A shivam

A shivam Lives in Patna, Bihar, India

The voice of love

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"याद है तुम्हे वो पल जब बलवा स्कूल में थे हम जब विद्यालय की आखरी गंटी बसती थी सबसे पहले भाग निकल थे हम घर पर किताब रखने से पहले क्रिकेट की दुनिया में चले आते थे हम नोक -झोंक तो होती रहती थी पर इक साथ थे हम खैर अब बात कुछ और है तुम कहीं मैं कहां बाल्यकाल से निकाल युवावस्था में चले हैं हम ज़िन्दगी में सही राह देख रहे है हम।। #The voice of love #A.$hivam"

याद है तुम्हे वो पल
जब बलवा स्कूल में थे हम
जब विद्यालय की आखरी गंटी बसती थी
सबसे पहले भाग निकल थे हम

घर पर किताब रखने से पहले
क्रिकेट की दुनिया में चले आते थे हम
नोक -झोंक तो होती रहती थी
पर इक साथ थे हम

खैर अब बात कुछ और है
तुम कहीं मैं कहां
बाल्यकाल से निकाल युवावस्था में चले हैं हम
ज़िन्दगी में सही राह देख रहे है हम।।

#The voice of love
#A.$hivam

 

17 Love

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"ये मोहब्बत इस कदर होती हैं कि शिकायत भी होती हैं सुकून भी मिलता हैं.......... बस मोहब्बत को मश्क करना जरूरी है.............. इस मोहब्बत में शिकायत भी ज़रूरी है......... #Ad.$hivam"

ये मोहब्बत इस कदर होती हैं
कि शिकायत भी होती हैं
सुकून भी मिलता हैं..........
बस मोहब्बत को मश्क करना जरूरी है..............
इस मोहब्बत में शिकायत भी ज़रूरी है.........

#Ad.$hivam

 

13 Love

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"तेरे हर लब्ज में सौंदर्य छुपी है तेरे हर शब्द में सुवास छुपी है वैराग्य को अनुराग में बदल दे इस कदर से तू रची गई है संजीव सौंदर्य प्रवीण निर्मल जूबां पर चंदन सी रंगत मन में मोहब्बत, ह्रदय में मन्नत इस कदर से रची गई है तू #The voice of love"

तेरे हर लब्ज में सौंदर्य छुपी है 
तेरे हर शब्द में सुवास छुपी है

वैराग्य को अनुराग में बदल दे
इस कदर से तू रची गई है

संजीव सौंदर्य प्रवीण निर्मल
जूबां पर चंदन सी रंगत

मन में मोहब्बत, ह्रदय में मन्नत
इस कदर से रची गई है तू

#The voice of love

 

12 Love

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"जब से उसका मुस्कुराता चेहरा देखा दिल पर पहरा हो गया अब क्या बताऊं तेरे भाई को किसी नवागत से मोहब्बत हो गया"

जब से उसका मुस्कुराता चेहरा देखा
दिल पर पहरा हो गया

अब क्या बताऊं तेरे भाई को
किसी नवागत से मोहब्बत हो गया

#World_Pi_Day

11 Love

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"ऐ ज़िन्दगी क्यों यौवन की रवानियां में बेड़ी ज़र गई क्यों स्वछंद काया वो विहवल कर गई ऐ ज़िन्दगी क्यों इस काया की मृग तृष्णा को भिंगो कर लाल लाल खून में तब्दील हो गई ऐ ज़िन्दगी क्यों इस ज़िन्दगी में सही दस्तख़त नहीं हो रही क्यों पुष्प रूपी काया की तना को मरोड़ गई ऐ ज़िन्दगी"

ऐ ज़िन्दगी
क्यों यौवन की रवानियां में बेड़ी ज़र गई
क्यों  स्वछंद काया वो विहवल कर गई

ऐ ज़िन्दगी
क्यों इस काया की मृग तृष्णा को भिंगो 
कर लाल लाल खून में तब्दील हो गई

ऐ ज़िन्दगी
क्यों इस ज़िन्दगी में सही दस्तख़त नहीं हो रही
क्यों पुष्प रूपी काया की तना को मरोड़ गई

ऐ ज़िन्दगी

#allalone

11 Love