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kranti Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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Kranti

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-            GAZAL E KRANTI
लफ्जों के इत्तफाक में यूँ बदलाव करके देख,
तू देख कर न मुस्कुरा, बस मुस्कुरा के देख।
लफ्जों के -----
नजीर नहीं कोई जिसका, तू वो बेनजीर है
चल जाये तो हो घायल दुनिया, एक ऐसी तीर है।
तू देखकर आँखें न चुरा, बस आँखें चुरा के देख।
लफ्जों के ......
यूं तो हमदर्द कई हैं तेरे और हमसफर भी हैं
नूर बेमिसाल तेरा, तू नूर ए नजर भी है।
तू नजर भले न आ , बस नजर में आ के देख।
लफ्जों के ------
पलकों के सामियाने में तुझे रखेंगे उम्र भर
सँवारेंगे, निखारेंगे अपनी साँसे दे-देकर।
तू बढाकर कदम न रूक, रूके कदम बढ़ा के देख।
लफ्जों के ------
करेगा कौन मोहब्बत इतनी ऐ खुदा जरा बता
भर लेंगे तुझे बाहों में कभी हुई जो कोई ख़ता।
तू हार न दिल अपना , मेरे  दिल को हरा के देख
लफ्जों के -----

अरुण क्रांति कुशवाहा
Copyright reserved

- GAZAL E KRANTI
लफ्जों के इत्तफाक में यूँ बदलाव करके देख,
तू देख कर न मुस्कुरा, बस मुस्कुरा के देख।
लफ्जों के -----
नजीर नहीं कोई जिसका, तू वो बेनजीर है
चल जाये तो हो घायल दुनिया, एक ऐसी तीर है।
तू देखकर आँखें न चुरा, बस आँखें चुरा के देख।
लफ्जों के ......
यूं तो हमदर्द कई हैं तेरे और हमसफर भी हैं
नूर बेमिसाल तेरा, तू नूर ए नजर भी है।
तू नजर भले न आ , बस नजर में आ के देख।
लफ्जों के ------
पलकों के सामियाने में तुझे रखेंगे उम्र भर
सँवारेंगे, निखारेंगे अपनी साँसे दे-देकर।
तू बढाकर कदम न रूक, रूके कदम बढ़ा के देख।
लफ्जों के ------
करेगा कौन मोहब्बत इतनी ऐ खुदा जरा बता
भर लेंगे तुझे बाहों में कभी हुई जो कोई ख़ता।
तू हार न दिल अपना , मेरे दिल को हरा के देख
लफ्जों के -----

अरुण क्रांति कुशवाहा
Copyright reserved

3 Love
"देश बदल रहा है"
::::::::::::::::::::::::

चुनाव खड़ा सर पर
सड़क पर नेता निकल रहा है।
जनता भक्ति में लीन
देश बदल रहा है।

किसी को एस. सी., एस. टी. से परेशानी
किसी को आरक्षण लगे बेमानी।
कहीं महंगाई के हैं टोटे
कहीं पेट्रोल खल रहा है।
देश बदल रहा है।

कभी तेरा बंद 
कभी मेरा बंद
कभी तू मीरजाफर 
कभी मैं जयचंद,
कहीं तेरी जय-जय 
कहीं विजय मेरी तय
दोनों का काम चल रहा है
देश बदल रहा है।

चिनगारी सुलग रही सीनों में
मद्धम-मद्धम धुआँ निकल रहा है,
जुबां उगल रही आग
सियासत फूल-फल रहा है।
पर धधक उठे जो ज्वाला नफरत की 
मत कहना कि  देश जल रहा है।
अरे ! देश बदल रहा है।

कलम कहती है 
फिर इतिहास दोहरायेगा,
दिन वो नब्बे एकानवे वाला आयेगा।
जाति के नाम पर आग लगेगी
सड़कें सुनसान गलियों तक श्मसान जायेगा।
फिल्म बाकी, अभी ट्रेलर चल रहा है
देश बदल रहा है।

Arun Kranti Kushwaha
Copyright reserved

"देश बदल रहा है"
::::::::::::::::::::::::

चुनाव खड़ा सर पर
सड़क पर नेता निकल रहा है।
जनता भक्ति में लीन
देश बदल रहा है।

किसी को एस. सी., एस. टी. से परेशानी
किसी को आरक्षण लगे बेमानी।
कहीं महंगाई के हैं टोटे
कहीं पेट्रोल खल रहा है।
देश बदल रहा है।

कभी तेरा बंद
कभी मेरा बंद
कभी तू मीरजाफर
कभी मैं जयचंद,
कहीं तेरी जय-जय
कहीं विजय मेरी तय
दोनों का काम चल रहा है
देश बदल रहा है।

चिनगारी सुलग रही सीनों में
मद्धम-मद्धम धुआँ निकल रहा है,
जुबां उगल रही आग
सियासत फूल-फल रहा है।
पर धधक उठे जो ज्वाला नफरत की
मत कहना कि देश जल रहा है।
अरे ! देश बदल रहा है।

कलम कहती है
फिर इतिहास दोहरायेगा,
दिन वो नब्बे एकानवे वाला आयेगा।
जाति के नाम पर आग लगेगी
सड़कें सुनसान गलियों तक श्मसान जायेगा।
फिल्म बाकी, अभी ट्रेलर चल रहा है
देश बदल रहा है।

Arun Kranti Kushwaha
Copyright reserved

7 Love
🇮🇳Batan🇮🇳
Aeh batan, Aeh batan,
Tuh shukh hai, tuh shanti hai.
Tuh hai aman, 
Tuh jid hai, tujhse se eah kranti hai. 
Tere liya diya hai pran, 
Tuhi toh hai ish desh ki jaan. 
Kitne sarein mahano ne khudko Shahid kiya, 
Tere azadi ke khatir British o se larke pran diya. 
Tuh ash hai, tuh junoon hai. 
Tuh Bharat ka samman hai. 
Jay Hind....... 🇮🇳

#ILoveuINDIA #nation

7 Love
3 Share
फिजां की खामोशियों को ये इंतजार किसका है,
आंखों की पुतलियों को गुदगुदाता ये भार किसका है।
कौन है जो दे रहा है दस्तक दिल के दरवाजे पे,
किसके बदन की है भीनी-भीनी खुश्बू,
अंधेरी रात में मुझको जगाता ये प्यार किसका है।
Arun Kranti Kushwaha

 

6 Love
Thank U So Much Kranti😍

U Made My Day Kranti....
Thank U so So much

15 Love
-            GAZAL E KRANTI
लफ्जों के इत्तफाक में यूँ बदलाव करके देख,
तू देख कर न मुस्कुरा, बस मुस्कुरा के देख।
लफ्जों के -----
नजीर नहीं कोई जिसका, तू वो बेनजीर है
चल जाये तो हो घायल दुनिया, एक ऐसी तीर है।
तू देखकर आँखें न चुरा, बस आँखें चुरा के देख।
लफ्जों के ......
यूं तो हमदर्द कई हैं तेरे और हमसफर भी हैं
नूर बेमिसाल तेरा, तू नूर ए नजर भी है।
तू नजर भले न आ , बस नजर में आ के देख।
लफ्जों के ------
पलकों के सामियाने में तुझे रखेंगे उम्र भर
सँवारेंगे, निखारेंगे अपनी साँसे दे-देकर।
तू बढाकर कदम न रूक, रूके कदम बढ़ा के देख।
लफ्जों के ------
करेगा कौन मोहब्बत इतनी ऐ खुदा जरा बता
भर लेंगे तुझे बाहों में कभी हुई जो कोई ख़ता।
तू हार न दिल अपना , मेरे  दिल को हरा के देख
लफ्जों के -----

अरुण क्रांति कुशवाहा
Copyright reserved

- GAZAL E KRANTI
लफ्जों के इत्तफाक में यूँ बदलाव करके देख,
तू देख कर न मुस्कुरा, बस मुस्कुरा के देख।
लफ्जों के -----
नजीर नहीं कोई जिसका, तू वो बेनजीर है
चल जाये तो हो घायल दुनिया, एक ऐसी तीर है।
तू देखकर आँखें न चुरा, बस आँखें चुरा के देख।
लफ्जों के ......
यूं तो हमदर्द कई हैं तेरे और हमसफर भी हैं
नूर बेमिसाल तेरा, तू नूर ए नजर भी है।
तू नजर भले न आ , बस नजर में आ के देख।
लफ्जों के ------
पलकों के सामियाने में तुझे रखेंगे उम्र भर
सँवारेंगे, निखारेंगे अपनी साँसे दे-देकर।
तू बढाकर कदम न रूक, रूके कदम बढ़ा के देख।
लफ्जों के ------
करेगा कौन मोहब्बत इतनी ऐ खुदा जरा बता
भर लेंगे तुझे बाहों में कभी हुई जो कोई ख़ता।
तू हार न दिल अपना , मेरे दिल को हरा के देख
लफ्जों के -----

अरुण क्रांति कुशवाहा
Copyright reserved

3 Love
"देश बदल रहा है"
::::::::::::::::::::::::

चुनाव खड़ा सर पर
सड़क पर नेता निकल रहा है।
जनता भक्ति में लीन
देश बदल रहा है।

किसी को एस. सी., एस. टी. से परेशानी
किसी को आरक्षण लगे बेमानी।
कहीं महंगाई के हैं टोटे
कहीं पेट्रोल खल रहा है।
देश बदल रहा है।

कभी तेरा बंद 
कभी मेरा बंद
कभी तू मीरजाफर 
कभी मैं जयचंद,
कहीं तेरी जय-जय 
कहीं विजय मेरी तय
दोनों का काम चल रहा है
देश बदल रहा है।

चिनगारी सुलग रही सीनों में
मद्धम-मद्धम धुआँ निकल रहा है,
जुबां उगल रही आग
सियासत फूल-फल रहा है।
पर धधक उठे जो ज्वाला नफरत की 
मत कहना कि  देश जल रहा है।
अरे ! देश बदल रहा है।

कलम कहती है 
फिर इतिहास दोहरायेगा,
दिन वो नब्बे एकानवे वाला आयेगा।
जाति के नाम पर आग लगेगी
सड़कें सुनसान गलियों तक श्मसान जायेगा।
फिल्म बाकी, अभी ट्रेलर चल रहा है
देश बदल रहा है।

Arun Kranti Kushwaha
Copyright reserved

"देश बदल रहा है"
::::::::::::::::::::::::

चुनाव खड़ा सर पर
सड़क पर नेता निकल रहा है।
जनता भक्ति में लीन
देश बदल रहा है।

किसी को एस. सी., एस. टी. से परेशानी
किसी को आरक्षण लगे बेमानी।
कहीं महंगाई के हैं टोटे
कहीं पेट्रोल खल रहा है।
देश बदल रहा है।

कभी तेरा बंद
कभी मेरा बंद
कभी तू मीरजाफर
कभी मैं जयचंद,
कहीं तेरी जय-जय
कहीं विजय मेरी तय
दोनों का काम चल रहा है
देश बदल रहा है।

चिनगारी सुलग रही सीनों में
मद्धम-मद्धम धुआँ निकल रहा है,
जुबां उगल रही आग
सियासत फूल-फल रहा है।
पर धधक उठे जो ज्वाला नफरत की
मत कहना कि देश जल रहा है।
अरे ! देश बदल रहा है।

कलम कहती है
फिर इतिहास दोहरायेगा,
दिन वो नब्बे एकानवे वाला आयेगा।
जाति के नाम पर आग लगेगी
सड़कें सुनसान गलियों तक श्मसान जायेगा।
फिल्म बाकी, अभी ट्रेलर चल रहा है
देश बदल रहा है।

Arun Kranti Kushwaha
Copyright reserved

7 Love
🇮🇳Batan🇮🇳
Aeh batan, Aeh batan,
Tuh shukh hai, tuh shanti hai.
Tuh hai aman, 
Tuh jid hai, tujhse se eah kranti hai. 
Tere liya diya hai pran, 
Tuhi toh hai ish desh ki jaan. 
Kitne sarein mahano ne khudko Shahid kiya, 
Tere azadi ke khatir British o se larke pran diya. 
Tuh ash hai, tuh junoon hai. 
Tuh Bharat ka samman hai. 
Jay Hind....... 🇮🇳

#ILoveuINDIA #nation

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फिजां की खामोशियों को ये इंतजार किसका है,
आंखों की पुतलियों को गुदगुदाता ये भार किसका है।
कौन है जो दे रहा है दस्तक दिल के दरवाजे पे,
किसके बदन की है भीनी-भीनी खुश्बू,
अंधेरी रात में मुझको जगाता ये प्यार किसका है।
Arun Kranti Kushwaha

 

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Thank U So Much Kranti😍

U Made My Day Kranti....
Thank U so So much

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