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"Break up"

Break up

Breakups aren't easy and will never be easy. Those who are going through it know how difficult it is & those who have gone through it knew how difficult it was. But those who have gone through it also know that Break up was not as difficult as they thought. When you are going through a break up you feel a lot of emotions especially the sad ones going in your mind. You get self doubts, lack of confidence, you not only question your ownself but also your relationships with others. Break up not onl

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"(Read Caption)"

(Read Caption)

#Life #Love #Dosti #brokenfriendship #lost #hurt #longform #musing

Dear Lost Best Friend,

You were the Only Person Whom I have Trusted,then Why You too Broke My Trust Like Others ?

You were My Supporting Partner From My Crushes to My Bad Habits,
Then why You didn't Stick My Side ?

43 Love

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"याद है तुझे ? जो कि हमनें पहली बातें और पहला संदेश हमारा, या भुला दिया समझ कोई फ़िजूल सा स्वप्न दुबारा,, #NojotoQuote"

याद है तुझे ?

जो कि हमनें पहली बातें
 और पहला संदेश हमारा,

या भुला दिया समझ कोई 
फ़िजूल सा स्वप्न दुबारा,,
     #NojotoQuote

#nojotohindi #besthindiquotes #NojotoWriter #Poet #Love #Poetry #rhymes #rhyntm #poem #shayri #yaaden #Pain #Tanhai #alone #lonely #Quotes #thuoghts #mushings #longform #4liner #writer

38 Love

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"आज का ज्ञान जैसा इंक का रंग होगा, वैसा ही रंग कलम की नोक से निकलेगा! ठीक इसी तरह जैसा भी हमारे मन रूपी इंक का रंग रूपी भाव होगा, ठीक वैसा ही हमारे शरीर रूपी कलम से जाने-अनजाने बड़े ताव से निकलेगा! उदहारण के लिये- जैसा कि सभी महान लोग कहते हैं कि- "किसी भी बच्चे के मन में प्रेम और क्रोध का भाव होता है! जोकि उसे प्रकृति द्वारा वरदान के रूप में मिलता है! लेकिन परिवार, समाज, शिक्षा और धर्म की शाखाएँ मनुष्य का भला करने के चक्कर में जाने-अनजाने में इन दोनों भावों को बुरा समझ कर दबाने में अपना योगदान देती हैं! फिर जब उन दबे भावों का समाज में ज्वालामुखी बनकर विस्फोट होने लगता है, तो फिर यही शाखाएँ एक-दूसरे की परवरिश में आरोप लगाने लग जाती हैं! यानी कि हम लोग जाने-अनजाने में खुद ही समाज में फैली गुत्थियों (समस्याओं) का बीज बो रहे हैं, और फिर इन गुत्थियों से छुट्टी पाने के लिये किसी चमत्कार की झूठी आशा कर रहे हैं!" _बधाई हो छुट्टी की by रोहित थपलियाल"

आज का ज्ञान    
जैसा इंक का रंग होगा,
वैसा ही रंग कलम की नोक से निकलेगा!
ठीक इसी तरह
जैसा भी हमारे मन रूपी इंक का रंग रूपी भाव होगा,
ठीक वैसा ही हमारे शरीर रूपी कलम से जाने-अनजाने बड़े ताव से निकलेगा!

उदहारण के लिये-
जैसा कि
सभी महान लोग कहते हैं कि-
"किसी भी बच्चे के मन में प्रेम और क्रोध का भाव होता है!
जोकि उसे प्रकृति द्वारा वरदान के रूप में मिलता है!
लेकिन
परिवार, समाज, शिक्षा और धर्म की शाखाएँ
मनुष्य का भला करने के चक्कर में जाने-अनजाने में
इन दोनों भावों को बुरा समझ कर दबाने में अपना योगदान देती हैं!
फिर
जब उन दबे भावों का समाज में ज्वालामुखी बनकर
विस्फोट होने लगता है,
तो फिर यही शाखाएँ एक-दूसरे की परवरिश में आरोप लगाने लग जाती हैं!
यानी कि
हम लोग जाने-अनजाने में खुद ही समाज में फैली गुत्थियों (समस्याओं) का बीज बो रहे हैं,
और फिर इन गुत्थियों से छुट्टी पाने के लिये किसी चमत्कार की झूठी आशा कर रहे हैं!"

_बधाई हो छुट्टी की by रोहित थपलियाल

जैसा इंक का रंग होगा,
वैसा ही रंग कलम की नोक से निकलेगा!
ठीक इसी तरह
जैसा भी हमारे मन रूपी इंक का रंग रूपी भाव होगा,
ठीक वैसा ही हमारे शरीर रूपी कलम से जाने-अनजाने बड़े ताव से निकलेगा!

उदहारण के लिये-
जैसा कि

38 Love
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"माना तेरे और मेरे हाथ दूर बहुत है... थामना मगर मैं फिर भी चाहती हूँ माना तेरे मेरे कंधे के बीच फ़ासले बहुत हैं पहुचना तुम तक मैं फिर भी चाहती हूँ माना तेरे और मेरे कदमो के बीच जमीन बहुत है... कदम बढ़ाना मै फिर भी चाहती हूँ माना तेरे और मेरे ख़्वाब अलग बहुत है... बनना तेरा ख़्वाब मैं फिर भी चाहती हूँ माना ख़याल तेरे मेरे मिलते बहुत कम है... रखना ख्याल तेरा फिर भी चाहती हूँ माना तेरे मेरे बीच मे मुश्किल बहुत है... उलझना उनसे मैं फिर भी चाहती हूँ माना तेरे मेरे दिल की हालत बुरी है... तुझे अपना बनाना मैं फिर भी चाहती हूँ माना जमाना बहलाता है बस ... इसलिए तुझे अपना और खुदको तेरा आईना बनाना चाहती हूँ -siya guftugu_e_ishq"

माना तेरे और मेरे हाथ दूर बहुत है...
थामना मगर मैं फिर भी चाहती हूँ
माना तेरे मेरे कंधे के बीच फ़ासले बहुत हैं
पहुचना तुम तक मैं फिर भी चाहती हूँ
माना तेरे और मेरे कदमो के बीच जमीन बहुत है...
कदम बढ़ाना मै फिर भी चाहती हूँ
माना तेरे और मेरे ख़्वाब अलग बहुत है...
बनना तेरा ख़्वाब मैं फिर भी चाहती हूँ
माना ख़याल तेरे मेरे मिलते बहुत कम है...
रखना ख्याल तेरा फिर भी चाहती हूँ
माना तेरे  मेरे बीच मे मुश्किल बहुत है...
उलझना उनसे मैं फिर भी चाहती हूँ
माना तेरे मेरे दिल की हालत बुरी है...
तुझे अपना बनाना मैं फिर भी चाहती हूँ
माना जमाना बहलाता है बस ...
इसलिए तुझे अपना और खुदको तेरा आईना बनाना चाहती हूँ
-siya









                                           guftugu_e_ishq

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30 Love