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Best दिवाली Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"*Happy Diwali*drVats अमीर, गरीब, मने सभी की दिवाली, दिवाली सब के साथ से हैं.. दिवाली की रौनक, जितनी दीये से, उतनी, अंधेरी रात से है.. ©drvats"

*Happy Diwali*drVats

अमीर,  गरीब, 
मने सभी की दिवाली,
  दिवाली सब के साथ से हैं.. 

  दिवाली की रौनक, 
जितनी दीये से,
   उतनी, अंधेरी रात से है..
                     ©drvats

Happy Diwali 2019 #Happy #Diwali 2019 #drvats #Happydiwali #Deepawali #दिवाली #दीपावली #दीप #दिए #दीप#Festival #celebration #Nojoto #nojotohindi #Quotes #Thoughts #Quote #Life #Music #Shayari #Poetry #विचार #कविता #कहानी #शायरी #कला #Stories

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"दिवाली रोज मनाएं फूलझड़ी फूल बिखेरे चकरी चक्कर खाए अनार उछला आसमान तक रस्सी-बम धमकाए सांप की गोली हो गई लम्बी रेल धागे पर दौड़ लगाए आग लगाओ रॉकेट को तो वो दुनिया नाप आए टिकड़ी के संग छोटे-मोटे बम बच्चों को भाए ऐसा लगता है दिवाली हम तुम रोज मनाएं। Happy Deepavali"

दिवाली रोज मनाएं फूलझड़ी फूल बिखेरे 
चकरी चक्कर खाए
अनार उछला आसमान तक रस्सी-बम धमकाए
सांप की गोली हो गई लम्बी रेल धागे पर दौड़ लगाए
आग लगाओ रॉकेट को तो वो दुनिया नाप आए
टिकड़ी के संग छोटे-मोटे बम बच्चों को भाए
ऐसा लगता है दिवाली हम तुम रोज मनाएं।

Happy Deepavali

#दीपावली

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Short Film on Diwali
नोजोटो परिवार की तरफ से सभी को दिवाली की शुभकामनायें,
Happy Diwali
#Diwali #दिवाली #films #NojotoFilms

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"Dil ये शहर, भी क्या शहर है.. हवाओं में धुआं हैं.. फिजाओं में जहर है.."

Dil  ये शहर, भी क्या शहर है..
हवाओं में धुआं हैं..
फिजाओं में जहर है..

Pollution
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"चलो...आओ फिर से बच्चे बनते है !! डेढ़ आँखे बन्द किये मैं सो गया हूं कहकर मन ही मन माँ को उलझाते है आओ..फिर से ताई की चुनड़ी खिंचते है बाल बनाती दादी की चोटी खींचते है कभी कंघी तो कभी तेल का डब्बा छुपाकर दीदी को घर ही घर मे घुमाते है चलो....आओ फिर से बच्चे बनते है !! ओह...बारिश आ गई अरे...रुक भी गई दीदी देखो ये जमी तो पूरी भीग गई दीदी... आओ न् भीगी जमी पर दो मंजिला घर बनाते है छत पर चढ़कर सुहाने मौसम का आनंद उठाते है पंछियों संग हम भी अपने पर जमाते है पतंग की डोर से लटक कर खुले गगन में उड़ते है आओ न्.... परू आओ, मनु..दीदी..भैया तुम भी आओ ताऊ के घर के आगे कंसे खेलते है चलो...आओ न फिर से बच्चे बनते है !! आज तो दीदी की बुक छुपा देते है बिजली चली गई...ये मोमबत्ती भी बुझा देते है अंधेरा है..पड़ोसी का एंटीना घुमा देते है अरे उसकी चॉकलेट गिर गई...पाँव नीचे दबा देते है चलो...आओ न् हम फिर से बच्चे बनते है ! होली है..चलो उस पर गोबर फेंक देते है दिवाली है..उस पर पटाखा फेंक देते है वो होली का रंग,दिवाली का शोर सावण में छत पर पंख खोलता मोर पापा से डर, मम्मी पर चलता वो हमारा जोर ढूंढ रहा हूं मेरा बचपन जमाने मे है किस ओर खिलौना चाहिये था...नही दिया गुस्सा हूं..चलो आज खाना नही खाते है आज तो चलो चाचा के घर ही सो जाते है अरे मम्मी...मम्मी छत से देख रही है नही...देखने दे उसे, नही देखना मुझे आज तो बेरुख हो जाते है !! चलो आओ..हम फिर से बच्चे बन जाते है !!"

चलो...आओ फिर से बच्चे बनते है !!

डेढ़ आँखे बन्द किये
मैं सो गया हूं कहकर
मन ही मन माँ को उलझाते है

आओ..फिर से ताई की 
चुनड़ी खिंचते है
बाल बनाती दादी की
चोटी खींचते है

कभी कंघी तो कभी 
तेल का डब्बा छुपाकर
दीदी को घर ही घर मे घुमाते है

चलो....आओ फिर से बच्चे बनते है !!

ओह...बारिश आ गई
अरे...रुक भी गई
दीदी देखो ये जमी तो पूरी भीग गई

दीदी... आओ न्
भीगी जमी पर 
दो मंजिला घर बनाते है

छत पर चढ़कर
सुहाने मौसम का आनंद उठाते है
पंछियों संग हम भी अपने पर जमाते है
पतंग की डोर से लटक कर खुले गगन में उड़ते है
आओ न्....

परू आओ, मनु..दीदी..भैया तुम भी आओ
ताऊ के घर के आगे
कंसे खेलते है


चलो...आओ न फिर से बच्चे बनते है !!

आज तो दीदी की बुक छुपा देते है
बिजली चली गई...ये मोमबत्ती भी बुझा देते है
अंधेरा है..पड़ोसी का एंटीना घुमा देते है
अरे उसकी चॉकलेट गिर गई...पाँव नीचे दबा देते है

चलो...आओ न्
हम फिर से बच्चे बनते है !

होली है..चलो उस पर गोबर फेंक देते है
दिवाली है..उस पर पटाखा फेंक देते है

वो होली का रंग,दिवाली का शोर
सावण में छत पर पंख खोलता मोर
पापा से डर, मम्मी पर चलता वो हमारा जोर
ढूंढ रहा हूं मेरा बचपन जमाने मे है किस ओर

खिलौना चाहिये था...नही दिया
गुस्सा हूं..चलो आज खाना नही खाते है
आज तो चलो चाचा के घर ही सो जाते है
अरे मम्मी...मम्मी छत से देख रही है
नही...देखने दे उसे, नही देखना मुझे 
आज तो बेरुख हो जाते है !!

चलो आओ..हम फिर से बच्चे बन जाते है !!

 

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