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exam msg | Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

Best exam msg Shayari, Status, Quotes, Stories & Poem.

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इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #nosuicide #story #kahani #nojoto #nojotohindi 

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।
कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने  तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत  की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा।
चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था।
तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती।
दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा।
ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा।
ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ।
Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया।
किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो।


जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा।

तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती।
Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी।   मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे?
तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी  सब को भाटी।
Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................।


मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और  पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें।

Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल।
बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया।  तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा।

मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की। 

माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से ।
जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा। 
पर
mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा।
 मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया।
ये बात मई 2017  की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था। 
इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह।
बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं।
ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।


नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की।  तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों  के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं।
तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया।
और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी।
उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर  nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे।
और मैं sir को कहता ये सच हैं।
खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर,
मुझे ग़लत और  खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी।

तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की।
 उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला।  पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं। 
आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।

इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #NoSuicide #story #kahani #Nojoto #nojotohindi

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।
कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा।
चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था।
तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती।
दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा।
ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा।
ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ।
Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया।
किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो।


जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा।

तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती।
Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी। मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे?
तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी सब को भाटी।
Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................।


मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें।

Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल।
बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया। तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा।

मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की।

माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से ।
जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा।
पर
mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा।
मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया।
ये बात मई 2017 की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था।
इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह।
बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं।
ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।


नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की। तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं।
तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया।
और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी।
उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे।
और मैं sir को कहता ये सच हैं।
खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर,
मुझे ग़लत और खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी।

तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की।
उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला। पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं।
आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।
Satyaprem Nojoto Love Prashar Dalchand Anushka Verma

52 Love
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Jindgi
Achha khasa jivan chl rha tha apna. Haan, wo jivan jisme kewal padhai tha, dream tha ambition tha. Pr acchanak mere social media pr uska ek msg aya, usika msg jisko dekhne ke liye roz school jaya krte the barso pahle, pr bss dekhne ko, na to mujhe ussase kuchh kahna tha, na hi kuchh bat krni thi, mujhe abhi bhi yad hai ki uske class me ate hi dil aur dhakan ek ajeeb sa khel, khelne lgte the, pr ye silsila bahut jld hi khtm ho gya, wo school chorkr chli gyi aur mai khud me hi magrror ho gya. Kuchh 6 sal badd uska msg apne phn pe dekhna,ek yesi feeling thi jisko byan krne ke liye sayd mere pass sabd nhi hai. Mujhse mera phn nhi pkda jaa rha tha. Bole to mai bahut hi nervous tha aur uske upper se uska batt krne ka tarika mujhe aur nervous krr diya tha. Hr msg me tere ko, mere ko jaisa sbd aur mujhe yese batt krne ki adt nhi thi. Uss din kuchh 3 ghnte bate hui aur last me uska msg(bye forever) mujko itna hurt kiya, sayd utna kuchh ne v nhi kiya hoga. 1 ya do din fir usase bat kiya aur fir usase meri bat bnd ho gyi. Mai uska I'd hr jgh dhoondhne ki kosis krta, pr mujhe milta nhi. Mai new fb user tha, meri type krne ki speed itni kmm thi, sayd wo bore ho jati thi. Mai ussase  bss batt krna chahta tha aur usko mere me koi interest nhi tha, sayd kisi aur me ho. Fir 3 ya 4 mahine badd uska koi msg aya, fir bate suru hui aur uske hostel jane tym fir bnd. Last talk yhi tha ki, sayd mai tumahre layk nhi hu, mujhse bat mtt krna byeforever. Sayd yhi wqt tha jbb mere andr ek yesa chij ka jnm, Jo mere liye sayd shi nhi hai, ego nd attitude.Deep inside uske liye pahli Barr yesi feeling ayi ki akhir khud ko samjhti kya hai!Sayd iska wajh ye bhi ho ki uss tym me kuchh ldkiya mujhe propose bhi kr chuki thi. Reason kuchh bhi ho maine ye decide kiya ki batt krna too dur iske bare me so chenge bhi nhi, maine agle 5 month uske bare me sochha tkk nhi pr iska mtlb ye nhi ki mai kisi aur ldki se seriously batt krne lga, fir se mai focused hokr kewal studies pr dhyan dene lgga. Fir 5 month badd maine apna fb khol a aur uska msg, kha ho yarr, mujhe tumse batt krni hai. Muumy kasam mai sab kuchh bhul gya, kahe ka ego kahe ka attitude. Iss dauran, wo apne life ka kuchh important bate mujhse share ki, pr mujhe to kewal ussase batt krna, uska batt sunna, issise mtlb tha.Aur fir hmari batt suru ho gyi, kuchh 4 ya 5 mahine tkk chla aur wo fir Delhi, ussase bat km hone lgi bole to almost bnd hogya. Aur mujhe bahut Taklif hota tha usase bate nhi hoti thi, ek yesa pain jo mai hi samjh skta hu. Mujhe yesa lgne lgga ki Delhi jakr wo mujhe bhul jayegi, kun satyam, kahe ka satyam. Bat nhi hone k wajh se ya kmm hone ke wjh se jb bhi batt hoti, mai shi se batt nhi krta. Mujhe yesa lgta, fir ye mujhse batt nhi karegi, issase achha abhi hi nhi kre. Aur deep down analysis kru to sayd ye wari tha jbb mai ussase expect krne lga tha. Care for me, replies 4 my msges and so on. Aur yhi suru hoti hmari nok jhnok. Mujhe yesa lgta tha ki she doesn't care for me, she doesn't treat me the same as I do 4 her. Aur treat kya krna 10 min achhe se bate hi to krni thi. Mai apna bahut kuchh uske samne express kr diya tha aur wo kuchh bhi nhi, Pr sayd usse ye nhi pta ki mai uske bare me jo sochta tha uska 10 percent bhi nhi kiya tha. Mujhe yesa lgne lga ki ye one sided hi chl rha hai. Aur yha se mere words kuchh hard hote gye, mai usko clearly bol deta ki mujhe tumse bat krni nhi hai, mujhse dur rho, aur kbhi wo block krti, to kbhi mai, aur kbhi mai unblock krta to kbhi wo. Blocking and unblocking kuchh dino tkk chla pr msg hmesa whi pahle krti thi. Mujhe smjh me nhi ata tha ki akhir ye chahti kya hai. Aur mere 12th ke exam aa gye. Iss tym pe bhi sab kuchh bhool kr mai ussase bat krta tha, kyunki ussase batt krna mujhe bahut achha lgta tha. Mujhse abhi yad hai math wale exam ke din ussase rat bhr bat kiya tha. Fir kuch dino badd hmari bat bnd ho gyi aur mai dehradoon chla aya. Fir mere 12th ke results aye, 74%only.Mujhe itni frustration hoti thi ki rato me neend nhi ati thi. Iss phase me mera frustration kewal do chhej hi door kr sakta tha. First wine nd next her. I cant drink cause I have promised to mmy that I will never. Maine bahut try kiya ki ussase batt n kro pr maine kiya, nd this tym  it's 4 me. Dehradoon me jb hmari batt hone lgi to first time mujhe yesa realise hua ki she has equal intrest in myself. I was really happy. Every thing was going good. Aur fir ek wqt aya hmari fir se ldai ho gyi, sab ldai ke pichhe ek hi reason, uska reply na dena, ya uska mere se batt na krna, aur iss wari maine decide kr liya tha, Bahut ho gya, now let's, Move on. Maine usko kuchh yese words bole the, Jo sayd mujhe nhi bolne chahiye the. Fir 6 ya 7 mahine badd, she send me fb request. I have missed her lot in this period. Mai request accept kr liya. Firse usko mnana, Jo ki mera habbit ho gya tha. Hr fight ke badd jb wo msg krti, to mai wo kuchh bkk deta, Jo uske bina krta. Fir bate hone lgi. Uska 12th ka paper tha, iss bichh bhi fight hui  but she have asked me to be there during her 12th, nd hopefully I was. And again we do the same. Kuchh dino badd 12th ka result aya, iss wari itne bure din aye the ki maine ek dusre ldke ke namm se insta I'd bnayi aur result jnana ki kosis ki but she caught me saying that I can recognise you anytime. Fir maine apne nam se I'd bnaya uska result puchha kuchh achhi achhi bate ki aur MN hi MN ye socha ki finally the end which should have been is going to be on a good note. Fir maine wo I'd delete kr diya. Fir maine ussase contact krne ki kbhi kosis nhi ki. Usko to ye sab yad bhi nhi hoga jitna maine likh diya hai aur accept bhi krta qunki ye meri story hai uski nhi. So here the first nd probably the last story of my life comes at its fence.
Good by (Sr. 5 July 2019)

A untold story of a star

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लहराती जुल्फें                                   
सफेद सूट                                           
और OMR शीट  के साथ                  
अन्दर की ओर आती वो                    
उस दिन एकदम कमाल लग रहीं थी
उन्हे देखते ही........                           
तेज होती धड़कनें                               
                        एक रोमैंटिक सी दिल में बजती धुन                         
      और सनसनाती हवॉओं  के संग               
एक नया दिल.......                            
        प्यार की बस्ती में दस्तक दे रहा था

हुआ कुछ यूं कि मेरा उस दिन मैथ्स का paper second ka exam tha...
और लगभग सभी स्टूडेन्टस exam हॉल में आ चुके थे और एक invigilator (sir) भी लेकिन अभी 10 min समय बचा था तो अभी exam start nhi hua tha
तभी अचानक एक female invigilator अन्दर आतें दिखी और उसके बाद का जो सीन था उसने मुझे लिखने के लिये मजबूर कर दिया खैर हमेशा लिखने के लिये मेरे दिमाग में exam के समय की आता है और मेरे फिर मेरे exam का तो एकदम......😛😛😛 यूं तो मै चाहती थी उस समय मैं जो देख पा रही थी उसको लफ्जों में उतार दूं पर .....................
फिर क्या exam और अपने दिमाग में आती पंक्तियों को बैलेंस करने की कोशिश में लगी रही और इस तरह 2 घण्टे बीत गये
और फिर बाहर आते ही जब मैनें ये सब उत्सुकता से अपनी दोस्तों से कहने लगी तो मेरी एक दोस्त ने मुझे एक तेज का थप्पड़ लगाया और याद दिलाया कि आज का paper खराब हो चुका है पेपर बहुत कठिन था आज का कुछ होश है तब जाकर में मेरे दिमाग से ये भूत थोड़ा उतरा फिर मैनें सोचा और कहा चलो कोई नही हर तरफ प्रेम की हवायें तो बही और मुझे एक अच्छी पंक्ति मिली और exam हॉल पूरा का पूरा रोमैंटिक हो उठा था हर तरफ मैथ-मैथ नही बल्कि इश्क-इश्क महक रहा था बस फिर क्या paper खराब होने की tension के बावजूद भी मेरी इस हरकत पर सब हंसते हुये बाहर निकली but हॉ ये पहली बार था जब paper खराब होने के बाद मुझे तनिक भी दुख नही हुआ था ।लेकिन exam हॉल में plz कोई poetry मत लिखियेगा 😛
यकीन मानिये जब परिणाम आयेगा exam का तब बहुत अफसोस होगा कि काश ये पेपर भी ध्यान से देती तो...........😶😶😶
#nojoto
#nojotohindi

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I wasnt able to save them. 
(read the caption)

It was a routine morning, I was preparing my breakfast and was getting ready to start studying for my exam.
Until I heard people cursing someone and a heard a faint cry.
It was coming from my neighbouring flat, this was strange cause I don't have any neighbours.
Maybe the flat owner finally found a tenant for there bad conditioned flat.
Their voice was getting louder each minute and the cries were getting low.
I reached to my balcony to see what's going on.
The only way I could do that is by peeping, and I saw two old Male and a very old lady cursing a girl.
I wasn't able to recognise her face, as I didn't have my glasses with me at that time.
At the time I was listening to them,
Someone came closer to the balcony.
I thought they saw me, interfering in their private property.
I rushed inside of my flat, but Phew they come to shut the balcony window.
The arguments continued till 12.
And then everything went deadly silent.
At the time I was doing this, my eggs were burned as I left them on the stove and I didn't turn it off. so I had to eat bread butter in breakfast,
After having my breakfast.
I started studying for my exam that was tomorrow and I hadn't prepared for it yet.
I was studying then I heard loud pop music, coming from that same flat.
I couldn't study due to that loud music.
So I got up and went to that flat.
I rang the flat bell thrice but no one responded maybe cause of the loud music and then I shouted who is the asshole. Shut the damn music.
And the music stopped.
A girl opened the door, she seemed to be 20 yrs old.
She had these golden hair highlights and an adorable face.
she questioned me are you the one? That said asshole?
I replied..yeah, I didn't know that a girl lives there and was playing loud music.
And the very moment I said yeah,
She punched me in my face and said grow up moron.
And shut the door.
It was quite a punch, maybe she broke my nose or messed with my brain.
I got up, she again started playing loud music.
I rang the flats bell again,
She opened the door and said what do you want looser.
I replied, please if you could lower the music a little bit, I have my exam tomorrow and I hadn't studied for that. That's why my response was like that when you didn't listen. I am sorry.
She looked at my face and said ok, I would stop the music and that was a good welcoming punch, I am sveni.
I replied I am Abby. Thanks for the punch,
I was going and I slipped.
On her and I fall on the floor and our lips touched and we kissed.
And I was like I am fucked.
Run Abby run. ..
I got up and rushed to my room. I sat on my studying table and started studying for my exam.i studied the whole day.
At night I was so tired, I even didn't use my phone. I slept early and woke up at 7.
Cause my exam was at 8 Am.
I rushed to my exam centre and the exam was easy. The exam got over at 10:30.
I went to my home, and I passed by scenes flat.
I knocked at his flat, but no one responded. Suddenly the door opened.
It was not locked, I walked through his flat It was almost empty, there were blood drops on the following.
I followed that blood drop trails it took me to the bathroom, sveni was lying on the bathroom floor, with a deep cut on his hand and blood was all around her. I was completely numb on seeing this, I lift her up. I don't know where I got the strength to lift her up. I rushed to the lift.
With sveni in my hands and blood coming from that wound.
I took her to the nearest hospital in my car.
I put her on a stretcher on reaching hospital and doctors took her to the emergency room, they came out and said we couldn't save her.
But there is something we need to tell you.
We lost two lives, one of seven and the child she was carrying.
I was like she was pregnant.
There was a note in her pocket and doctors gave me that note.
I am not sure, I had a one night stand, I got pregnant and my parents think that I am a slut, a whore, the guy didn't take her responsibility and I didn't have the courage to be a single mother and face the world.
I am ending two lives cause society wouldn't have accepted me and I don't have the courage to face my parents.

She didn't take the responsibility of the child, not the guy.
The one who didn't even saw the world died before he or she could say his or her first words.

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first exam away from home. 

(read the post in caption.) #NojotoQuote

Exam: When you stay away from family for first time!
It is the start of my exams. However, This is not just my first exam away from home, it is the start of extremely difficult examination of passing this period of trial and tribulation. It takes courage, it really does to go to the examination hall without that hug from your parents. It rips the heart off to get up on that annoying alarm tune instead of the screams of mummy . It doesn't feel good to make yourself that coffee even in your exam days or maybe just I am used to having that coffee made by my mummy. It brings tears to my eyes having to eat that cold food after returning from exam, having to go to the examination hall without that special recipe of breakfast you always made: some love, some care and too many blessings. It doesn't feel good to finally be that responsible kid studying on her own, something parents always wanted. The constant voices of parents to "study now" still hit my ears . There isn't anyone to wipe out the tears I shed after having that bad paper. There is no one to smile wider than me when the paper is an achievement. There is no one to make me feel good when I just feel extra stressed.
You never understand the worth of water until the river is dry. That's what I felt today! I miss my parents. I miss my room. I miss that annoying sibling who used to changed into the sweetest person during exams. I miss home. I miss the food made my mummy. I just feel missing, like a part of me is lost somewhere in the conquest of finding something else.
#MajorMissing #examtime #Family #Love #Care #Concerns #blogpost #lovewriting #SAD

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