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New रोशनी भजन सुनाए Status, Photo, Video

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मन लागा जोगिया...
स्वर/लेखक-कवि राहुल पाल
#भक्ति #भजन #nojoto #nojotonews
#KRP
@Neha Pant Nupur @Sudha Tripathi @Amit Thakur @Anshula Thakur

277 Love
12.4K Views
2 Share

#arzhai #PoemMushup 😅
#LOVEGUITAR
#Poetry #Hindi #Nojoto #nojotohindi #nojotoenglish #nojotonews #nojotoLove

दोस्तों,त्रुटियों को कृपया क

96 Love
2.2K Views
1 Share

"और जो हुआ पूरा किसी दिन, दाग नजर आ जाएगा.. उधार की रोशनी का सच, साफ नजर आ जाएगा... मैंने उसको पास बिठाया आईना दिखाया, फिर थोड़ा समझाया.. इस सतह की रोशनी की, तू मुझे क्या दुहाई देता है.. उसके तो अंदर है वो नूर, जो बाहर दिखाई देता है... ©drVats वो छत पर लेटे लेटे एक दिन, शाम से जब रात हुई.. चांद दिखा मुझे आसमान में, चांद से मेरी बात हुई.. चांद बोला परेशान सा, कैसे अपने नूर को बरकरार रख पाता है.. मेरा आकार तो हर दिन, घटता बढ़ता जाता है.."

और जो हुआ पूरा किसी दिन, 
दाग नजर आ जाएगा..
उधार की रोशनी का सच,
 साफ नजर आ जाएगा...

मैंने उसको पास बिठाया
आईना दिखाया,
फिर थोड़ा समझाया..

इस सतह की रोशनी की, 
तू मुझे क्या दुहाई देता है.. 
उसके तो अंदर है वो नूर,
जो बाहर दिखाई देता है...
                ©drVats वो छत पर लेटे लेटे एक दिन, 
शाम से जब रात हुई.. 
चांद दिखा मुझे आसमान में,
 चांद से मेरी बात हुई..

चांद बोला परेशान सा,
कैसे अपने नूर को 

 बरकरार रख पाता है..
 मेरा आकार तो हर दिन,
 घटता बढ़ता जाता है..

चांद और वो #RashkeQamar means चाँद की ईर्ष्या..
So this poetry of mine best suited for the title.. Listen it up.. and react to it..
#Nojoto

414 Love
3.6K Views
19 Share

"सांझ की गोधूलि में भजन बन गुनगुनायी जाएंगी..."

सांझ की गोधूलि में
भजन बन गुनगुनायी जाएंगी...

#कविता#और_कभी_नहीं_लिखी_जातीं

29 Love
1.8K Views

"अलोन रोशनी R. G.... "

अलोन रोशनी  R. G....

## अलोन रोशनी rg...

12 Love
1.0K Views
2 Share

सारी मुझपे पड़ने वाली रोशनी ज़ाया गई !! -कुशल

#themodernpoets #themodernpoets #Hindi #urdu #Shayari #ghazal #ishq #New

45 Love
967 Views

"कलयुगी भजन हे प्रभो, आनन्द दाता हमको यही उपहार दो सिर्फ मैं जीवित रहू और सबको मार दो "

कलयुगी भजन 

हे प्रभो, आनन्द दाता हमको यही उपहार दो 
सिर्फ मैं जीवित रहू और सबको मार दो

कलयुगी भजन

35 Love
1.7K Views
2 Share

वह हमे उसके प्रकाश में चलाता है । तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक , और मेरे मार्ग के लिये उजियाला

55 Love
1.2K Views

#Life #Poetry #Trending #latest
#Love #Lifeexperiences

जिंदगी में दर्द मिला बहुत था
लोगो का कर्ज मुझ पर बहुत था

दिल का मकान सुना था
घर पर

60 Love
796 Views
1 Share

"जय श्री श्याम ... भजन... 💓"

जय श्री श्याम ...
भजन... 💓

shyam ji ka bhajan //diksha// indira akanksha mogha Neha Kushwaha Ekta Lohmor Anuj Yadav anjan rahi Aaradhana Anand राधाकृष्णप्रिय Deepika M

46 Love
665 Views

""अकेला योद्धा" प्रनित कुलुङ राई हाँ, भेडाको झुण्ड में रेहकर भि, एक भेडाको पेहचान मिल जाता हैं। लेकिन जो बिना झुण्ड के भि राज करे उसे हि जंगल के राजा बुलाता हैं । हाँ लाँख तारे भि दुनियाँ को रोशनी देती हैं, भिंड में हि सहि अपने आप को पेहचान दिलाता हैं लेकिन जिस्के रोशनी लाख तारे को भि भारी पड़ जाता है जिस्के चमक लाख तारे को भि झुकनेको मझबुर कर जाता है वह भि अकेला चाँद हि होता है । हाँ, बुँन्द बुँन्द से सागर बनता है लेकिन सच तो यही है कि उस जलको सागर बन्ने के लिए भि एक बुँन्द जल कि जरूरत होता हैं, और जो बुँन्द उस सागरसे बाहर आकर भि अपना तलाब बना लेता हैं वही शैलाब लाने कि संक्षम रखता हैं। हाँ, एक प्राणी भि भिंड मे हि सुरक्षित रेहता हैं, सफलता पाने के लिए किसी के साथ कि जरूरत होता हैं, लेकिन जो अकेला हि आसमान में उड्ता हैं, उसका हि सबसे मजबुत पंख हुआ करते हैं और जो अकेला हि संघर्ष करके सफलताको चुम लेता हैं उसे हि अकसर लोक अकेला योद्धा बुलाता हैं ।"

"अकेला योद्धा"
प्रनित कुलुङ राई 

हाँ, भेडाको झुण्ड में रेहकर भि, 
एक भेडाको पेहचान मिल जाता हैं।
लेकिन जो बिना झुण्ड के भि राज करे 
उसे हि जंगल के राजा बुलाता हैं ।

हाँ लाँख तारे भि दुनियाँ को रोशनी देती हैं, 
भिंड में हि सहि अपने आप को पेहचान दिलाता हैं 
लेकिन जिस्के रोशनी लाख तारे को भि भारी पड़ जाता है 
जिस्के चमक लाख तारे को भि झुकनेको मझबुर कर जाता है 
वह भि अकेला चाँद हि होता है ।

हाँ, बुँन्द बुँन्द से सागर बनता है 
लेकिन सच तो यही है कि 
उस जलको सागर बन्ने के लिए भि 
एक बुँन्द जल कि जरूरत होता हैं, 
और जो बुँन्द उस सागरसे बाहर आकर भि 
अपना  तलाब बना लेता हैं 
वही शैलाब लाने कि  संक्षम रखता हैं। 

हाँ, एक प्राणी भि भिंड मे हि सुरक्षित रेहता हैं, 
सफलता पाने के लिए किसी के साथ कि जरूरत होता हैं, 
लेकिन जो अकेला हि आसमान में  उड्ता हैं, 
उसका हि सबसे मजबुत पंख हुआ करते हैं 
और जो अकेला हि संघर्ष करके सफलताको चुम लेता हैं 
उसे  हि अकसर लोक अकेला योद्धा बुलाता हैं ।

अकेला योद्धा

38 Love
798 Views

रोशनी के नाम पर मुहब्बत जला गये

5 Love
664 Views
5 Share

"यह कैसा अंत हीन इंतजार पसरा है काली सड़क सा जिसका कोई ओर ना छोर यह कैसा.. तुमने बहुत ही आवाज है मुझे पर मैंने हमेशा ही अनसुनी की जिस हकीकत से भागा था उसी से बार-बार टकरा कर कर लहूलुहान होता रहता हूं अब यह कैसा.. तुम्हारी आंखें बहुत बोलती - छलकती थी तब क्या अब भी खुशी- गम सुख - दुख में छलकती रहती हैं रहती है भरी -भरी पर ना जाने क्यूँ मेरी आंखों में लगी रहती है अब सावन की झड़ी यह कैसा.. पहले नींद रहित आंखों को तुम्हारे सुंदर सपनों का लालच दे सुला देता था पर ना जाने क्यों अब इनमें कभी रात की गहराई उतर जाती है तो कभी तुम्हारा दर्द ना जाने कैसे हृदय में करता रहता है रोशनी और कराता रहता है सारी रात - रतजगे यह कैसा.. अब इतना तो जान गया हूं रास्तों के बदलने से तकदीर कहां बदला करती हैं थक गया हूं तुम्हारी धरोहर को संभालते - संभालते अब यह वसीयत किसी और को कैसे दे दूं जिस पर लिखा है बस तुम्हारा तुम्हारा ही नाम यह कैसा.. न जाने क्यूँ अब तो अपनी परछाई ही डराने लगी है जिंदगी तो वीरान रही कहीं मौत भी गुमनाम ना हो पूरा होना अभी बाकी है बिछुड़ने से पहले जो हम न मिल पाए आखिरी बार वह रुखसते-उधारी अभी बाकी है आ जाओ बस एक बार लगा लो मुझे गले तुम्हारा -दीदार - ऐ- हसरत- बाकी है अभी बाकी है अभी बाकी है... दीदार- ऐ -हसरत "

यह कैसा अंत हीन इंतजार 
पसरा है काली सड़क सा 
जिसका कोई ओर ना छोर 
यह कैसा.. 
तुमने बहुत ही आवाज है मुझे
पर मैंने हमेशा ही अनसुनी की
जिस हकीकत से भागा था
उसी से बार-बार टकरा कर
कर लहूलुहान होता रहता हूं अब 
यह कैसा.. 
तुम्हारी आंखें बहुत 
बोलती - छलकती थी तब
क्या अब भी खुशी- गम 
सुख - दुख में छलकती रहती हैं
रहती है भरी -भरी
पर ना जाने क्यूँ मेरी आंखों
में लगी रहती है अब सावन की झड़ी
यह कैसा.. 
पहले नींद रहित आंखों को
तुम्हारे सुंदर सपनों का 
लालच दे सुला देता था
पर ना जाने क्यों अब इनमें
कभी रात की गहराई उतर जाती है तो कभी तुम्हारा दर्द 
ना जाने कैसे हृदय में
करता रहता है रोशनी
और कराता रहता है
सारी रात - रतजगे 
यह कैसा.. 
अब इतना तो जान गया हूं
रास्तों के बदलने से 
तकदीर कहां बदला करती हैं
थक गया हूं तुम्हारी धरोहर को 
संभालते - संभालते अब 
यह वसीयत किसी और को 
कैसे दे दूं जिस पर लिखा है 
बस तुम्हारा तुम्हारा ही नाम
यह कैसा.. 
न जाने क्यूँ अब तो अपनी 
परछाई ही डराने लगी है 
जिंदगी तो वीरान रही 
कहीं मौत भी गुमनाम ना हो 
पूरा होना अभी बाकी है 
बिछुड़ने से पहले जो 
हम न मिल पाए आखिरी बार
वह रुखसते-उधारी अभी बाकी है
आ जाओ बस एक बार 
लगा लो मुझे गले 
तुम्हारा -दीदार - ऐ- हसरत- बाकी है 
अभी बाकी है अभी बाकी है... दीदार- ऐ -हसरत

#krishna_flute

23 Love
482 Views
4 Share

#सांवरे #भजन #बांके_बिहारी #प्रार्थना
#KalamKiTaaqat #Poetry #story #myvoice #PoetryOnline #Nojoto Sudha Tripathi vishal kumar salvi कवि रा

35 Love
632 Views

वह आपके जीवन को सिद्ध करता है। यहोवा मुझसे जुड़ी हर वस्तु को सिद्ध करेगा . . . ( भजन संहिता १३८ ; ८ ) । ऊ

28 Love
735 Views
9 Share

"भजन..समीर तिवारी"

भजन..समीर तिवारी

जीवन की तपती धरती पर..समीर तिवारी

21 Love
2.0K Views

" भजन : आनंद मोहन, हरे मुरारी, मेरी प्रभो, मेरा प्रसार तुम हो, हे कल्पना अगाध सागर, प्रकृति का मूलाधार तुम हो, हर सुक्क्षम में , चर अचर जगत में, आनंत तुम, निर्विकार तुम हो, मैं दास हूं, तुम हो मेरे स्वामी, मैं ज्योति हूं , मेरा प्रकाश तुम हो । जगत चराचर निहित है तुम में, तुम्हीं हो प्रज्ञां प्रभा भी तुम हो, आघोर जीवन तुम्हें समर्पित, मैं पथ भ्रमित , मेरी दिशा भी तुम हो । "


भजन : 
आनंद मोहन, हरे मुरारी, मेरी प्रभो,
 मेरा प्रसार तुम हो, 
हे कल्पना अगाध सागर, 
प्रकृति का मूलाधार तुम हो, 
हर सुक्क्षम में , चर अचर जगत में, 
आनंत तुम, निर्विकार तुम हो, 
मैं दास हूं, तुम हो मेरे स्वामी, 
मैं ज्योति हूं , मेरा प्रकाश तुम हो । 

जगत चराचर निहित है तुम में, 
तुम्हीं हो प्रज्ञां प्रभा भी तुम हो,
आघोर जीवन तुम्हें समर्पित,
मैं पथ भ्रमित , मेरी दिशा भी तुम हो ।

कन्हैया को समर्पित #krishna_flute @Shree Krishna @Reetika Joshi @Halchal Tiwari @Nikhil Mishra @X-tylish Man

46 Love
715 Views

"जहां रोशनी का मिलन हो रहा था"

17 Love
921 Views

#Singing #Song #harisaranam #JaiSreeRam #भजन guys acha lge to to share kare 🙏 #NojotoFamily sakshi CHAUHAN Princesslappi Anand Sarauniya Kir

22 Love
472 Views

#ability.
#मेरा यकीन जो किसी का #भरोश बना......
#लगा जेसे कोई कोना जो #उझाले से दूर होकर भी #रोशनी से शना......

82 Love
671 Views

मन लागा जोगिया...
स्वर/लेखक-कवि राहुल पाल
#भक्ति #भजन #nojoto #nojotonews
#KRP
@Neha Pant Nupur @Sudha Tripathi @Amit Thakur @Anshula Thakur

277 Love
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#arzhai #PoemMushup 😅
#LOVEGUITAR
#Poetry #Hindi #Nojoto #nojotohindi #nojotoenglish #nojotonews #nojotoLove

दोस्तों,त्रुटियों को कृपया क

96 Love
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"और जो हुआ पूरा किसी दिन, दाग नजर आ जाएगा.. उधार की रोशनी का सच, साफ नजर आ जाएगा... मैंने उसको पास बिठाया आईना दिखाया, फिर थोड़ा समझाया.. इस सतह की रोशनी की, तू मुझे क्या दुहाई देता है.. उसके तो अंदर है वो नूर, जो बाहर दिखाई देता है... ©drVats वो छत पर लेटे लेटे एक दिन, शाम से जब रात हुई.. चांद दिखा मुझे आसमान में, चांद से मेरी बात हुई.. चांद बोला परेशान सा, कैसे अपने नूर को बरकरार रख पाता है.. मेरा आकार तो हर दिन, घटता बढ़ता जाता है.."

और जो हुआ पूरा किसी दिन, 
दाग नजर आ जाएगा..
उधार की रोशनी का सच,
 साफ नजर आ जाएगा...

मैंने उसको पास बिठाया
आईना दिखाया,
फिर थोड़ा समझाया..

इस सतह की रोशनी की, 
तू मुझे क्या दुहाई देता है.. 
उसके तो अंदर है वो नूर,
जो बाहर दिखाई देता है...
                ©drVats वो छत पर लेटे लेटे एक दिन, 
शाम से जब रात हुई.. 
चांद दिखा मुझे आसमान में,
 चांद से मेरी बात हुई..

चांद बोला परेशान सा,
कैसे अपने नूर को 

 बरकरार रख पाता है..
 मेरा आकार तो हर दिन,
 घटता बढ़ता जाता है..

चांद और वो #RashkeQamar means चाँद की ईर्ष्या..
So this poetry of mine best suited for the title.. Listen it up.. and react to it..
#Nojoto

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"सांझ की गोधूलि में भजन बन गुनगुनायी जाएंगी..."

सांझ की गोधूलि में
भजन बन गुनगुनायी जाएंगी...

#कविता#और_कभी_नहीं_लिखी_जातीं

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"अलोन रोशनी R. G.... "

अलोन रोशनी  R. G....

## अलोन रोशनी rg...

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#themodernpoets #themodernpoets #Hindi #urdu #Shayari #ghazal #ishq #New

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"कलयुगी भजन हे प्रभो, आनन्द दाता हमको यही उपहार दो सिर्फ मैं जीवित रहू और सबको मार दो "

कलयुगी भजन 

हे प्रभो, आनन्द दाता हमको यही उपहार दो 
सिर्फ मैं जीवित रहू और सबको मार दो

कलयुगी भजन

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वह हमे उसके प्रकाश में चलाता है । तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक , और मेरे मार्ग के लिये उजियाला

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#Life #Poetry #Trending #latest
#Love #Lifeexperiences

जिंदगी में दर्द मिला बहुत था
लोगो का कर्ज मुझ पर बहुत था

दिल का मकान सुना था
घर पर

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"जय श्री श्याम ... भजन... 💓"

जय श्री श्याम ...
भजन... 💓

shyam ji ka bhajan //diksha// indira akanksha mogha Neha Kushwaha Ekta Lohmor Anuj Yadav anjan rahi Aaradhana Anand राधाकृष्णप्रिय Deepika M

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""अकेला योद्धा" प्रनित कुलुङ राई हाँ, भेडाको झुण्ड में रेहकर भि, एक भेडाको पेहचान मिल जाता हैं। लेकिन जो बिना झुण्ड के भि राज करे उसे हि जंगल के राजा बुलाता हैं । हाँ लाँख तारे भि दुनियाँ को रोशनी देती हैं, भिंड में हि सहि अपने आप को पेहचान दिलाता हैं लेकिन जिस्के रोशनी लाख तारे को भि भारी पड़ जाता है जिस्के चमक लाख तारे को भि झुकनेको मझबुर कर जाता है वह भि अकेला चाँद हि होता है । हाँ, बुँन्द बुँन्द से सागर बनता है लेकिन सच तो यही है कि उस जलको सागर बन्ने के लिए भि एक बुँन्द जल कि जरूरत होता हैं, और जो बुँन्द उस सागरसे बाहर आकर भि अपना तलाब बना लेता हैं वही शैलाब लाने कि संक्षम रखता हैं। हाँ, एक प्राणी भि भिंड मे हि सुरक्षित रेहता हैं, सफलता पाने के लिए किसी के साथ कि जरूरत होता हैं, लेकिन जो अकेला हि आसमान में उड्ता हैं, उसका हि सबसे मजबुत पंख हुआ करते हैं और जो अकेला हि संघर्ष करके सफलताको चुम लेता हैं उसे हि अकसर लोक अकेला योद्धा बुलाता हैं ।"

"अकेला योद्धा"
प्रनित कुलुङ राई 

हाँ, भेडाको झुण्ड में रेहकर भि, 
एक भेडाको पेहचान मिल जाता हैं।
लेकिन जो बिना झुण्ड के भि राज करे 
उसे हि जंगल के राजा बुलाता हैं ।

हाँ लाँख तारे भि दुनियाँ को रोशनी देती हैं, 
भिंड में हि सहि अपने आप को पेहचान दिलाता हैं 
लेकिन जिस्के रोशनी लाख तारे को भि भारी पड़ जाता है 
जिस्के चमक लाख तारे को भि झुकनेको मझबुर कर जाता है 
वह भि अकेला चाँद हि होता है ।

हाँ, बुँन्द बुँन्द से सागर बनता है 
लेकिन सच तो यही है कि 
उस जलको सागर बन्ने के लिए भि 
एक बुँन्द जल कि जरूरत होता हैं, 
और जो बुँन्द उस सागरसे बाहर आकर भि 
अपना  तलाब बना लेता हैं 
वही शैलाब लाने कि  संक्षम रखता हैं। 

हाँ, एक प्राणी भि भिंड मे हि सुरक्षित रेहता हैं, 
सफलता पाने के लिए किसी के साथ कि जरूरत होता हैं, 
लेकिन जो अकेला हि आसमान में  उड्ता हैं, 
उसका हि सबसे मजबुत पंख हुआ करते हैं 
और जो अकेला हि संघर्ष करके सफलताको चुम लेता हैं 
उसे  हि अकसर लोक अकेला योद्धा बुलाता हैं ।

अकेला योद्धा

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रोशनी के नाम पर मुहब्बत जला गये

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"यह कैसा अंत हीन इंतजार पसरा है काली सड़क सा जिसका कोई ओर ना छोर यह कैसा.. तुमने बहुत ही आवाज है मुझे पर मैंने हमेशा ही अनसुनी की जिस हकीकत से भागा था उसी से बार-बार टकरा कर कर लहूलुहान होता रहता हूं अब यह कैसा.. तुम्हारी आंखें बहुत बोलती - छलकती थी तब क्या अब भी खुशी- गम सुख - दुख में छलकती रहती हैं रहती है भरी -भरी पर ना जाने क्यूँ मेरी आंखों में लगी रहती है अब सावन की झड़ी यह कैसा.. पहले नींद रहित आंखों को तुम्हारे सुंदर सपनों का लालच दे सुला देता था पर ना जाने क्यों अब इनमें कभी रात की गहराई उतर जाती है तो कभी तुम्हारा दर्द ना जाने कैसे हृदय में करता रहता है रोशनी और कराता रहता है सारी रात - रतजगे यह कैसा.. अब इतना तो जान गया हूं रास्तों के बदलने से तकदीर कहां बदला करती हैं थक गया हूं तुम्हारी धरोहर को संभालते - संभालते अब यह वसीयत किसी और को कैसे दे दूं जिस पर लिखा है बस तुम्हारा तुम्हारा ही नाम यह कैसा.. न जाने क्यूँ अब तो अपनी परछाई ही डराने लगी है जिंदगी तो वीरान रही कहीं मौत भी गुमनाम ना हो पूरा होना अभी बाकी है बिछुड़ने से पहले जो हम न मिल पाए आखिरी बार वह रुखसते-उधारी अभी बाकी है आ जाओ बस एक बार लगा लो मुझे गले तुम्हारा -दीदार - ऐ- हसरत- बाकी है अभी बाकी है अभी बाकी है... दीदार- ऐ -हसरत "

यह कैसा अंत हीन इंतजार 
पसरा है काली सड़क सा 
जिसका कोई ओर ना छोर 
यह कैसा.. 
तुमने बहुत ही आवाज है मुझे
पर मैंने हमेशा ही अनसुनी की
जिस हकीकत से भागा था
उसी से बार-बार टकरा कर
कर लहूलुहान होता रहता हूं अब 
यह कैसा.. 
तुम्हारी आंखें बहुत 
बोलती - छलकती थी तब
क्या अब भी खुशी- गम 
सुख - दुख में छलकती रहती हैं
रहती है भरी -भरी
पर ना जाने क्यूँ मेरी आंखों
में लगी रहती है अब सावन की झड़ी
यह कैसा.. 
पहले नींद रहित आंखों को
तुम्हारे सुंदर सपनों का 
लालच दे सुला देता था
पर ना जाने क्यों अब इनमें
कभी रात की गहराई उतर जाती है तो कभी तुम्हारा दर्द 
ना जाने कैसे हृदय में
करता रहता है रोशनी
और कराता रहता है
सारी रात - रतजगे 
यह कैसा.. 
अब इतना तो जान गया हूं
रास्तों के बदलने से 
तकदीर कहां बदला करती हैं
थक गया हूं तुम्हारी धरोहर को 
संभालते - संभालते अब 
यह वसीयत किसी और को 
कैसे दे दूं जिस पर लिखा है 
बस तुम्हारा तुम्हारा ही नाम
यह कैसा.. 
न जाने क्यूँ अब तो अपनी 
परछाई ही डराने लगी है 
जिंदगी तो वीरान रही 
कहीं मौत भी गुमनाम ना हो 
पूरा होना अभी बाकी है 
बिछुड़ने से पहले जो 
हम न मिल पाए आखिरी बार
वह रुखसते-उधारी अभी बाकी है
आ जाओ बस एक बार 
लगा लो मुझे गले 
तुम्हारा -दीदार - ऐ- हसरत- बाकी है 
अभी बाकी है अभी बाकी है... दीदार- ऐ -हसरत

#krishna_flute

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वह आपके जीवन को सिद्ध करता है। यहोवा मुझसे जुड़ी हर वस्तु को सिद्ध करेगा . . . ( भजन संहिता १३८ ; ८ ) । ऊ

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"भजन..समीर तिवारी"

भजन..समीर तिवारी

जीवन की तपती धरती पर..समीर तिवारी

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" भजन : आनंद मोहन, हरे मुरारी, मेरी प्रभो, मेरा प्रसार तुम हो, हे कल्पना अगाध सागर, प्रकृति का मूलाधार तुम हो, हर सुक्क्षम में , चर अचर जगत में, आनंत तुम, निर्विकार तुम हो, मैं दास हूं, तुम हो मेरे स्वामी, मैं ज्योति हूं , मेरा प्रकाश तुम हो । जगत चराचर निहित है तुम में, तुम्हीं हो प्रज्ञां प्रभा भी तुम हो, आघोर जीवन तुम्हें समर्पित, मैं पथ भ्रमित , मेरी दिशा भी तुम हो । "


भजन : 
आनंद मोहन, हरे मुरारी, मेरी प्रभो,
 मेरा प्रसार तुम हो, 
हे कल्पना अगाध सागर, 
प्रकृति का मूलाधार तुम हो, 
हर सुक्क्षम में , चर अचर जगत में, 
आनंत तुम, निर्विकार तुम हो, 
मैं दास हूं, तुम हो मेरे स्वामी, 
मैं ज्योति हूं , मेरा प्रकाश तुम हो । 

जगत चराचर निहित है तुम में, 
तुम्हीं हो प्रज्ञां प्रभा भी तुम हो,
आघोर जीवन तुम्हें समर्पित,
मैं पथ भ्रमित , मेरी दिशा भी तुम हो ।

कन्हैया को समर्पित #krishna_flute @Shree Krishna @Reetika Joshi @Halchal Tiwari @Nikhil Mishra @X-tylish Man

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"जहां रोशनी का मिलन हो रहा था"

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#Singing #Song #harisaranam #JaiSreeRam #भजन guys acha lge to to share kare 🙏 #NojotoFamily sakshi CHAUHAN Princesslappi Anand Sarauniya Kir

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#ability.
#मेरा यकीन जो किसी का #भरोश बना......
#लगा जेसे कोई कोना जो #उझाले से दूर होकर भी #रोशनी से शना......

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