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Best विरोध Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"भीड़ जब एकता में तब्दील हो जाती है तो फिर वो अपने राष्ट्र के निर्माण व विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे जाती है बुराई का खुद पे हावी होने से पहले ही उसका एक सुर विरोध दर्ज करा देती है अपने हक व अधिकारों के प्रति सहजग व जागरूक रहती है लेकिन जब इसी भीड़ कि एकता में फूट पड़ जाती है और ऐ भीड़ एक गलत दिशा कि तरफ बढ़ जाती है तो फिर कभी कभी किसी एक कि गलती सभी पर भारी पड़ जाती है और फिर टकराव कि स्थिति पैदा हो जाती है इसलिए हमारा अपना विरोध दर्ज कराना कभी गलत नहीं है बशर्ते वो अहिंसा अनुशासन नैतिकता के दायरे मे हो हमें खुद से ज्यादा दूसरों कि अपने राष्ट्र कि फिक्रर हो न कि हम किसी के बहकावे में आकर हिंसा से प्रेरित हो और तो और हम बिना वास्तविक जमीनी स्तर कि सच्चाई जाने बिना किसी भी परिणाम पर मत पहुंचे बल्कि धैर्य रखे और सकारात्मक मार्ग पर एक एक कदम आगे बढते रहे।"

भीड़ जब एकता में तब्दील हो जाती है तो फिर वो अपने राष्ट्र के निर्माण व विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे जाती है बुराई का खुद पे हावी होने से पहले ही उसका एक सुर विरोध दर्ज करा देती है अपने हक व अधिकारों के प्रति सहजग व जागरूक रहती है लेकिन जब इसी भीड़ कि एकता में फूट पड़ जाती है और ऐ भीड़ एक गलत दिशा कि तरफ बढ़ जाती है तो फिर कभी कभी किसी एक कि गलती सभी पर भारी पड़ जाती है और फिर टकराव कि स्थिति पैदा हो जाती है इसलिए हमारा अपना विरोध दर्ज कराना कभी गलत नहीं है बशर्ते वो अहिंसा अनुशासन नैतिकता के दायरे मे हो हमें खुद से ज्यादा दूसरों कि अपने राष्ट्र कि फिक्रर हो न कि हम किसी के बहकावे में आकर हिंसा से प्रेरित हो और तो और हम बिना वास्तविक जमीनी स्तर कि सच्चाई जाने बिना किसी भी परिणाम पर मत पहुंचे बल्कि धैर्य रखे और सकारात्मक मार्ग पर एक एक कदम आगे बढते रहे।

#nojotohindi #Storie #भीड़ #जब.....................................

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"#एक-सवाल-अपनों-से मुसलमां गलत तो , कलाम जी कैसे ? हिन्दू गलत तो , विवेकानन्द जी कैसे ? सारा जमाना गलत तो , आपसब कैसे ? सब टुकड़ों में बँटें हो तो , ये हिंदुस्तान कैसे ?"

#एक-सवाल-अपनों-से 

मुसलमां गलत तो , कलाम जी कैसे ?
हिन्दू गलत तो , विवेकानन्द जी कैसे ?
सारा जमाना गलत तो , आपसब कैसे ?
सब टुकड़ों में बँटें हो तो , ये हिंदुस्तान कैसे ?

अनेकता में एकता , हिंदुस्तान की विशेषता
सब का भारत , सबके लिए भारत
#भारत #विरोध #इंडिया #शाहीनबाग #दिल्ली #राजनीति #देशप्रेम #राष्ट्रप्रेम @Avni Goyal

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jay hind jay bharat ....
#India #NRC #CAB #Politics
#मोदी #शाह #राहुल #केजरीवाल
#ममतादीदी #विरोध @Avni Goyal

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"कभी कभी लोक लाज व समाज के डर से हम अपने ऊपर हो रहे ज़ुल्मों का विरोध नहीं कर पाते है भावनाओं के बहाव दोषी को माफ करते जाते है और इंतजार करते है की ऐ अब सुधर जायेंगा ऐ अब सुधर जायेंगा लेकिन जब ऐसा नहीं होता है लालच अनुशानहीनता अनैतिकता का दायरा जब हद से ज्यादा बढ़ जाता है पानी सिर से ऊपर हो जाता है तब कही ना कही हमें विरोध दर्ज कराना ही पड़ता है क्योंकि छोटी सी बीमारी को अनदेखा करना कभी कभी बड़े घाव का रूप ले लेता है।"

कभी कभी लोक लाज व समाज के डर से 
हम अपने ऊपर हो रहे ज़ुल्मों का विरोध नहीं कर पाते है 
भावनाओं के बहाव दोषी को माफ करते जाते है और इंतजार 
करते है की ऐ अब सुधर जायेंगा ऐ अब सुधर जायेंगा
लेकिन जब ऐसा नहीं होता है लालच अनुशानहीनता 
अनैतिकता का दायरा जब हद से ज्यादा बढ़ जाता है
पानी सिर से ऊपर हो जाता है तब कही ना कही हमें विरोध दर्ज  
कराना ही पड़ता है क्योंकि छोटी सी बीमारी को अनदेखा 
करना कभी कभी बड़े घाव का रूप ले 
लेता है।

#nojotohindi #Storie #कभी #कभी #लोक #लाज..........

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"#असहमति और #विरोध में अन्तर होता है, असहमति 'विचारों' से होती है विरोध 'व्यक्ति' से होता है ... हम जाने अनजाने विचारों का विरोध करते करते वयक्ति से असहमत हो जाते हैं, और कभी कभी हम व्यक्ति से असहमत होते हैं तो उसके विचारों का विरोध करने लगते हैं - मेरी और आपकी वैचारिक असहमति है तो इसका अर्थ ये नहीं की मैं आपका विरोधी हूँ, शिष्टतापूर्वक की गई असहमति अधिक कल्याणकारी होती है बजाय अशिष्टता से असहमति करने की .... हम अक्सर तथ्यों के ऊपर संघर्ष करते हैं, तथ्य से पैदा होता है तर्क - तर्क यानी तथ्यों का अर्क और अर्क यानी एसेन्स ऑफ़ लॉजिक, जरूरी नहीं की हर तथ्य सत्य हो मगर ये सच है की हर तथ्य का अपना एक सत्य होता है !!!"

#असहमति और #विरोध में अन्तर होता है, असहमति 'विचारों' से होती है विरोध 'व्यक्ति' से होता है ... हम जाने अनजाने विचारों का विरोध करते करते वयक्ति से असहमत हो जाते हैं, और कभी कभी हम व्यक्ति से असहमत होते हैं तो उसके विचारों का विरोध करने लगते हैं - मेरी और आपकी वैचारिक असहमति है तो इसका अर्थ ये नहीं की मैं आपका विरोधी हूँ, शिष्टतापूर्वक की गई असहमति अधिक कल्याणकारी होती है बजाय अशिष्टता से असहमति करने की .... हम अक्सर तथ्यों के ऊपर संघर्ष करते हैं, तथ्य से पैदा होता है तर्क - तर्क यानी तथ्यों का अर्क और अर्क यानी एसेन्स ऑफ़ लॉजिक, जरूरी नहीं की हर तथ्य सत्य हो मगर ये सच है की हर तथ्य का अपना एक सत्य होता है !!!

#Dullness

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