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New गंजबासौदा ठंडी सड़क Status, Photo, Video

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# जब चली ठंडी हवा...

42 Love
1.2K Views
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Brand बिकता है,fix rate, खरीद के खुदको branded समझते हो।
सब्जी वाले से इतने मोल भाव करते हो
क्या उस गरीब को डकेत समझते हो।

लुट जाओगे मोल्स

89 Love
3.0K Views
2 Share

"ठंडी बहुत है तो ? आग जलाईए इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए ! लेकिन कल साल का अन्तिम दिन अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना, नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए । ShivaM (sibbu)🖋🖋 ठंडी बहुत है तो ? आग जलाईए इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए ! लेकिन कल साल का अन्तिम दिन अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना, नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए । ShivaM (sibbu)🖋🖋 ठंडी बहुत है तो ? आग जलाईए इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए ! लेकिन कल साल का अन्तिम दिन अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना, नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए ।😂😂😂 ShivaM (sibbu)🖋🖋"

ठंडी बहुत है तो ?
 आग जलाईए 
इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए !
लेकिन कल साल का अन्तिम दिन अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना, 
नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए ।
ShivaM (sibbu)🖋🖋 ठंडी बहुत है तो ?
 आग जलाईए 
इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए !
लेकिन कल साल का अन्तिम दिन  अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना,
 नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए ।
ShivaM (sibbu)🖋🖋 ठंडी बहुत है तो ?
 आग जलाईए 
इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए !
लेकिन कल साल का अन्तिम दिन  अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना,
 नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए ।😂😂😂
ShivaM (sibbu)🖋🖋

#_नये_साल_की_सुरुआत_लुगाई_के___रुद्र_रूप_के_साथ_मनाईए
@Shikha Sharma @💖Taruna Sharma💖 @Pritesh12@ @Labhali Kumari @pallavi srivastava

27 Love
218 Views

#आखिर_गरीब_ही_क्यों? #एक_सवाल #StoryOnline


खाली पेट निर्धन जीवन में कोई आश जगा जाते !
लॉकडाउन बढ़ाना ही था ...कुछ सलाह हमें भी दे जाते !

24 Love
356 Views

“सख़्त ज़रूरत है”

क्यों बेफ़िक्री वाली नींद की, कमी सी खलती है,
बस औंधे होकर सोने की, अब सख्त जरूरत है,
क्यो आँखे खुलते ही, उलझे उलझे से मसले

7 Love
214 Views

जब तुम्हारा दिल करे
मुझको सड़क पर फेंक देना"

16 Love
316 Views

51 y

 

"वो याद आया कुछ यूं कि लौट आए सिलसिले सब, ठंडी हवाएं, पीले पत्ते और नवंबर के ये दिन ।"

वो याद आया कुछ यूं कि लौट आए सिलसिले सब,
ठंडी हवाएं, पीले पत्ते और नवंबर के ये दिन ।

#Yaad. #silsile #November #Din

8 Love
201 Views
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#Nojoto
#wearhelmet दोस्तों जब भी सड़क पर चले हेलमेट पहन के चले जब भी सड़क पर चले जरूर हेलमेट पहने यह आप से नम्र निवेदन है जय हिंद जय भारत

234 Love
12.3K Views
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" ठंडी में नहा कर"

 ठंडी में नहा कर

ठंड में नहा कर

13 Love
81 Views

"सखियाँ सखियाँ  तपती  धूप में,   ठंडी  सी  हैं  छाँव। चूड़ी   खनके  हाथ में,  पायल  छनके  पाँव। पायल छनके पाँव,सदा  मन  को  हरसातीं। सुख दुख की कर बात, मगन मन को कर जातीं। करके  उनकी  याद ,सदा  भीगें  ये  अँखियाँ। कनक कनी की कोर, कभी छूटे मत सखियाँ। 🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷 आशा शुक्ला, शाहजहाँपुर, उत्तरप्रदेश "

सखियाँ
सखियाँ  तपती  धूप में,   ठंडी  सी  हैं  छाँव।
चूड़ी   खनके  हाथ में,  पायल  छनके  पाँव।
पायल छनके पाँव,सदा  मन  को  हरसातीं।
सुख दुख की कर बात, मगन मन को कर जातीं।
करके  उनकी  याद ,सदा  भीगें  ये  अँखियाँ।
कनक कनी की कोर, कभी छूटे मत सखियाँ।
🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷
आशा शुक्ला, शाहजहाँपुर, उत्तरप्रदेश

#nojotowriters
#Mylanguage
#Hindi_poetry
#best_poetry
#Hindi
#Dreams

52 Love
157 Views

ठंडी शाम के नाम

7 Love
120 Views
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ओ ठंडी हवाओं सुनो तो जरा...kunwarsurendra#nojoto#nojotohindi#लव @Kanchan Tiwari @Rakhi Parsai @Poonam Singh @💖Precious Kudi~Taruna Sharma💖 suman

12 Love
91 Views

"होस्टल की बकचोदी , लाइफ मे सबसे प्यारी होती। मगर कैसें बताऊ साला ये बात सुरु कहा से होती, इस जगह हर कोई कर्म नही सिर्फ कांड करते है। फेंकने में तो साला अम्बानी के बाप बनते है। ओर चाय के 10 रुपए देने में इनके लोडे लग जाते है, रात को सब साले zym जाने का प्लान बनाते है, ओर अगले दिन भाई कल से pkaa चलते है , फिर रात को ये बीफ़ देख के हिलाते है , ओर अगले दिन कोई चुतिया बहाना फिर से बनाते है होस्टल में रहने वाले लड़को की girlfraindको लगता है कि उनकी 1 लड़के से बात होती है। मगर होस्टल में तो सब यारो के साथ वो कॉल पे सोती है। होस्टल की बकचोदी साली सबसे न्यारी होती है।। ये लोडे मेरे यार नही ये सब mere बच्चे है यहाँ पहनने से पता नही चलता कि किसके konse कच्छे है होस्टल में चाहे कोई हो सीनियर या जूनियर सबके b'day पर एक ही ब्रांड लाते है। ओर पी के उसी की गांड सुजाते है । ठंडी रातो की बातों में ये मिया से लेके राखी तक कि ले लेते है ओर फिर रात की बात याद करते सुबह बाथरूम में सबके हाथ हिलते है। माल से लेके sutaa हर चीज़ की panti यहां होती होस्टल की बकचोदी कितनी बताऊ साली खत्म ही नही होती।। "

होस्टल की बकचोदी ,
लाइफ मे सबसे प्यारी होती।
मगर कैसें बताऊ साला ये बात सुरु कहा से होती,
इस जगह हर कोई कर्म नही सिर्फ कांड करते है।
फेंकने में तो साला अम्बानी के बाप बनते है।
ओर चाय के 10 रुपए देने में इनके लोडे लग जाते है,
रात को सब साले zym जाने का प्लान बनाते है,
ओर अगले दिन भाई कल से pkaa चलते है ,
फिर रात को ये बीफ़ देख के  हिलाते है ,
ओर अगले दिन कोई चुतिया बहाना फिर से बनाते है
होस्टल में रहने वाले लड़को की girlfraindको लगता है कि उनकी 1 लड़के से बात होती है।
मगर होस्टल में तो सब यारो के साथ वो कॉल पे सोती है।
होस्टल की बकचोदी साली सबसे न्यारी होती है।।
ये लोडे मेरे यार नही ये सब mere बच्चे है 
यहाँ पहनने से पता नही चलता कि किसके konse कच्छे है
होस्टल में चाहे कोई हो सीनियर या जूनियर सबके b'day पर एक ही ब्रांड लाते है।
ओर पी के उसी की गांड सुजाते है ।
ठंडी रातो की बातों में ये मिया से लेके राखी तक कि ले लेते है 
ओर फिर रात की बात याद करते सुबह  बाथरूम में सबके हाथ हिलते है।
माल से लेके sutaa हर चीज़ की panti यहां होती 
होस्टल की बकचोदी 
कितनी बताऊ साली खत्म ही नही होती।।

hostal ki bkchodi

6 Love
54 Views

तुम ठंडी शाम प्रिये

64 Love
641 Views
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#इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है...🖋

31 Love
371 Views

"बादलों में छिपा बैठा था जैसे कोई, प्यार से प्यार अपना बरसा रहा था कोई। ठंडी हवा के झोकें से छू कर जैसे याद वो अपनी दिला रहा था कोई बूंदो का संगीत जब सुना मैंने, लगा जैसे कानों में गुनगुना रहा था कोई। अनकही अनकही"

बादलों में छिपा बैठा था जैसे कोई,
प्यार से प्यार अपना बरसा रहा था कोई।
ठंडी हवा के झोकें से छू कर जैसे
याद वो अपनी दिला रहा था कोई
बूंदो का संगीत जब सुना मैंने,
लगा जैसे कानों में गुनगुना रहा था कोई।
अनकही अनकही

#poem#Shayari#nojoto#nojotohindi#story#Music

#romance

20 Love
80 Views

"मैं एक तरफ की ही बात दिल में लिए बैठ गए। उस चाय की कस के साथ, दिल की बात तुमसे कहते। तुमने किसी और जाहील की बात कर, अपने दिल की बात कह दी। मै तुमसे प्यार करता हू, और एक मुस्कान के साथ उस चाय की कस को अपने आप तक ही रख लिए। खोना तो तुमको नहीं चाहता पर खो दिया हू। प्यार भी तुमसे करता हूं, पर अब कहना भूल गया हूं। प्यार मैं तुमसे नहीं करता अब तुमसे इश्क हो गया है। तुम्हें किसी और के साथ देख थोड़ा आशिकों की तरह जल लूंगा, तुम खुश हो बस और क्या, मैं तन्हाई में जी लूंगा। मैं इतना सोचने लगा अब शायर भी पूरा बन गया हूं। चाय ठंडी हो रही है और हमारी आखरी चाय को मैं ठंडी नहीं होने देना चाहता हूं। इस वक्त को मैं यहीं रोकना चाहता हूं, फिसलती रेत और तुझको थामना चाहता हूं।"

मैं एक तरफ की ही बात दिल में लिए बैठ गए। 
उस चाय की कस के साथ, दिल की बात तुमसे कहते। 

तुमने किसी और जाहील की बात कर, अपने दिल की बात कह दी।

 मै तुमसे प्यार करता हू, और एक मुस्कान के साथ उस चाय की कस को अपने आप तक ही रख लिए।

खोना तो तुमको नहीं चाहता पर खो दिया हू। 
प्यार भी तुमसे करता हूं, पर अब कहना भूल गया हूं। 

प्यार मैं तुमसे नहीं करता अब तुमसे इश्क हो गया है। 

तुम्हें किसी और के साथ देख थोड़ा आशिकों की तरह जल लूंगा, 
तुम खुश हो बस और क्या, मैं तन्हाई में जी लूंगा। 

मैं इतना सोचने लगा अब शायर भी पूरा बन गया हूं।

चाय ठंडी हो रही है और हमारी आखरी चाय को 
मैं ठंडी नहीं होने देना चाहता हूं।

 इस वक्त को मैं यहीं रोकना चाहता हूं, 
फिसलती रेत और तुझको थामना चाहता हूं।

मैं एक तरफ की ही बात दिल में लिए बैठ गए।
उस चाय की कस के साथ, दिल की बात तुमसे कहते।

तुमने किसी और जाहील की बात कर, अपने दिल की बात कह दी

5 Love
18 Views

"तिथि 3 अप्रैल 2020 दिन शुक्रवार विधा गजल यह सड़क सुनसान है और इस कदर सोचा न था। यह शहर वीरान है और इस कदर सोचा न था।। थम गए पहिए समय भी और दहशत व्याप्त है । आफतों में जान है और इस कदर सोचा न था।। वे जहां भी जा रहे हैं जिंदगी की खोज में। मौत का सामान है और इस कदर सोचा न था।। भूख है दाने नहीं है छूत से भयभीत हैं। ये कहां प्रस्थान है ?और इस कदर सोचा न था।। मर चुके हैं लोग कितने और गिनती बढ़ रही । फिर अभी अनुमान है और इस कदर सोचा न था ।। वक्त लंगड़ा हो गया है और वैशाखी कहीं । ढूंढ कर परेशान है और इस कदर सोचा न था।। बन रहा किसके लिए फिर कौन सोएगा वहां? दिख रहा शमशान है और इस कदर सोचा न था।। सुनील गुप्ता केसला रोड सीतापुर"

तिथि 3 अप्रैल 2020
 दिन शुक्रवार 
 विधा गजल 

यह सड़क सुनसान है और इस कदर सोचा न था। 
यह शहर वीरान है और इस कदर सोचा न था।।

थम गए पहिए समय भी और दहशत व्याप्त है ।
आफतों में जान है और इस कदर सोचा न था।।

वे जहां भी जा रहे हैं जिंदगी की खोज में। 
मौत का सामान है और इस कदर सोचा न था।।

भूख है दाने नहीं है छूत से भयभीत हैं।
ये कहां प्रस्थान है ?और इस कदर सोचा न था।।

मर चुके हैं लोग कितने और गिनती बढ़ रही ।
फिर अभी अनुमान है और इस कदर सोचा न था ।।

वक्त लंगड़ा हो गया है और वैशाखी कहीं ।
ढूंढ कर परेशान है और इस कदर सोचा न था।।

बन रहा किसके लिए फिर कौन सोएगा वहां? 
दिख रहा शमशान है और इस कदर सोचा न था।।

सुनील गुप्ता 
केसला रोड सीतापुर

#सुनसान_सड़क#lockdawn#corona#गजल#सुनील_गुप्ता#sunil_ki_kavita

17 Love
190 Views
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ठंडी हवाए

6 Love
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# जब चली ठंडी हवा...

42 Love
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Brand बिकता है,fix rate, खरीद के खुदको branded समझते हो।
सब्जी वाले से इतने मोल भाव करते हो
क्या उस गरीब को डकेत समझते हो।

लुट जाओगे मोल्स

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"ठंडी बहुत है तो ? आग जलाईए इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए ! लेकिन कल साल का अन्तिम दिन अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना, नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए । ShivaM (sibbu)🖋🖋 ठंडी बहुत है तो ? आग जलाईए इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए ! लेकिन कल साल का अन्तिम दिन अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना, नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए । ShivaM (sibbu)🖋🖋 ठंडी बहुत है तो ? आग जलाईए इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए ! लेकिन कल साल का अन्तिम दिन अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना, नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए ।😂😂😂 ShivaM (sibbu)🖋🖋"

ठंडी बहुत है तो ?
 आग जलाईए 
इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए !
लेकिन कल साल का अन्तिम दिन अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना, 
नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए ।
ShivaM (sibbu)🖋🖋 ठंडी बहुत है तो ?
 आग जलाईए 
इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए !
लेकिन कल साल का अन्तिम दिन  अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना,
 नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए ।
ShivaM (sibbu)🖋🖋 ठंडी बहुत है तो ?
 आग जलाईए 
इससे भी ना हो तो रजाई मे जाईए !
लेकिन कल साल का अन्तिम दिन  अपने लुगाई के संग ही बितायीये वरना,
 नये साल की सुरुआत लुगाई के रुद्र रूप के साथ मनाईए ।😂😂😂
ShivaM (sibbu)🖋🖋

#_नये_साल_की_सुरुआत_लुगाई_के___रुद्र_रूप_के_साथ_मनाईए
@Shikha Sharma @💖Taruna Sharma💖 @Pritesh12@ @Labhali Kumari @pallavi srivastava

27 Love
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#आखिर_गरीब_ही_क्यों? #एक_सवाल #StoryOnline


खाली पेट निर्धन जीवन में कोई आश जगा जाते !
लॉकडाउन बढ़ाना ही था ...कुछ सलाह हमें भी दे जाते !

24 Love
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“सख़्त ज़रूरत है”

क्यों बेफ़िक्री वाली नींद की, कमी सी खलती है,
बस औंधे होकर सोने की, अब सख्त जरूरत है,
क्यो आँखे खुलते ही, उलझे उलझे से मसले

7 Love
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जब तुम्हारा दिल करे
मुझको सड़क पर फेंक देना"

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51 y

 

"वो याद आया कुछ यूं कि लौट आए सिलसिले सब, ठंडी हवाएं, पीले पत्ते और नवंबर के ये दिन ।"

वो याद आया कुछ यूं कि लौट आए सिलसिले सब,
ठंडी हवाएं, पीले पत्ते और नवंबर के ये दिन ।

#Yaad. #silsile #November #Din

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#Nojoto
#wearhelmet दोस्तों जब भी सड़क पर चले हेलमेट पहन के चले जब भी सड़क पर चले जरूर हेलमेट पहने यह आप से नम्र निवेदन है जय हिंद जय भारत

234 Love
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" ठंडी में नहा कर"

 ठंडी में नहा कर

ठंड में नहा कर

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"सखियाँ सखियाँ  तपती  धूप में,   ठंडी  सी  हैं  छाँव। चूड़ी   खनके  हाथ में,  पायल  छनके  पाँव। पायल छनके पाँव,सदा  मन  को  हरसातीं। सुख दुख की कर बात, मगन मन को कर जातीं। करके  उनकी  याद ,सदा  भीगें  ये  अँखियाँ। कनक कनी की कोर, कभी छूटे मत सखियाँ। 🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷 आशा शुक्ला, शाहजहाँपुर, उत्तरप्रदेश "

सखियाँ
सखियाँ  तपती  धूप में,   ठंडी  सी  हैं  छाँव।
चूड़ी   खनके  हाथ में,  पायल  छनके  पाँव।
पायल छनके पाँव,सदा  मन  को  हरसातीं।
सुख दुख की कर बात, मगन मन को कर जातीं।
करके  उनकी  याद ,सदा  भीगें  ये  अँखियाँ।
कनक कनी की कोर, कभी छूटे मत सखियाँ।
🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷🐥🌷
आशा शुक्ला, शाहजहाँपुर, उत्तरप्रदेश

#nojotowriters
#Mylanguage
#Hindi_poetry
#best_poetry
#Hindi
#Dreams

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ठंडी शाम के नाम

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ओ ठंडी हवाओं सुनो तो जरा...kunwarsurendra#nojoto#nojotohindi#लव @Kanchan Tiwari @Rakhi Parsai @Poonam Singh @💖Precious Kudi~Taruna Sharma💖 suman

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"होस्टल की बकचोदी , लाइफ मे सबसे प्यारी होती। मगर कैसें बताऊ साला ये बात सुरु कहा से होती, इस जगह हर कोई कर्म नही सिर्फ कांड करते है। फेंकने में तो साला अम्बानी के बाप बनते है। ओर चाय के 10 रुपए देने में इनके लोडे लग जाते है, रात को सब साले zym जाने का प्लान बनाते है, ओर अगले दिन भाई कल से pkaa चलते है , फिर रात को ये बीफ़ देख के हिलाते है , ओर अगले दिन कोई चुतिया बहाना फिर से बनाते है होस्टल में रहने वाले लड़को की girlfraindको लगता है कि उनकी 1 लड़के से बात होती है। मगर होस्टल में तो सब यारो के साथ वो कॉल पे सोती है। होस्टल की बकचोदी साली सबसे न्यारी होती है।। ये लोडे मेरे यार नही ये सब mere बच्चे है यहाँ पहनने से पता नही चलता कि किसके konse कच्छे है होस्टल में चाहे कोई हो सीनियर या जूनियर सबके b'day पर एक ही ब्रांड लाते है। ओर पी के उसी की गांड सुजाते है । ठंडी रातो की बातों में ये मिया से लेके राखी तक कि ले लेते है ओर फिर रात की बात याद करते सुबह बाथरूम में सबके हाथ हिलते है। माल से लेके sutaa हर चीज़ की panti यहां होती होस्टल की बकचोदी कितनी बताऊ साली खत्म ही नही होती।। "

होस्टल की बकचोदी ,
लाइफ मे सबसे प्यारी होती।
मगर कैसें बताऊ साला ये बात सुरु कहा से होती,
इस जगह हर कोई कर्म नही सिर्फ कांड करते है।
फेंकने में तो साला अम्बानी के बाप बनते है।
ओर चाय के 10 रुपए देने में इनके लोडे लग जाते है,
रात को सब साले zym जाने का प्लान बनाते है,
ओर अगले दिन भाई कल से pkaa चलते है ,
फिर रात को ये बीफ़ देख के  हिलाते है ,
ओर अगले दिन कोई चुतिया बहाना फिर से बनाते है
होस्टल में रहने वाले लड़को की girlfraindको लगता है कि उनकी 1 लड़के से बात होती है।
मगर होस्टल में तो सब यारो के साथ वो कॉल पे सोती है।
होस्टल की बकचोदी साली सबसे न्यारी होती है।।
ये लोडे मेरे यार नही ये सब mere बच्चे है 
यहाँ पहनने से पता नही चलता कि किसके konse कच्छे है
होस्टल में चाहे कोई हो सीनियर या जूनियर सबके b'day पर एक ही ब्रांड लाते है।
ओर पी के उसी की गांड सुजाते है ।
ठंडी रातो की बातों में ये मिया से लेके राखी तक कि ले लेते है 
ओर फिर रात की बात याद करते सुबह  बाथरूम में सबके हाथ हिलते है।
माल से लेके sutaa हर चीज़ की panti यहां होती 
होस्टल की बकचोदी 
कितनी बताऊ साली खत्म ही नही होती।।

hostal ki bkchodi

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तुम ठंडी शाम प्रिये

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#इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है...🖋

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"बादलों में छिपा बैठा था जैसे कोई, प्यार से प्यार अपना बरसा रहा था कोई। ठंडी हवा के झोकें से छू कर जैसे याद वो अपनी दिला रहा था कोई बूंदो का संगीत जब सुना मैंने, लगा जैसे कानों में गुनगुना रहा था कोई। अनकही अनकही"

बादलों में छिपा बैठा था जैसे कोई,
प्यार से प्यार अपना बरसा रहा था कोई।
ठंडी हवा के झोकें से छू कर जैसे
याद वो अपनी दिला रहा था कोई
बूंदो का संगीत जब सुना मैंने,
लगा जैसे कानों में गुनगुना रहा था कोई।
अनकही अनकही

#poem#Shayari#nojoto#nojotohindi#story#Music

#romance

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"मैं एक तरफ की ही बात दिल में लिए बैठ गए। उस चाय की कस के साथ, दिल की बात तुमसे कहते। तुमने किसी और जाहील की बात कर, अपने दिल की बात कह दी। मै तुमसे प्यार करता हू, और एक मुस्कान के साथ उस चाय की कस को अपने आप तक ही रख लिए। खोना तो तुमको नहीं चाहता पर खो दिया हू। प्यार भी तुमसे करता हूं, पर अब कहना भूल गया हूं। प्यार मैं तुमसे नहीं करता अब तुमसे इश्क हो गया है। तुम्हें किसी और के साथ देख थोड़ा आशिकों की तरह जल लूंगा, तुम खुश हो बस और क्या, मैं तन्हाई में जी लूंगा। मैं इतना सोचने लगा अब शायर भी पूरा बन गया हूं। चाय ठंडी हो रही है और हमारी आखरी चाय को मैं ठंडी नहीं होने देना चाहता हूं। इस वक्त को मैं यहीं रोकना चाहता हूं, फिसलती रेत और तुझको थामना चाहता हूं।"

मैं एक तरफ की ही बात दिल में लिए बैठ गए। 
उस चाय की कस के साथ, दिल की बात तुमसे कहते। 

तुमने किसी और जाहील की बात कर, अपने दिल की बात कह दी।

 मै तुमसे प्यार करता हू, और एक मुस्कान के साथ उस चाय की कस को अपने आप तक ही रख लिए।

खोना तो तुमको नहीं चाहता पर खो दिया हू। 
प्यार भी तुमसे करता हूं, पर अब कहना भूल गया हूं। 

प्यार मैं तुमसे नहीं करता अब तुमसे इश्क हो गया है। 

तुम्हें किसी और के साथ देख थोड़ा आशिकों की तरह जल लूंगा, 
तुम खुश हो बस और क्या, मैं तन्हाई में जी लूंगा। 

मैं इतना सोचने लगा अब शायर भी पूरा बन गया हूं।

चाय ठंडी हो रही है और हमारी आखरी चाय को 
मैं ठंडी नहीं होने देना चाहता हूं।

 इस वक्त को मैं यहीं रोकना चाहता हूं, 
फिसलती रेत और तुझको थामना चाहता हूं।

मैं एक तरफ की ही बात दिल में लिए बैठ गए।
उस चाय की कस के साथ, दिल की बात तुमसे कहते।

तुमने किसी और जाहील की बात कर, अपने दिल की बात कह दी

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"तिथि 3 अप्रैल 2020 दिन शुक्रवार विधा गजल यह सड़क सुनसान है और इस कदर सोचा न था। यह शहर वीरान है और इस कदर सोचा न था।। थम गए पहिए समय भी और दहशत व्याप्त है । आफतों में जान है और इस कदर सोचा न था।। वे जहां भी जा रहे हैं जिंदगी की खोज में। मौत का सामान है और इस कदर सोचा न था।। भूख है दाने नहीं है छूत से भयभीत हैं। ये कहां प्रस्थान है ?और इस कदर सोचा न था।। मर चुके हैं लोग कितने और गिनती बढ़ रही । फिर अभी अनुमान है और इस कदर सोचा न था ।। वक्त लंगड़ा हो गया है और वैशाखी कहीं । ढूंढ कर परेशान है और इस कदर सोचा न था।। बन रहा किसके लिए फिर कौन सोएगा वहां? दिख रहा शमशान है और इस कदर सोचा न था।। सुनील गुप्ता केसला रोड सीतापुर"

तिथि 3 अप्रैल 2020
 दिन शुक्रवार 
 विधा गजल 

यह सड़क सुनसान है और इस कदर सोचा न था। 
यह शहर वीरान है और इस कदर सोचा न था।।

थम गए पहिए समय भी और दहशत व्याप्त है ।
आफतों में जान है और इस कदर सोचा न था।।

वे जहां भी जा रहे हैं जिंदगी की खोज में। 
मौत का सामान है और इस कदर सोचा न था।।

भूख है दाने नहीं है छूत से भयभीत हैं।
ये कहां प्रस्थान है ?और इस कदर सोचा न था।।

मर चुके हैं लोग कितने और गिनती बढ़ रही ।
फिर अभी अनुमान है और इस कदर सोचा न था ।।

वक्त लंगड़ा हो गया है और वैशाखी कहीं ।
ढूंढ कर परेशान है और इस कदर सोचा न था।।

बन रहा किसके लिए फिर कौन सोएगा वहां? 
दिख रहा शमशान है और इस कदर सोचा न था।।

सुनील गुप्ता 
केसला रोड सीतापुर

#सुनसान_सड़क#lockdawn#corona#गजल#सुनील_गुप्ता#sunil_ki_kavita

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