ ऐसे ही कुछ वर्ष निकल गए...,

अब बहू पहले से कुछ बदल चुकी थी। धीरे धीरे उसने अपने ससुर की बातों को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया और फ़िर ऐसा भी वक़्त चला आया जब बहू अपने ससुर को बिलकुल अनसुना करने लगी । ससुर के कुछ बोलने पर वह कोई प्रतिक्रिया नहीं देती औऱ बिलकुल ख़ामोशी से अपने काम में मस्त रहती...,

गुज़रते वक़्त के साथ ही एक दिन बेचारे बुज़ुर्ग ससुर भी गुज़र गए...,

समय का पहिया कहाँ रुकने वाला था,वो घूमता रहा घूमता रहा...,

छुट्टी का एक दिन था। अचानक बहू के मन में घर की साफ़ सफाई का ख़याल आया । वो अपने घर की सफ़ाई में जुट गई । तभी सफाई के दौरान मृत ससुर की डायरी उसके हाथ लग गई ...,

बहू ने जब अपने ससुर की डायरी को पलटना शुरू किया तो उसके एक पन्ने पर लिखा था-"दिनांक 26.10.2019, आज के इस भागदौड़ औऱ बेहद तनाव व संघर्ष भरी ज़िंदगी में,घर से निकलते समय,बच्चे अक्सर बड़ों का आशीर्वाद लेना भूल जाते हैं जबकि बुजुर्गों का यही आशीर्वाद मुश्किल समय में उनके लिए ढाल का काम करता है । बस इसीलिए, जब तुम चश्मा साफ कर मुझे देने के लिए झुकती थी तो मैं मन ही मन, अपना हाथ तुम्हारे सिर पर रख देता था क्योंकि मरने से पहले तुम्हारी सास ने मुझें कहा था कि बहू को अपनी बेटी की तरह प्यार से रखना औऱ उसे ये कभी भी मत महसूस होने देना कि वो अपने ससुराल में है औऱ हम उसके माँ बाप नहीं है ।उसकी छोटी मोटी गलतियों को उसकी नादानी समझकर माफ़ कर देना । वैसे मेरा आशीष सदा तुम्हारे साथ है बेटा..,

डायरी पढ़कर बहू फूटफूटकर रोने लगी...,

शिक्षा  :
आज उसके ससुर को गुजरे ठीक 2 साल से ज़्यादा समय बीत चुके हैं लेकिन फ़िर भी वो रोज घर से बाहर निकलते समय अपने ससुर का चश्मा साफ़ कर, उनके टेबल पर रख दिया करती है.. उनके अनदेखे हाथ से मिले आशीष की लालसा में.....जीवन में हम रिश्तों का महत्व महसूस नहीं करते हैं,चाहे वो किसी से भी हो, कैसे भी हो.......और जब तक महसूस करते हैं तब तक वह हमसे बहुत दूर जा चुके होते हैं ......!

अपनी दुआओं में हमें याद रखें 🙏

बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....!
🙏सुप्रभात 🌹
आपका दिन शुभ हो 
विकास शर्मा'"शिवाया" 
"सर्वधर्म समाधान"

©Vikas Sharma Shivaaya'

✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 घर की नई नवेली एकलौती बहू एक प्राइवेट बैंक में बड़े ओहदे पर थी , उसकी सास तकरीबन एक साल पहले ही गुज़र चुकी थी । घर में बुज़ुर्ग ससुर औऱ उसके पति के अलावे कोई न था । पति का अपना कारोबार था..., पिछले कुछ दिनों से बहू के साथ एक विचित्र बात होती ।बहू जब जल्दी जल्दी घर का काम निपटा कर ऑफिस के लिए निकलती ठीक उसी वक़्त ससुर उसे आवाज़ देते औऱ कहते बहू ,मेरा चश्मा साफ कर मुझें देती जा...,

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✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 एक व्यक्ति अपनी गुस्सैल पत्नी से तंग आकर उसे कीलों से भरा एक थैला देकर समझाते हुए कहा ,"तुम्हें जब भी क्रोध आए तुम इस थैले में से एक कील निकालना और प्लाट की दीवार में ठोंक देना..., पत्नी को अगले दिन जैसे ही क्रोध आया उसने एक कील प्लाट की दीवार पर ठोंक दी। यह प्रक्रिया वह लगातार करती रही..., धीरे धीरे उसकी समझ में आने लगा कि कील ठोंकने की व्यर्थ मेहनत करने से तो अच्छा अपने क्रोध पर नियंत्रण करना है और क्रमशः कील ठोंकने की उसकी संख्या कम होती गई..., एक दिन ऐसा भी आया कि पत्नी ने दिन में एक भी कील नहीं ठोंकी..., उसने खुशी खुशी यह बात अपने पति को बताई। वे बहुत प्रसन्न हुए और कहा, "जिस दिन तुम्हें लगे कि तुम एक बार भी क्रोधित नहीं हुई, ठोंकी हुई कीलों में से एक कील निकाल लेना..., पत्नी ऐसा ही करने लगी। एक दिन ऐसा भी आया कि दीवार में एक भी कील नहीं बची। उसने खुशी खुशी यह बात अपने पति को बताई..., पति उस पत्नी को दीवार के पास लेकर गए और कीलों के छेद दिखाते हुए पूछा, "क्या तुम ये छेद भर सकती हो?" पत्नी ने कहा,"नहीं जी" पति ने उसके कन्धे पर हाथ रखते हुए कहा,"अब समझ, क्रोध में तुम्हारे द्वारा कहे गए कठोर शब्द, दूसरे के दिल में ऐसे छेद कर देते हैं, जिनकी भरपाई भविष्य में तुम कभी नहीं कर सकते ..., जब भी आपको क्रोध आये तो सोचिएगा कि कहीं आप भी किसी के दिल में कील ठोंकने तो नहीं जा रहे ? शिक्षा: भर जाता है घाव तलवार का, बोली का घाव नही भरता! अपनी दुआओं में हमें याद रखें 🙏 बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....! 🙏सुप्रभात 🌹 आपका दिन शुभ हो विकास शर्मा'"शिवाया" सर्वधर्म समाधान ©Vikas Sharma Shivaaya'

#समाज  ✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️

🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹

एक व्यक्ति अपनी गुस्सैल पत्नी  से तंग आकर उसे कीलों से भरा एक थैला देकर  समझाते हुए कहा ,"तुम्हें जब भी क्रोध आए तुम इस थैले में से एक कील निकालना और प्लाट की दीवार में ठोंक देना...,

पत्नी को अगले दिन जैसे ही क्रोध आया उसने एक कील प्लाट की दीवार पर ठोंक दी। यह प्रक्रिया वह लगातार करती रही...,

धीरे धीरे उसकी समझ में आने लगा कि कील ठोंकने की व्यर्थ मेहनत करने से तो अच्छा  अपने क्रोध पर नियंत्रण करना है और क्रमशः कील ठोंकने की उसकी संख्या कम होती गई...,

एक दिन ऐसा भी आया कि पत्नी  ने दिन में एक भी कील नहीं ठोंकी...,

उसने खुशी खुशी यह बात अपने पति को बताई। वे बहुत प्रसन्न हुए और कहा, "जिस दिन तुम्हें लगे कि तुम एक बार भी क्रोधित नहीं हुई, ठोंकी हुई कीलों में से एक कील निकाल लेना...,

पत्नी ऐसा ही करने लगी। एक दिन ऐसा भी आया कि दीवार में एक भी कील नहीं बची। उसने खुशी खुशी यह बात अपने पति को बताई...,

पति उस पत्नी  को दीवार के पास लेकर गए और कीलों के छेद दिखाते हुए पूछा, "क्या तुम ये छेद भर सकती हो?"

पत्नी ने कहा,"नहीं जी"

पति  ने उसके कन्धे पर हाथ रखते हुए कहा,"अब समझ, क्रोध में तुम्हारे द्वारा कहे गए कठोर शब्द, दूसरे के दिल में ऐसे छेद कर देते हैं, जिनकी भरपाई भविष्य में तुम कभी नहीं कर सकते ...,

जब भी आपको क्रोध आये तो सोचिएगा कि कहीं आप भी किसी के दिल में कील ठोंकने  तो नहीं जा रहे ?

शिक्षा:
भर जाता है घाव तलवार का,
बोली का घाव नही भरता!

अपनी दुआओं में हमें याद रखें 🙏

बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....!
🙏सुप्रभात 🌹
आपका दिन शुभ हो 
विकास शर्मा'"शिवाया" 
सर्वधर्म समाधान

©Vikas Sharma Shivaaya'

✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 एक व्यक्ति अपनी गुस्सैल पत्नी से तंग आकर उसे कीलों से भरा एक थैला देकर समझाते हुए कहा ,"तुम्हें जब भी क्रोध आए तुम इस थैले में से एक कील निकालना और प्लाट की दीवार में ठोंक देना..., पत्नी को अगले दिन जैसे ही क्रोध आया उसने एक कील प्लाट की दीवार पर ठोंक दी। यह प्रक्रिया वह लगातार करती रही...,

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✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 अमेरिका की बात हैं। एक युवक को व्यापार में बहुत नुकसान उठाना पड़ा। उसके सर पर बड़ा कर्ज चढ़ गया। तमाम जमीन जायदाद गिरवी पर चली गई। दोस्तों ने - भी मुंह फेर लिया। जाहिर है वह बहुत निराश था और हताश भी। कहीं से कोई राह नहीं सूझ रही थी। आशा की कोई किरण नहीं दिखाई देती थी..., एक दिन वह बगीचे में बैठा अपनी परिस्थितियों पर चिंतन कर रहा था। तभी एक बुजुर्ग वहां पहुंचे कपड़े और चेहरे व हाव-भाव से वो काफी अमीर लग रहे थे। बुजुर्ग ने चिंता का कारण पूछा तो उसने अपनी सारी कहानी बता दी। बुजुर्ग बोले, चिंता मत करो। मेरा नाम जॉन डी. रॉकफेलर है। मै तुम्हें नहीं जानता, पर तुम सच्चे और ईमानदार लग रहे हो..., इसलिए मैं तुम्हे 10 लाख डॉलर का कर्ज देने को तैयार हूं। फिर जेब से चेकबुक निकाल कर उन्होंने रकम दर्ज की और उस व्यक्ति को देते हुए बोले, नौजवान, आज से ठीक 1 साल बाद हम इसी जगह पर मिलेंगे। तब तुम मेरा कर्ज चुका देना" इतना कहकर वे चले गए युवक अवाक था। रॉकफेलर तब वहां की अमीर शख्सियत में से एक थे..., युवक को तो भरोसा ही नहीं हो रहा था कि उसकी लगभग पूरी मुश्किल हल हो गई है। उसके पैरों को पंख लग गए। घर पहुँचकर वह हिसाब लगाने लगा। बीसवीं सदी की शुरुआत में 10 लाख डॉलर बहुत बड़ी धनराशि होती थी। अचानक उसे झटका लगा। उसने सोचा, एक अपरिचित व्यक्ति ने मुझ पर भरोसा किया, पर मैं खुद पर भरोसा नहीं कर रहा हूँ..., यह ख्याल आते ही उसने उस चेक को सम्भालकर रख लिया। उसने निश्चय किया कि पहले वह अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेगा, उसक बाद कोई चारा न रहने पर ही चेक का इस्तेमाल करेगा। युवक ने खुद को झोंक दिया। बस एक ही धुन थी, किसी तरह सारे क़र्ज़ चुकाकर अपनी प्रतिष्ठा को फिर से पाना हैं। उसकी कोशिशे रंग लाने लगी। कारोबार उबरने लगा, कर्ज चुकने लगे। साल भर बाद तो वह पहले से भी अच्छी स्थिति में था..., निर्धारित दिन ठीक समय पर वह बगीचे मे पहुंच गया। वह चेक लेकर रॉकफेलर का इंतजार रहा था कि वे दूर से आते दिखे। जब वे पास पहुंचे तो युवक ने बड़ी श्रद्धा से अभिवादन किया। उनकी और चेक बढाकर उसने कुछ कहने के लिए मुहं खोला ही था कि एक नर्स भागते हुए आई और झपट्टा मारकर वृद्ध को पकड़ लिया। युवक हैरान रह गया..., नर्स बोली," यह पागल बार - बार पागलखाने से भाग जाता है और लोगो को जॉन डी रॉकफेलर के रूप में चेक बांटता फिरता है..., अब वह युवक पहले से भी ज्यादा हैरान रहा गया,जिस चेक के बल पर उसने अपना लगभग डूब चूका कारोबार फिर से खड़ा किया, वह फर्जी था..., शिक्षा: सफल होने की वास्तविक शक्ति हमारे इरादे, हौंसले और प्रयास मे ही है ...! .अपनी दुआओं में हमें याद रखें 🙏 बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....! 🙏सुप्रभात 🌹 आपका दिन शुभ हो विकास शर्मा'"शिवाया" सर्वधर्म समाधान ©Vikas Sharma Shivaaya'

#समाज  ✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️

🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹

अमेरिका की बात हैं। एक युवक को व्यापार में बहुत नुकसान उठाना पड़ा। उसके सर पर बड़ा कर्ज चढ़ गया। तमाम जमीन जायदाद गिरवी पर चली गई। दोस्तों ने - भी मुंह फेर लिया। जाहिर है वह बहुत निराश था और हताश भी। कहीं से कोई राह नहीं सूझ रही थी। आशा की कोई किरण नहीं दिखाई देती थी...,

एक दिन वह बगीचे में बैठा अपनी परिस्थितियों पर चिंतन कर रहा था। तभी एक बुजुर्ग वहां पहुंचे कपड़े और चेहरे व हाव-भाव से वो काफी अमीर लग रहे थे। बुजुर्ग ने चिंता का कारण पूछा तो उसने अपनी सारी कहानी बता दी। बुजुर्ग बोले, चिंता मत करो। मेरा नाम जॉन डी. रॉकफेलर है। मै तुम्हें नहीं जानता, पर तुम सच्चे और ईमानदार लग रहे हो...,

इसलिए मैं तुम्हे 10 लाख डॉलर का कर्ज देने को तैयार हूं। फिर जेब से चेकबुक निकाल कर उन्होंने रकम दर्ज की और उस व्यक्ति को देते हुए बोले, नौजवान, आज से ठीक 1 साल बाद हम इसी जगह पर मिलेंगे। तब तुम मेरा कर्ज चुका देना" इतना कहकर वे चले गए युवक अवाक था। रॉकफेलर तब वहां की अमीर शख्सियत में से एक थे...,

युवक को तो भरोसा ही नहीं हो रहा था कि उसकी लगभग पूरी मुश्किल हल हो गई है। उसके पैरों को पंख लग गए। घर पहुँचकर वह हिसाब लगाने लगा। बीसवीं सदी की शुरुआत में 10 लाख डॉलर बहुत बड़ी धनराशि होती थी। अचानक उसे झटका लगा। उसने सोचा, एक अपरिचित व्यक्ति ने मुझ पर भरोसा किया, पर मैं खुद पर भरोसा नहीं कर रहा हूँ...,

यह ख्याल आते ही उसने उस चेक को सम्भालकर रख लिया। उसने निश्चय किया कि पहले वह अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेगा, उसक बाद कोई चारा न रहने पर ही चेक का इस्तेमाल करेगा। युवक ने खुद को झोंक दिया। बस एक ही धुन थी, किसी तरह सारे क़र्ज़ चुकाकर अपनी प्रतिष्ठा को फिर से पाना हैं। उसकी कोशिशे रंग लाने लगी। कारोबार उबरने लगा, कर्ज चुकने लगे। साल भर बाद तो वह पहले से भी अच्छी स्थिति में था...,

निर्धारित दिन ठीक समय पर वह बगीचे मे पहुंच गया। वह चेक लेकर रॉकफेलर का इंतजार रहा था कि वे दूर से आते दिखे। जब वे पास पहुंचे तो युवक ने बड़ी श्रद्धा से अभिवादन किया। उनकी और चेक बढाकर उसने कुछ कहने के लिए मुहं खोला ही था कि एक नर्स भागते हुए आई और झपट्टा मारकर वृद्ध को पकड़ लिया। युवक हैरान रह गया...,

नर्स बोली," यह पागल बार - बार पागलखाने से भाग जाता है और लोगो को जॉन डी रॉकफेलर के रूप में चेक बांटता फिरता है...,

अब वह युवक पहले से भी ज्यादा हैरान रहा गया,जिस चेक के बल पर उसने अपना लगभग डूब चूका कारोबार फिर से खड़ा किया, वह फर्जी था...,

शिक्षा:
सफल होने की वास्तविक शक्ति हमारे इरादे, हौंसले और प्रयास मे ही है ...!


.अपनी दुआओं में हमें याद रखें 🙏

बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....!
🙏सुप्रभात 🌹
आपका दिन शुभ हो 
विकास शर्मा'"शिवाया" 
सर्वधर्म समाधान

©Vikas Sharma Shivaaya'

✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 अमेरिका की बात हैं। एक युवक को व्यापार में बहुत नुकसान उठाना पड़ा। उसके सर पर बड़ा कर्ज चढ़ गया। तमाम जमीन जायदाद गिरवी पर चली गई। दोस्तों ने - भी मुंह फेर लिया। जाहिर है वह बहुत निराश था और हताश भी। कहीं से कोई राह नहीं सूझ रही थी। आशा की कोई किरण नहीं दिखाई देती थी..., एक दिन वह बगीचे में बैठा अपनी परिस्थितियों पर चिंतन कर रहा था। तभी एक बुजुर्ग वहां पहुंचे कपड़े और चेहरे व हाव-भाव से वो काफी अमीर लग रहे थे। बुजुर्ग ने

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✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 नौएडा अस्पताल में एक कोरोना पेशेंट का केस आया। मरीज बेहद सीरियस था..., एक मरीज डिस्चार्ज हुआ उसके स्थान पर एडमिट किया गया, अस्पताल के मालिक डॉक्टर शर्मा जी ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की , आक्सीजन लगवाई गई जब डॉक्टर साहब बाहर आये अपने स्टाफ को कहा कि इस व्यक्ति को किसी प्रकार की कमी या तकलीफ ना हो और उससे एडवांस पैसे भी न् लेवे..., मरीज तकरीबन 15 दिन तक अस्पताल में रहा। जब बिल्कुल ठीक हो गया रिपोर्ट नेगेटिव आई उसको डिस्चार्ज करने का दिन आया तो उस मरीज का तकरीबन ढाई लाख रुपये का बिल अस्पताल के मालिक और डॉक्टर की टेबल पर आया..., डॉक्टर ने अपने अकाउंट मैनेजर को बुला करके कहा ... इस व्यक्ति से एक पैसा भी नहीं लेना है। ऐसा करो तुम उस मरीज को लेकर मेरे चेंबर में आओ..., मरीज व्हीलचेयर पर चेंबर में लाया गया। डॉक्टर ने मरीज से पूछा - "भाई ! क्या आप मुझे पहचानते हो? मरीज ने कहा लगता तो है कि मैंने आपको कहीं देखा है... डॉक्टर ने कहा .याद करो, अंदाजीत दो साल पहले शाम के 6-7 बजे ग्रेटर नोएडा के आगे जंगल में तुमने एक गाड़ी ठीक की थी। उस रोज मैं परिवार सहित वृन्दावन से बांके बिहारी जी का दर्शन करके लौट रहा था कि अचानक कार में से धुआं निकलने लगा और गाड़ी बंद हो गई..., कार एक तरफ खड़ी कर मैंने चालू करने की कोशिश की, परंतु कार चालू नहीं हुई। अंधेरा थोड़ा-थोड़ा घिरने लगा था। चारों और जंगल और सुनसान था। परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर चिंता और भय की लकीरें दिखने लगी थी और सब ठाकुर जी से प्रार्थना कर रहे थे कि कोई मदद मिल जाए..., थोड़ी ही देर में कृपा कर दी मेरे बांके बिहारी ने या यूं कहू चमत्कार कर दिया ,बाइक के ऊपर तुम आते दिखाई पड़े। हम सब ने दया की नजर से हाथ ऊंचा करके तुमको रुकने का इशारा किया..., तुमने बाईक खड़ी कर के हमारी परेशानी का कारण पूछा। तुमने कार का बोनट खोलकर चेक किया और कुछ ही क्षणों में कार चालू कर दी..., हम सबके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। हम सभी को ऐसा लगा कि जैसे भगवान ने आपको हमारे पास भेजा है..., क्योंकि उस सुनसान जंगल में हम में से किसी के भी फोन में सिग्नल नहीं आ रहे थे या क्या कारण था किसी का नम्बर नही मिल रहा था ना ही नेट चल रहा था बच्चे साथ थे उनकी चिंता ज्यादा थी तुमने मुझे बताया था कि तुम यहीं जेवर के पास गैराज चलाते हो..., मैंने आपका आभार जताते हुए कहा था कि रुपए पास होते हुए भी ऐसी मुश्किल समय में मदद नहीं मिलती..., तुमने ऐसे कठिन समय में हमारी मदद की, इस मदद की कोई कीमत नहीं है, यह अमूल्य है परंतु फिर भी मैं पूछना चाहता हूँ कि आपको कितने पैसे दूं ? उस समय तुमने मेरे आगे हाथ जोड़कर जो शब्द कहे थे, वह शब्द मेरे जीवन की प्रेरणा बन गये हैं तुमने कहा था कि मेरा नियम और सिद्धांत है कि मैं मुश्किल में पड़े व्यक्ति की मदद के बदले कभी कुछ नहीं लेता-मेरी इस मजदूरी का हिसाब भगवान् रखते हैं..., उसी दिन मैंने सोचा कि जब एक सामान्य आय का व्यक्ति इस प्रकार के उच्च विचार रख सकता है, और उनका संकल्प पूर्वक पालन कर सकता है, तो मैं क्यों नहीं कर सकता। और मैंने भी अपने जीवन में यही संकल्प ले लिया है। दो साल हो गए है, मुझे कभी कोई कमी नहीं पड़ी, अपेक्षा पहले से भी अधिक मिल रहा है..., यह अस्पताल मेरा है। तुम यहां मेरे मेहमान हो और तुम्हारे ही बताए हुए नियम के अनुसार मैं तुमसे कुछ भी नहीं ले सकता..., ये तो भगवान् की कृपा है कि उसने मुझे ऐसी प्रेरणा देने वाले व्यक्ति की सेवा करने का मौका मुझे दिया। "ऊपर वाले ने तुम्हारी मजदूरी का हिसाब रखा और वो हिसाब आज उसने चुका दिया। मेरी मजदूरी का हिसाब भी ऊपर वाला रखेगा और कभी जब मुझे जरूरत होगी, वो जरूर चुका देगा..., डॉक्टर ने मरीज से कहा ....तुम आराम से घर जाओ, और कभी भी कोई तकलीफ हो तो बिना संकोच के मेरे पास आ सकते हो। मरीज ने जाते हुए चेंबर में रखी भगवान् कृष्ण की तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर कहा कि..हे प्रभु ! आपने आज मेरे कर्म का पूरा हिसाब ब्याज समेत चुका दिया..., सदैव याद रखें कि आपके द्वारा किये गए कर्म आपके पास लौट कर आते है और वो भी ब्याज समेत..., जितना हो सकता है लोगों की मदद करें ,आपका हिसाब ब्याज समेत वापस आएगा...! अपनी दुआओं में हमें याद रखें बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....! 🙏सुप्रभात 🌹 आपका दिन शुभ हो विकास शर्मा'"शिवाया" सर्वधर्म समाधान ©Vikas Sharma Shivaaya'

#समाज  ✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️

🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹

नौएडा अस्पताल में एक कोरोना पेशेंट का केस आया। मरीज बेहद सीरियस था...,

एक मरीज डिस्चार्ज हुआ उसके स्थान पर एडमिट किया गया, अस्पताल के मालिक डॉक्टर शर्मा जी ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की , आक्सीजन लगवाई गई जब डॉक्टर साहब बाहर आये अपने स्टाफ को कहा कि इस व्यक्ति को किसी प्रकार की कमी या तकलीफ ना हो और उससे एडवांस पैसे भी न् लेवे...,

मरीज तकरीबन 15 दिन तक अस्पताल में रहा। जब बिल्कुल ठीक हो गया रिपोर्ट नेगेटिव आई उसको डिस्चार्ज करने का दिन आया तो उस मरीज का तकरीबन ढाई लाख रुपये का बिल अस्पताल के मालिक और डॉक्टर की टेबल पर आया...,

डॉक्टर ने अपने अकाउंट मैनेजर को बुला करके कहा ... इस व्यक्ति से एक पैसा भी नहीं लेना है। ऐसा करो तुम उस मरीज को लेकर मेरे चेंबर में आओ...,

मरीज व्हीलचेयर पर चेंबर में लाया गया। डॉक्टर ने मरीज से पूछा - "भाई ! क्या आप मुझे पहचानते हो?

मरीज ने कहा लगता तो है कि मैंने आपको कहीं देखा है...

डॉक्टर ने कहा .याद करो, अंदाजीत दो साल पहले शाम के 6-7 बजे ग्रेटर नोएडा के आगे जंगल में तुमने एक गाड़ी ठीक की थी। उस रोज मैं परिवार सहित वृन्दावन से बांके बिहारी जी का दर्शन करके लौट रहा था कि अचानक कार में से धुआं निकलने लगा और गाड़ी बंद हो गई...,

कार एक तरफ खड़ी कर मैंने चालू करने की कोशिश की, परंतु कार चालू नहीं हुई। अंधेरा थोड़ा-थोड़ा घिरने लगा था। चारों और जंगल और सुनसान था। परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर चिंता और भय की लकीरें दिखने लगी थी और सब ठाकुर जी से प्रार्थना कर रहे थे कि कोई मदद मिल जाए...,

थोड़ी ही देर में कृपा कर दी मेरे बांके बिहारी ने या यूं कहू चमत्कार कर दिया ,बाइक के ऊपर तुम आते दिखाई पड़े। हम सब ने दया की नजर से हाथ ऊंचा करके तुमको रुकने का इशारा किया...,

तुमने बाईक खड़ी कर के हमारी परेशानी का कारण पूछा। तुमने कार का बोनट खोलकर चेक किया और कुछ ही क्षणों में कार चालू कर दी...,

हम सबके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। हम सभी को ऐसा लगा कि जैसे भगवान ने आपको हमारे पास भेजा है...,

क्योंकि उस सुनसान जंगल में हम में से किसी के भी फोन में सिग्नल नहीं आ रहे थे या क्या कारण था किसी का नम्बर नही मिल रहा था ना ही नेट चल रहा था बच्चे साथ थे उनकी चिंता ज्यादा थी तुमने मुझे बताया था कि तुम यहीं जेवर के पास गैराज चलाते हो...,

मैंने आपका आभार जताते हुए कहा था कि रुपए पास होते हुए भी ऐसी मुश्किल समय में मदद नहीं मिलती...,

तुमने ऐसे कठिन समय में हमारी मदद की, इस मदद की कोई कीमत नहीं है, यह अमूल्य है परंतु फिर भी मैं पूछना चाहता हूँ कि आपको कितने पैसे दूं ?

उस समय तुमने मेरे आगे हाथ जोड़कर जो शब्द कहे थे, वह शब्द मेरे जीवन की प्रेरणा बन गये हैं तुमने कहा था कि मेरा नियम और सिद्धांत है कि मैं मुश्किल में पड़े व्यक्ति की मदद के बदले कभी कुछ नहीं लेता-मेरी इस मजदूरी का हिसाब भगवान् रखते हैं...,

उसी दिन मैंने सोचा कि जब एक सामान्य आय का व्यक्ति इस प्रकार के उच्च विचार रख सकता है, और उनका संकल्प पूर्वक पालन कर सकता है, तो मैं क्यों नहीं कर सकता। और मैंने भी अपने जीवन में यही संकल्प ले लिया है। दो साल हो गए है, मुझे कभी कोई कमी नहीं पड़ी, अपेक्षा पहले से भी अधिक मिल रहा है...,

यह अस्पताल मेरा है। तुम यहां मेरे मेहमान हो और तुम्हारे ही बताए हुए नियम के अनुसार मैं तुमसे कुछ भी नहीं ले सकता...,

ये तो भगवान् की कृपा है कि उसने मुझे ऐसी प्रेरणा देने वाले व्यक्ति की सेवा करने का मौका मुझे दिया। "ऊपर वाले ने तुम्हारी मजदूरी का हिसाब रखा और वो हिसाब आज उसने चुका दिया। मेरी मजदूरी का हिसाब भी ऊपर वाला रखेगा और कभी जब मुझे जरूरत होगी, वो जरूर चुका देगा...,

डॉक्टर ने मरीज से कहा ....तुम आराम से घर जाओ, और कभी भी कोई तकलीफ हो तो बिना संकोच के मेरे पास आ सकते हो। मरीज ने जाते हुए चेंबर में रखी भगवान् कृष्ण की तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर कहा कि..हे प्रभु ! आपने आज मेरे कर्म का पूरा हिसाब ब्याज समेत चुका दिया...,

सदैव याद रखें कि आपके द्वारा किये गए कर्म आपके पास लौट कर आते है और वो भी ब्याज समेत...,

जितना हो सकता है लोगों की मदद करें ,आपका हिसाब ब्याज समेत वापस आएगा...!

अपनी दुआओं में हमें याद रखें 

बाकी कल ,खतरा अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क 😷 है जरूरी ....सावधान रहिये -सतर्क रहिये -निस्वार्थ नेक कर्म कीजिये -अपने इष्ट -सतगुरु को अपने आप को समर्पित कर दीजिये ....!
🙏सुप्रभात 🌹
आपका दिन शुभ हो 
विकास शर्मा'"शिवाया" 
  सर्वधर्म समाधान

©Vikas Sharma Shivaaya'

✒️📙जीवन की पाठशाला 📖🖋️ 🙏 मेरे सतगुरु श्री बाबा लाल दयाल जी महाराज की जय 🌹 नौएडा अस्पताल में एक कोरोना पेशेंट का केस आया। मरीज बेहद सीरियस था..., एक मरीज डिस्चार्ज हुआ उसके स्थान पर एडमिट किया गया, अस्पताल के मालिक डॉक्टर शर्मा जी ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की , आक्सीजन लगवाई गई जब डॉक्टर साहब बाहर आये अपने स्टाफ को कहा कि इस व्यक्ति को किसी प्रकार की कमी या तकलीफ ना हो और उससे एडवांस पैसे भी न् लेवे...,

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