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New दुख विसरायला घेतो Status, Photo, Video

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हम अपने दुख में इतने दुखी हो जाते कि किसी और का दुख में नहीं दिखता।

882 Love
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"और क्या बताऊं, उसकी में क्या तारीफ करू। लफ्ज़ कितने भी लिख दूं,तारीफ कम पड़ती है। हकीकत अगर में बयांन करूं तो सुनो तुम लोग। बा शक्ल ए माँ,हर घर में खुदा की ज़ात रहती है। #musherali"

और क्या बताऊं, उसकी में क्या तारीफ करू।
लफ्ज़ कितने भी लिख दूं,तारीफ कम पड़ती है।

हकीकत अगर में बयांन करूं तो सुनो तुम लोग।
बा शक्ल ए माँ,हर घर में खुदा की ज़ात रहती है।
#musherali

माँ
उससे कुछ कहना नहीं पड़ता ।
वो चेहरे से मामलात पढ़ती है।

ओर दर्द कितना कहीं भी हो मुझको।
गजब हकीम है,बिन पूछे जान लेती है।

आंखे देख कर

103 Love
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सुख और दुख #motivetion #Meriaawaj

32 Love
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", कितना मजा है यह सिंगल होने का ना कोई दुख ना कोई सुख ना कोई बाबू ना कोई सोना"

, कितना मजा है यह सिंगल होने का 
ना कोई दुख ना कोई सुख
 ना कोई बाबू ना कोई सोना

#singlehonekamja ,#alone
कितना मजा है सिंगल होने का
ना कोई दुख ना कोई सुख किसी के होने या ना होने का
ना कोई बाबू ना कोई सोना
ना कोई धोखा

53 Love
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हम जीतेंगे यह दुख के पल जल्दी भी देंगे

11 Love
623 Views
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"यह कैसा अंत हीन इंतजार पसरा है काली सड़क सा जिसका कोई ओर ना छोर यह कैसा.. तुमने बहुत ही आवाज है मुझे पर मैंने हमेशा ही अनसुनी की जिस हकीकत से भागा था उसी से बार-बार टकरा कर कर लहूलुहान होता रहता हूं अब यह कैसा.. तुम्हारी आंखें बहुत बोलती - छलकती थी तब क्या अब भी खुशी- गम सुख - दुख में छलकती रहती हैं रहती है भरी -भरी पर ना जाने क्यूँ मेरी आंखों में लगी रहती है अब सावन की झड़ी यह कैसा.. पहले नींद रहित आंखों को तुम्हारे सुंदर सपनों का लालच दे सुला देता था पर ना जाने क्यों अब इनमें कभी रात की गहराई उतर जाती है तो कभी तुम्हारा दर्द ना जाने कैसे हृदय में करता रहता है रोशनी और कराता रहता है सारी रात - रतजगे यह कैसा.. अब इतना तो जान गया हूं रास्तों के बदलने से तकदीर कहां बदला करती हैं थक गया हूं तुम्हारी धरोहर को संभालते - संभालते अब यह वसीयत किसी और को कैसे दे दूं जिस पर लिखा है बस तुम्हारा तुम्हारा ही नाम यह कैसा.. न जाने क्यूँ अब तो अपनी परछाई ही डराने लगी है जिंदगी तो वीरान रही कहीं मौत भी गुमनाम ना हो पूरा होना अभी बाकी है बिछुड़ने से पहले जो हम न मिल पाए आखिरी बार वह रुखसते-उधारी अभी बाकी है आ जाओ बस एक बार लगा लो मुझे गले तुम्हारा -दीदार - ऐ- हसरत- बाकी है अभी बाकी है अभी बाकी है... दीदार- ऐ -हसरत "

यह कैसा अंत हीन इंतजार 
पसरा है काली सड़क सा 
जिसका कोई ओर ना छोर 
यह कैसा.. 
तुमने बहुत ही आवाज है मुझे
पर मैंने हमेशा ही अनसुनी की
जिस हकीकत से भागा था
उसी से बार-बार टकरा कर
कर लहूलुहान होता रहता हूं अब 
यह कैसा.. 
तुम्हारी आंखें बहुत 
बोलती - छलकती थी तब
क्या अब भी खुशी- गम 
सुख - दुख में छलकती रहती हैं
रहती है भरी -भरी
पर ना जाने क्यूँ मेरी आंखों
में लगी रहती है अब सावन की झड़ी
यह कैसा.. 
पहले नींद रहित आंखों को
तुम्हारे सुंदर सपनों का 
लालच दे सुला देता था
पर ना जाने क्यों अब इनमें
कभी रात की गहराई उतर जाती है तो कभी तुम्हारा दर्द 
ना जाने कैसे हृदय में
करता रहता है रोशनी
और कराता रहता है
सारी रात - रतजगे 
यह कैसा.. 
अब इतना तो जान गया हूं
रास्तों के बदलने से 
तकदीर कहां बदला करती हैं
थक गया हूं तुम्हारी धरोहर को 
संभालते - संभालते अब 
यह वसीयत किसी और को 
कैसे दे दूं जिस पर लिखा है 
बस तुम्हारा तुम्हारा ही नाम
यह कैसा.. 
न जाने क्यूँ अब तो अपनी 
परछाई ही डराने लगी है 
जिंदगी तो वीरान रही 
कहीं मौत भी गुमनाम ना हो 
पूरा होना अभी बाकी है 
बिछुड़ने से पहले जो 
हम न मिल पाए आखिरी बार
वह रुखसते-उधारी अभी बाकी है
आ जाओ बस एक बार 
लगा लो मुझे गले 
तुम्हारा -दीदार - ऐ- हसरत- बाकी है 
अभी बाकी है अभी बाकी है... दीदार- ऐ -हसरत

#krishna_flute

23 Love
482 Views
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#कविता #शायरी #दुख #mainorteriyaden #रिश्ते #विचार #Nojoto_Originals #nojoto_hindi #Nojoto

39 Love
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"रही है (ग़ज़ल) तहज़ीब हाफ़ी"

रही है (ग़ज़ल)
तहज़ीब हाफ़ी

#Tahzeeb_haafi

किसे ख़बर है कि उम्र बस उस पे ग़ौर करने में कट रही है
कि ये उदासी हमारे जिस्मों से किस ख़ुशी में लिपट रही है

अजीब दुख है

40 Love
472 Views

"अगर उदास हों, तो अपनों से नाराज़ नहीं रहना चाहिए, जो बातें मन में हों, उन्हें होठों से कह देना चाहिए, क्योंकि क्या पता कल को वो अपने, आपके करीब ना हों? क्या पता वो सारे सपने, कल नसीब में ना हों? बिल्कुल तन्हा उस वक़्त आप हो जाएँगे, और फिर, उदास रहने के सिवा कुछ ना कर पाएँगे। तो आप अपनों से दुख बाँट लें, ताकि कम हो जाए जो दर्द हो, क्या पता इस मतलबी दुनिया में, आपके अपनों में कोई हमदर्द हो!"

अगर उदास हों, 
तो अपनों से नाराज़ नहीं रहना चाहिए,
जो बातें मन में हों, 
उन्हें होठों से कह देना चाहिए,
क्योंकि क्या पता कल को वो अपने,
आपके करीब ना हों?
क्या पता वो सारे सपने,
कल नसीब में ना हों?
बिल्कुल तन्हा उस वक़्त आप हो जाएँगे,
और फिर, उदास रहने के सिवा कुछ ना कर पाएँगे।
तो आप अपनों से दुख बाँट लें,
ताकि कम हो जाए जो दर्द हो,
क्या पता इस मतलबी दुनिया में,
आपके अपनों में कोई हमदर्द हो!

kya aap udaas hain?
#Nojotovoice #nojotohindi #Hindi @Kalakaksh #Talent

409 Love
4.5K Views
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"महकती- गुनगुनाती तुम्हें छूकर आई है गुम हो रहा है मेरा हर - डर- दुख -दर्द लगता है तुमसे मुलाकात का वक्त आ गया -रही जो हसरतें अधूरी सी - - उन्हें पूरा करने का वक्त आ गया तकदीर से लड़ -कर भी किस्मत के माथे पर सुनहरी बिंदिया टांकने का वक़्त आ गया लगता है हमारा ख्वाब पूरा करने का वक्त आ गया लगता है अब हमारा वक्त आ गया वक्त आ गया वक्त आ गया नींद की पलकों पर ठहरा हुआ तुम्हारा स्पर्श -गुदगुदाने लगा है न जाने क्यूँ... बंद दरवाजे की झीरी से अधूरे स्वप्न - फिर -झांकने लगे है न जाने क्यूँ.. बादल -बारिश- बूंदों ने लहरों को भिगोने की ठानी है ना जाने क्यूँ.. लहरें -गहरे- समुद्र में दस्तकें देती हुई करने लगी है किनारों से ठिठोलियां ना जाने क्यूँ.. भटकते -अरमानों में ठहरने की इच्छा ने ली अंगड़ाई है ना जाने क्यूँ.. मुर्दा मन में फिर से श्रृंगार करने की ललक जागी है ना जाने क्यूँ.. तो तुम इन गलियों में हमारे अधूरे ख्बाब पूरे करने आए हो इसीलिए सुबह की भोर वक़्त आ गया "

महकती- गुनगुनाती 
तुम्हें छूकर आई है
गुम हो रहा है मेरा 
हर - डर- दुख -दर्द
लगता है तुमसे मुलाकात 
का वक्त आ गया -रही जो हसरतें अधूरी सी -
- उन्हें पूरा करने का वक्त आ गया 
तकदीर से लड़ -कर 
भी किस्मत के माथे पर 
सुनहरी बिंदिया टांकने का 
वक़्त आ गया लगता है हमारा ख्वाब
पूरा करने का वक्त आ गया
लगता है अब हमारा 
वक्त आ गया
वक्त आ गया
वक्त आ गया नींद की पलकों पर ठहरा हुआ 
तुम्हारा स्पर्श -गुदगुदाने लगा है 
न जाने क्यूँ... 
बंद दरवाजे की झीरी से 
अधूरे स्वप्न - फिर -झांकने लगे है
न जाने क्यूँ..  बादल -बारिश- बूंदों ने 
लहरों को भिगोने की ठानी है 
ना जाने क्यूँ..  लहरें -गहरे- समुद्र में दस्तकें देती हुई
करने लगी है किनारों से ठिठोलियां 
ना जाने क्यूँ.. 
भटकते -अरमानों में ठहरने की 
इच्छा ने ली अंगड़ाई है 
ना जाने क्यूँ..  मुर्दा मन में फिर से श्रृंगार 
करने की ललक जागी है 
ना जाने क्यूँ..
तो तुम इन गलियों में हमारे अधूरे 
ख्बाब पूरे करने आए हो 
इसीलिए सुबह की भोर  वक़्त  आ  गया

#SpanishLove

19 Love
409 Views

"उनके जज्बे को मेरा सलाम -हरे कृष्ण प्रकाश"

उनके जज्बे को मेरा सलाम
-हरे कृष्ण प्रकाश

#PoetryOnline ये जो दुख की घड़ी है...

20 Love
462 Views
2 Share

"'गजल' डोको नाम्लो बोकी हिँड्याछौ घाँस काट्नलाई म पनि आउँकि त्यो मन संग यो मन साट्नलाई। . तयार छु म त पहिला देखिनै तिम्रो लागि प्रिय हाम्रो दुई मुटु जोडी , मायाको डौरी बाट्नलाई। . चौवन्दी चोलीमा अझ राम्री देख्या छौ है प्रिय दिन्छौ की साथ यसपालि लगन आँट्नलाई। . बिस्वास गर मलाई,साँचो माया गर्छु तिमीलाई बरु कसम खान्छु , रहर होइन यसै ढाँट्नलाई। . भनन प्रिय , हुन्छौनि तिमी मेरो जीवन संगिनी जिन्दगीको सुख - दुख माझमै खुसी छाँट्नलाई।।"

'गजल'
डोको नाम्लो बोकी हिँड्याछौ घाँस काट्नलाई
म पनि आउँकि त्यो मन संग यो मन साट्नलाई।
.
तयार छु म त पहिला देखिनै तिम्रो लागि प्रिय
हाम्रो दुई मुटु जोडी , मायाको  डौरी बाट्नलाई।
.
चौवन्दी चोलीमा अझ राम्री देख्या छौ है प्रिय
दिन्छौ की साथ यसपालि लगन आँट्नलाई।
.
बिस्वास गर मलाई,साँचो माया गर्छु  तिमीलाई
बरु कसम खान्छु , रहर होइन यसै ढाँट्नलाई।
.
भनन प्रिय , हुन्छौनि तिमी मेरो जीवन संगिनी
जिन्दगीको सुख - दुख माझमै खुसी छाँट्नलाई।।

#Lala_Lala

10 Love
175 Views
13 Share

"~ मोहब्बत ये सूली चढ़ी है ( नज़्म )"

~ मोहब्बत ये सूली चढ़ी है ( नज़्म )

#nazm

~ मोहब्बत ये सूली चढ़ी है (नज़्म)~

इन आँखों में काँटें चुभें हैं
नसें ज़हन को दुख रही है
लहू चुभ रहें हैं जिगर में
ये साँसें भी जलने

14 Love
225 Views

"बनने तू राधा मेरी मैं तेरा घनश्याम तेरे मेरे रिश्ते में कुछ तो ऐसी बात हो"

बनने तू राधा मेरी मैं तेरा घनश्याम तेरे मेरे रिश्ते में कुछ तो ऐसी बात हो

#Love #nojoto, #मोहब्त तेरे मेरे रिश्ते में कुछ तो ऐसी बात हो
,बने तू राधा मेरी मैं तेरा ही घनश्याम हो
तेरी हर बीमारी का मेरे पास है इलाज ह

18 Love
421 Views

#एहसास 😢एक उदासी मेरी दहलीज़ से आ लगती है मैं ना कहता था गरीबो की दुआ लगती है । #रेडियो पोएट्री #गरीबी #दुख #आह

12 Love
185 Views

""पागल" 😆😂 😂😆"

"पागल" 😆😂 😂😆

#पागल

😂😀😂"पागल"😂😀😂

दुनिया में हर कोई पागल है ...

कोई किसी के प्यार में पागल है;
कोई किसी के तकरार में पागल है;

16 Love
297 Views

"यार से ऐसी यारी रख दुख में भागीदारी रख .."

यार से ऐसी यारी रख दुख में भागीदारी रख ..

यार से ऐसी यारी ..

6 Love
71 Views
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जिसके साथ बात करने से ही
खुशी दोगुनी और दुख आधा रह जाय
वो ही अपना है
बाकी तो बस दुनिया है..!

14 Love
96 Views

दुख से बाहर कैसे निकले

18 Love
113 Views

"मोत तो मोत है इंसान हो या जानवर दुख बराबर है"

मोत तो मोत है इंसान हो या जानवर दुख बराबर है

डॉग

5 Love
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हम अपने दुख में इतने दुखी हो जाते कि किसी और का दुख में नहीं दिखता।

882 Love
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"और क्या बताऊं, उसकी में क्या तारीफ करू। लफ्ज़ कितने भी लिख दूं,तारीफ कम पड़ती है। हकीकत अगर में बयांन करूं तो सुनो तुम लोग। बा शक्ल ए माँ,हर घर में खुदा की ज़ात रहती है। #musherali"

और क्या बताऊं, उसकी में क्या तारीफ करू।
लफ्ज़ कितने भी लिख दूं,तारीफ कम पड़ती है।

हकीकत अगर में बयांन करूं तो सुनो तुम लोग।
बा शक्ल ए माँ,हर घर में खुदा की ज़ात रहती है।
#musherali

माँ
उससे कुछ कहना नहीं पड़ता ।
वो चेहरे से मामलात पढ़ती है।

ओर दर्द कितना कहीं भी हो मुझको।
गजब हकीम है,बिन पूछे जान लेती है।

आंखे देख कर

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सुख और दुख #motivetion #Meriaawaj

32 Love
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", कितना मजा है यह सिंगल होने का ना कोई दुख ना कोई सुख ना कोई बाबू ना कोई सोना"

, कितना मजा है यह सिंगल होने का 
ना कोई दुख ना कोई सुख
 ना कोई बाबू ना कोई सोना

#singlehonekamja ,#alone
कितना मजा है सिंगल होने का
ना कोई दुख ना कोई सुख किसी के होने या ना होने का
ना कोई बाबू ना कोई सोना
ना कोई धोखा

53 Love
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हम जीतेंगे यह दुख के पल जल्दी भी देंगे

11 Love
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"यह कैसा अंत हीन इंतजार पसरा है काली सड़क सा जिसका कोई ओर ना छोर यह कैसा.. तुमने बहुत ही आवाज है मुझे पर मैंने हमेशा ही अनसुनी की जिस हकीकत से भागा था उसी से बार-बार टकरा कर कर लहूलुहान होता रहता हूं अब यह कैसा.. तुम्हारी आंखें बहुत बोलती - छलकती थी तब क्या अब भी खुशी- गम सुख - दुख में छलकती रहती हैं रहती है भरी -भरी पर ना जाने क्यूँ मेरी आंखों में लगी रहती है अब सावन की झड़ी यह कैसा.. पहले नींद रहित आंखों को तुम्हारे सुंदर सपनों का लालच दे सुला देता था पर ना जाने क्यों अब इनमें कभी रात की गहराई उतर जाती है तो कभी तुम्हारा दर्द ना जाने कैसे हृदय में करता रहता है रोशनी और कराता रहता है सारी रात - रतजगे यह कैसा.. अब इतना तो जान गया हूं रास्तों के बदलने से तकदीर कहां बदला करती हैं थक गया हूं तुम्हारी धरोहर को संभालते - संभालते अब यह वसीयत किसी और को कैसे दे दूं जिस पर लिखा है बस तुम्हारा तुम्हारा ही नाम यह कैसा.. न जाने क्यूँ अब तो अपनी परछाई ही डराने लगी है जिंदगी तो वीरान रही कहीं मौत भी गुमनाम ना हो पूरा होना अभी बाकी है बिछुड़ने से पहले जो हम न मिल पाए आखिरी बार वह रुखसते-उधारी अभी बाकी है आ जाओ बस एक बार लगा लो मुझे गले तुम्हारा -दीदार - ऐ- हसरत- बाकी है अभी बाकी है अभी बाकी है... दीदार- ऐ -हसरत "

यह कैसा अंत हीन इंतजार 
पसरा है काली सड़क सा 
जिसका कोई ओर ना छोर 
यह कैसा.. 
तुमने बहुत ही आवाज है मुझे
पर मैंने हमेशा ही अनसुनी की
जिस हकीकत से भागा था
उसी से बार-बार टकरा कर
कर लहूलुहान होता रहता हूं अब 
यह कैसा.. 
तुम्हारी आंखें बहुत 
बोलती - छलकती थी तब
क्या अब भी खुशी- गम 
सुख - दुख में छलकती रहती हैं
रहती है भरी -भरी
पर ना जाने क्यूँ मेरी आंखों
में लगी रहती है अब सावन की झड़ी
यह कैसा.. 
पहले नींद रहित आंखों को
तुम्हारे सुंदर सपनों का 
लालच दे सुला देता था
पर ना जाने क्यों अब इनमें
कभी रात की गहराई उतर जाती है तो कभी तुम्हारा दर्द 
ना जाने कैसे हृदय में
करता रहता है रोशनी
और कराता रहता है
सारी रात - रतजगे 
यह कैसा.. 
अब इतना तो जान गया हूं
रास्तों के बदलने से 
तकदीर कहां बदला करती हैं
थक गया हूं तुम्हारी धरोहर को 
संभालते - संभालते अब 
यह वसीयत किसी और को 
कैसे दे दूं जिस पर लिखा है 
बस तुम्हारा तुम्हारा ही नाम
यह कैसा.. 
न जाने क्यूँ अब तो अपनी 
परछाई ही डराने लगी है 
जिंदगी तो वीरान रही 
कहीं मौत भी गुमनाम ना हो 
पूरा होना अभी बाकी है 
बिछुड़ने से पहले जो 
हम न मिल पाए आखिरी बार
वह रुखसते-उधारी अभी बाकी है
आ जाओ बस एक बार 
लगा लो मुझे गले 
तुम्हारा -दीदार - ऐ- हसरत- बाकी है 
अभी बाकी है अभी बाकी है... दीदार- ऐ -हसरत

#krishna_flute

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#कविता #शायरी #दुख #mainorteriyaden #रिश्ते #विचार #Nojoto_Originals #nojoto_hindi #Nojoto

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"रही है (ग़ज़ल) तहज़ीब हाफ़ी"

रही है (ग़ज़ल)
तहज़ीब हाफ़ी

#Tahzeeb_haafi

किसे ख़बर है कि उम्र बस उस पे ग़ौर करने में कट रही है
कि ये उदासी हमारे जिस्मों से किस ख़ुशी में लिपट रही है

अजीब दुख है

40 Love
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"अगर उदास हों, तो अपनों से नाराज़ नहीं रहना चाहिए, जो बातें मन में हों, उन्हें होठों से कह देना चाहिए, क्योंकि क्या पता कल को वो अपने, आपके करीब ना हों? क्या पता वो सारे सपने, कल नसीब में ना हों? बिल्कुल तन्हा उस वक़्त आप हो जाएँगे, और फिर, उदास रहने के सिवा कुछ ना कर पाएँगे। तो आप अपनों से दुख बाँट लें, ताकि कम हो जाए जो दर्द हो, क्या पता इस मतलबी दुनिया में, आपके अपनों में कोई हमदर्द हो!"

अगर उदास हों, 
तो अपनों से नाराज़ नहीं रहना चाहिए,
जो बातें मन में हों, 
उन्हें होठों से कह देना चाहिए,
क्योंकि क्या पता कल को वो अपने,
आपके करीब ना हों?
क्या पता वो सारे सपने,
कल नसीब में ना हों?
बिल्कुल तन्हा उस वक़्त आप हो जाएँगे,
और फिर, उदास रहने के सिवा कुछ ना कर पाएँगे।
तो आप अपनों से दुख बाँट लें,
ताकि कम हो जाए जो दर्द हो,
क्या पता इस मतलबी दुनिया में,
आपके अपनों में कोई हमदर्द हो!

kya aap udaas hain?
#Nojotovoice #nojotohindi #Hindi @Kalakaksh #Talent

409 Love
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"महकती- गुनगुनाती तुम्हें छूकर आई है गुम हो रहा है मेरा हर - डर- दुख -दर्द लगता है तुमसे मुलाकात का वक्त आ गया -रही जो हसरतें अधूरी सी - - उन्हें पूरा करने का वक्त आ गया तकदीर से लड़ -कर भी किस्मत के माथे पर सुनहरी बिंदिया टांकने का वक़्त आ गया लगता है हमारा ख्वाब पूरा करने का वक्त आ गया लगता है अब हमारा वक्त आ गया वक्त आ गया वक्त आ गया नींद की पलकों पर ठहरा हुआ तुम्हारा स्पर्श -गुदगुदाने लगा है न जाने क्यूँ... बंद दरवाजे की झीरी से अधूरे स्वप्न - फिर -झांकने लगे है न जाने क्यूँ.. बादल -बारिश- बूंदों ने लहरों को भिगोने की ठानी है ना जाने क्यूँ.. लहरें -गहरे- समुद्र में दस्तकें देती हुई करने लगी है किनारों से ठिठोलियां ना जाने क्यूँ.. भटकते -अरमानों में ठहरने की इच्छा ने ली अंगड़ाई है ना जाने क्यूँ.. मुर्दा मन में फिर से श्रृंगार करने की ललक जागी है ना जाने क्यूँ.. तो तुम इन गलियों में हमारे अधूरे ख्बाब पूरे करने आए हो इसीलिए सुबह की भोर वक़्त आ गया "

महकती- गुनगुनाती 
तुम्हें छूकर आई है
गुम हो रहा है मेरा 
हर - डर- दुख -दर्द
लगता है तुमसे मुलाकात 
का वक्त आ गया -रही जो हसरतें अधूरी सी -
- उन्हें पूरा करने का वक्त आ गया 
तकदीर से लड़ -कर 
भी किस्मत के माथे पर 
सुनहरी बिंदिया टांकने का 
वक़्त आ गया लगता है हमारा ख्वाब
पूरा करने का वक्त आ गया
लगता है अब हमारा 
वक्त आ गया
वक्त आ गया
वक्त आ गया नींद की पलकों पर ठहरा हुआ 
तुम्हारा स्पर्श -गुदगुदाने लगा है 
न जाने क्यूँ... 
बंद दरवाजे की झीरी से 
अधूरे स्वप्न - फिर -झांकने लगे है
न जाने क्यूँ..  बादल -बारिश- बूंदों ने 
लहरों को भिगोने की ठानी है 
ना जाने क्यूँ..  लहरें -गहरे- समुद्र में दस्तकें देती हुई
करने लगी है किनारों से ठिठोलियां 
ना जाने क्यूँ.. 
भटकते -अरमानों में ठहरने की 
इच्छा ने ली अंगड़ाई है 
ना जाने क्यूँ..  मुर्दा मन में फिर से श्रृंगार 
करने की ललक जागी है 
ना जाने क्यूँ..
तो तुम इन गलियों में हमारे अधूरे 
ख्बाब पूरे करने आए हो 
इसीलिए सुबह की भोर  वक़्त  आ  गया

#SpanishLove

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"उनके जज्बे को मेरा सलाम -हरे कृष्ण प्रकाश"

उनके जज्बे को मेरा सलाम
-हरे कृष्ण प्रकाश

#PoetryOnline ये जो दुख की घड़ी है...

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"'गजल' डोको नाम्लो बोकी हिँड्याछौ घाँस काट्नलाई म पनि आउँकि त्यो मन संग यो मन साट्नलाई। . तयार छु म त पहिला देखिनै तिम्रो लागि प्रिय हाम्रो दुई मुटु जोडी , मायाको डौरी बाट्नलाई। . चौवन्दी चोलीमा अझ राम्री देख्या छौ है प्रिय दिन्छौ की साथ यसपालि लगन आँट्नलाई। . बिस्वास गर मलाई,साँचो माया गर्छु तिमीलाई बरु कसम खान्छु , रहर होइन यसै ढाँट्नलाई। . भनन प्रिय , हुन्छौनि तिमी मेरो जीवन संगिनी जिन्दगीको सुख - दुख माझमै खुसी छाँट्नलाई।।"

'गजल'
डोको नाम्लो बोकी हिँड्याछौ घाँस काट्नलाई
म पनि आउँकि त्यो मन संग यो मन साट्नलाई।
.
तयार छु म त पहिला देखिनै तिम्रो लागि प्रिय
हाम्रो दुई मुटु जोडी , मायाको  डौरी बाट्नलाई।
.
चौवन्दी चोलीमा अझ राम्री देख्या छौ है प्रिय
दिन्छौ की साथ यसपालि लगन आँट्नलाई।
.
बिस्वास गर मलाई,साँचो माया गर्छु  तिमीलाई
बरु कसम खान्छु , रहर होइन यसै ढाँट्नलाई।
.
भनन प्रिय , हुन्छौनि तिमी मेरो जीवन संगिनी
जिन्दगीको सुख - दुख माझमै खुसी छाँट्नलाई।।

#Lala_Lala

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"~ मोहब्बत ये सूली चढ़ी है ( नज़्म )"

~ मोहब्बत ये सूली चढ़ी है ( नज़्म )

#nazm

~ मोहब्बत ये सूली चढ़ी है (नज़्म)~

इन आँखों में काँटें चुभें हैं
नसें ज़हन को दुख रही है
लहू चुभ रहें हैं जिगर में
ये साँसें भी जलने

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"बनने तू राधा मेरी मैं तेरा घनश्याम तेरे मेरे रिश्ते में कुछ तो ऐसी बात हो"

बनने तू राधा मेरी मैं तेरा घनश्याम तेरे मेरे रिश्ते में कुछ तो ऐसी बात हो

#Love #nojoto, #मोहब्त तेरे मेरे रिश्ते में कुछ तो ऐसी बात हो
,बने तू राधा मेरी मैं तेरा ही घनश्याम हो
तेरी हर बीमारी का मेरे पास है इलाज ह

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#एहसास 😢एक उदासी मेरी दहलीज़ से आ लगती है मैं ना कहता था गरीबो की दुआ लगती है । #रेडियो पोएट्री #गरीबी #दुख #आह

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""पागल" 😆😂 😂😆"

"पागल" 😆😂 😂😆

#पागल

😂😀😂"पागल"😂😀😂

दुनिया में हर कोई पागल है ...

कोई किसी के प्यार में पागल है;
कोई किसी के तकरार में पागल है;

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"यार से ऐसी यारी रख दुख में भागीदारी रख .."

यार से ऐसी यारी रख दुख में भागीदारी रख ..

यार से ऐसी यारी ..

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जिसके साथ बात करने से ही
खुशी दोगुनी और दुख आधा रह जाय
वो ही अपना है
बाकी तो बस दुनिया है..!

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दुख से बाहर कैसे निकले

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"मोत तो मोत है इंसान हो या जानवर दुख बराबर है"

मोत तो मोत है इंसान हो या जानवर दुख बराबर है

डॉग

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