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"इस बात की तलब नहीं मुझे की कामयाब हो जाऊं, जिक्र जब भी हो मेरी बातों का तो तो बस दुवा में याद आऊं"

इस बात की तलब नहीं मुझे की कामयाब हो जाऊं, 
जिक्र जब भी हो मेरी बातों का तो तो बस दुवा में याद आऊं

#मेरे_शब्द

11 Love

"हे शंकर ताप बढ़ा है हे शंकर पाप बढ़ा है हे शंकर क्यों रुष्ट खड़ा है हे शंकर विपदा मे संसार पड़ा है हे शंकर मानव अपनी जिद पे अड़ा है हे शंकर मानव निर्मित विनाश का दृश्य दिखा है हे शंकर संसार बचा ले.......क्यों तू मौन पड़ा है....... #अंजान....."

हे शंकर ताप बढ़ा है
हे शंकर पाप बढ़ा है
हे शंकर क्यों रुष्ट खड़ा है
हे शंकर विपदा मे संसार पड़ा है
हे शंकर मानव अपनी जिद पे अड़ा है
हे शंकर मानव निर्मित विनाश का दृश्य दिखा है
हे शंकर संसार बचा ले.......क्यों तू मौन पड़ा है....... 

#अंजान.....

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#अंजान.....

31 Love

"मेहेकते जिस्म पर तू गुरूर न कर ये दोस्त राख में दफन हुए हैं तुझे से हसीन न जाने कितने लोग baibhav_mishra"

मेहेकते जिस्म पर तू गुरूर 
न कर ये दोस्त 
राख में दफन हुए हैं तुझे से 
हसीन न जाने कितने लोग
baibhav_mishra

#मेरे_शब्द

16 Love
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"अाज जो है वो कल न रहेगा मेरी मोहब्बत हर वक्त तेरा न रहेगा ज़रा गुरूर है तुझे की तेरे चाहने वाले बहुत है खुदा जानता है की मेरे बाद तुझे पूछने वाला कोई न रहेगा baibhav_mishra"

अाज जो है वो कल 
न रहेगा 
मेरी मोहब्बत हर वक्त 
तेरा न रहेगा
ज़रा गुरूर है तुझे की 
तेरे चाहने वाले बहुत है
खुदा जानता है की मेरे बाद 
तुझे पूछने वाला कोई न रहेगा
baibhav_mishra

#मेरे_शब्द

15 Love

"बचपन और जिम्मेदारी कुछ बचपन ऐसे भी बीत जाते हैं जिम्मेदारी के बोझ तले नन्हें कांधे झुक जाते है छोटी उम्र मे बड़ा काम कर रहा है इस कुदरत उस ईश्वर को भी हैरान कर रहा है मुफ़लिसी के दौर मे नादानी छोड़ ये बालक अपने घर के भोजन का इंतजाम कर रहा है कैसे कह दूँ इसे छोटा ये तो बड़ा हो गया है जो काम घर का मुखिया करता है वो काम ये बचपन सरेआम कर रहा है ए बचपन तेरी लगन को अंजान सलाम कर रहा है #अंजान...."

बचपन और जिम्मेदारी कुछ बचपन ऐसे भी बीत जाते हैं
जिम्मेदारी के बोझ तले    
नन्हें कांधे झुक जाते है
छोटी उम्र मे बड़ा काम कर रहा है
इस कुदरत उस ईश्वर को भी 
हैरान कर रहा है
मुफ़लिसी के दौर मे 
नादानी छोड़ ये बालक
अपने घर के भोजन का
 इंतजाम कर रहा है
कैसे कह दूँ इसे छोटा
ये तो बड़ा हो गया है
जो काम घर का मुखिया करता है
वो काम ये बचपन
सरेआम कर रहा है
ए बचपन तेरी लगन को 
अंजान सलाम कर रहा है

#अंजान....

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