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Best वफ़ा Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"वफ़ाओं के ज़माने गुज़रे तो ज़माने हुए, जिसने की यहाँ वफ़ाएँ... वो ख़ुद से ही बेगाने हुए !! ―Annu"

वफ़ाओं के ज़माने गुज़रे तो ज़माने हुए,
जिसने की यहाँ वफ़ाएँ... वो ख़ुद से ही बेगाने हुए !!
―Annu

#वफ़ा#शायरी#मोहब्बत#writters#nojoto#nojotohindi#loveforever#Adhuri_baat#oneliner#Quote

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"मुझे अपनी वफ़ा पर हंसी आई मैंने ये किससे वफ़ा की उम्मीद लगाई #NojotoQuote"

मुझे अपनी वफ़ा पर हंसी आई
मैंने ये किससे वफ़ा की उम्मीद लगाई #NojotoQuote

उम्मीद
#उम्मीद #वफ़ा #nojotohindi

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"बारिश की बूंदों से वफ़ा सीखो, वो मिलों दूर से आती हैं.... सिर्फ जमीन से मिलने को !!"

बारिश की बूंदों से वफ़ा सीखो,
वो मिलों दूर से आती हैं....
सिर्फ जमीन से मिलने को !!

#बारिश#वफ़ा#nojoto#nojotohindi#Quotes#Shayari#bestpoetry#Love

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"मैने तो वफ़ा की ,मगर वो तो बेवफा निकला चंद दिनों की खुशियां देकर उम्र भर का गम दे चला तोड़कर सब वादे बीच रास्ते मैं छोड़ चला मैंने तो वफ़ा की मगर वो तो बेवफा निकल"

मैने तो वफ़ा की ,मगर वो तो बेवफा निकला
चंद दिनों की खुशियां देकर 
उम्र भर का गम दे चला 
तोड़कर सब वादे 
बीच रास्ते मैं छोड़ चला 
मैंने तो वफ़ा की मगर वो तो बेवफा निकल

मैंने तो वफ़ा की मगर वो तो बेवफा निकला 😭

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"अब मैं मौत के सफर को तैयार होना चाहता हूँ ! अब मैं नींद से अपनी, बेदार होना चाहता हूँ!! थक गया हूँ मैं भारी भारी सांसे ढो ढो कर हाँ, अब साँसो के क़र्ज़ से सुबुक बार होना चाहता हूँ!! जिस वफ़ा की चाह मे मैंने सारी ज़िन्दगी गुज़ार दी अब उसी वफ़ा की खातिर बीमार होना चाहता हूँ !! जो दिए हैं दर्द ओ ग़म मैंने तुझे बेवजह बार बार, अब मैं उसी दर्द ओ ग़म से दो चार होना चाहता हूँ !! जला जला कर खुद को मैं पशेमानी की आग मे, इस जिस्म से इस जान से बेज़ार होना चाहता हूँ!! आखिरी ख्वाहिश है मेरी जब जब जन्म लूँ जमीं पे, मैं तेरा आशिक हर जन्म हर बार होना चाहता हूँ!! -बिजेंद्र प्रताप #NojotoQuote"

अब मैं मौत के सफर को  तैयार  होना  चाहता  हूँ !
अब  मैं  नींद  से  अपनी,  बेदार  होना  चाहता  हूँ!!

थक गया हूँ मैं भारी  भारी  सांसे  ढो  ढो  कर हाँ,
अब साँसो के क़र्ज़ से सुबुक बार होना चाहता हूँ!!

जिस वफ़ा की चाह मे मैंने सारी ज़िन्दगी गुज़ार दी 
अब उसी वफ़ा की खातिर बीमार होना चाहता हूँ !!

जो दिए हैं दर्द ओ ग़म मैंने तुझे  बेवजह  बार  बार,
अब मैं उसी दर्द ओ ग़म से दो चार होना चाहता हूँ !!

जला जला कर खुद को मैं पशेमानी  की  आग  मे,
इस जिस्म से इस जान से बेज़ार  होना  चाहता  हूँ!!

आखिरी ख्वाहिश है मेरी जब जब जन्म लूँ जमीं पे,
मैं तेरा आशिक हर जन्म हर बार होना चाहता हूँ!!

-बिजेंद्र प्रताप #NojotoQuote

 

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