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मुर्गी आई या अंडा......
इस राज का  बोहत बड़ा फंडा.....
पहले आया  भला कोन......
इस जवाब से पता चले बुद्धिमान कोंन......



ये दोनों 20-20 के लिए तैयार

 

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शहर %%
@जन और जंतु के हित में जारी@

बात एक दम साफ़ 
no more plastic bags
Hashtag Use the paper Bags
जल  अगर साफ़  है
परियावारण से इन्साफ है।।
%%

sayed

@जन और जंतु के हित में जारी@

एक इंसान आपने काम को आपने मुताबिक आसान करने के लिए हर वो काम कर रहा है जिसे अगर किसी को नुक्सान हो जाए तो उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता।
हम या मैं यहाँ इंसानियत की नहीं बल्कि उससे भी अजीब हरकत की या यूं कहिये की एक न बदलने वाली ऐसी अद्दत की जिससे इंसान से ज़्यादा जानवरों का नुक्सान हो रह है, इस अद्दत को बदला तो जा सकता है मगर शुरूआत नहीं की जा रही है.
आज कल हर दुसरा इंसान पोलोथिन का इस्तेमाल कर रहा ब-वजूद माना करने के, इससे होने वाले नुक्सान का न उन्हें पता है न ही वो कोशिश कर रहा है

क्या आपको पता है जो प्लास्टिक बैग हमें बाज़ार से हमारे सामान के साथ मिलती है उनसे होने वाली गलत बातें क्या है?
आज हर छोटे बड़े बाज़ार में प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल हो रहा है,

जबकि काफी संगठन प्लस्टिक बैग का विरोध कर रहे है
बाज़ार से सामान लाने के बाद जब हमारा काम उस प्लास्टिक बैग से ख़तम हो जाता है तो हम उसको कूड़े दान या किसी बड़े ढलाव पर फैंक देतें है,जिसके बाद सभी प्लस्टिक का सिर्फ 10 % ही दुबारा उपयोग किया जाता है.शेष 90% को जला दिया जाता है या किसी नाले या बड़ी नदी में फ़ैक दिया जाता है.
उस 90% बची प्लास्टिक से कुछ समय बाद एक रसायन उत्पन होता है जो की नदी में अधिक मात्रा में मिल जाता है जो की सभी के लिए हानिकारक साबित होता है

उसमें परवास करने वाले जीव जंतु जैसे मछली आदि उसको ग्रहण कर लेते है, जिससे नदी तालाब की मछलियाँ तड़प तड़प कर मर जाती.

इस कर्य से साफ़ नदी का जल प्रदूषित हो जाता है फिर उनके मर जाने के बाद उस जल में सभी तरह के जानवर उन जीव जंतु को खा लेते है और खुद भी बीमार होके वंही मल तय्ग कर देते है और उनकी भी मॊत हो जाते है।
इस सब से नदी का जल और परदुषित हो जाता है ,नदी से मिलने वाला जल 80% शुद्ध तो हो जाता यदि किया जाये पर 20%जल दूषित ही रहता है और ये 20%दूषित जल हमारी और हमारे परियावारण के लिए जानलेवा बन रहा है।
अगर आज से ही हम प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करना रोक दें तो हम आने वाले परियावाराण को सुरक्षित कर कर सकेंगे

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20 रुपये का अचार
कहानी बोलबचन की ज़ुबानी

बोलबचन जी घर में बैठे अखबार पढ़ रहे थे। तभी दरवाज़े की खटखट ने उनका ध्यान अपनी तरफ किया। उन्होंने दरवाज़ा खोला तो देखा कि नीरज खड़ा था। दोनों अंदर बैठ कर बातें करने लगे। तभी बिजली चली गयी। दोनों बाहर जा कर बैठ गए। अभी दोनों बात कर ही रहे थे तभी एक आवाज़ आई। आचार ले लो। निम्बू का, आम का, लहसुन का, अदरक का। अचार ले लो। दोनों ने देखा कि एक रेहड़ी वाला अचार बेचने के लिए जोर जोर से आवाज़ लगा रहा था। तभी आचार वाला बोलबचन जी के दरवाजे तक आ गया। उसने बोलबचन जी से पूछा "साहेब अचार लेंगे" बहुत अच्छा है। ये सुन कर नीरज ने मना कर दिया। वो अचार वाला जाने लगा बोलबचन जी ने उसे रोक लिया। बोलबचन जी ने कहा रुको। रेहड़ी वाला रुक गया। बोलबचन जी ने कहा एक काम करो 20 रुपये का अचार दे दो। रेहड़ी वाले ने 20 रुपये का अचार दिया और पैसे लेकर चला गया। अचार का लिफ़ाफ़ा हाथ में पकड़े हुए थे। जैसे ही उन्होंने उसे बगल में रखा तो नीरज ने बोलबचन जी से एक सवाल पूँछा। गुरु जी घर में इतना अचार रखा पड़ा है। ऊपर से आप तो अचार खाते भी नहीं तो क्यों बेवजह अचार खरीद लिया। बेवजह पैसे बर्बाद कर दिए आपने। बोलबचन जी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। यही तो तुम समझे नहीं नीरज। बनते तो बड़े ज्ञानी हो पर छोटी सी बात समझ नही पाए। नीरज ने कहा क्या नहीं समझ पाया गुरु जी। बोलबचन जी फिर कहा।
कई बार जब हम कुछ भी खरीदते हैं ये जरूरी नहीं कि उसे अपने फायदे के लिये ही खरीदें। अब अचार की बात से ही समझो। अचार बेचने वाला सुबह से आचार बेच रहा है। उसमें उसकी मेहनत मिली है। अचार बनाने से लेकर और उसके बिकने तक उसकी मेहनत लगी है। दूसरी बात मैंने सिर्फ 20 रुपये का अचार खरीदा जिसमे से उसको ज्यादा से ज्यादा 5 रुपये ही बचेंगे। लेकिन मेरे अचार खरीदने के बाद उसके सिर से कुछ चिंता तो कम होगी कि अब उसे कम चार बेचना पड़ेगा, दूसरी बात वो रेहड़ा सुबह से खींच रहा है। मेरे अचार खरीदने से कुछ ज्यादा ना सही 200 ग्राम वजन तो रेहड़ी का कम तो होगा अब उसे कम वजन भी ढोना पड़ेगा। साथ में अब सोचो जब वो रात को खाने के लिए राशन लेने जाएगा तो उसके घर में बनी एक रोटी मेरे खरीदे अचार की होगी। उसकी भूख मिटाने में मेरा योगदान रहा कि नहीं। अब बताओ क्या गलत कहा मैंने।
नीरज ने कहा वो तो ठीक है गुरु जी लेकिन अचार तो बर्बाद ही जायेगा। आप तो खाते नहीं। बोलबचन जी ने फिर हँसते हुए कहा एक काम करो अचार जाकर बगल की गली के गुरुद्वारे में दे आओ। सुना है लंगर लगता है रोज़ वहाँ। अपना भी कुछ योगदान हो जाएगा। नीरज ने जाते हुए कहा वाह गुरुजी अच्छी सीख दी आपने।
#Mrbolbachan #lifequotes #Stories #Nojoto #nojotohindi #hindipoetry #hindistory

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Minimum 20 minutes of exercise, three days each week will increase your happiness by 10 to 20 percent after six months.

#Fact #Good morning

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KUDI- ਕਹਿੰਦੀ ਵੇ ਲੈਜਾ ਮੈਨੂੰ ਦੂਰ ਕਿਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੋਕਾਂ , ਝੋਕਾਂ ਤੋਂ , ਅਪਣਿਆ ਤੋਂ ਦੂਰ ਇਹਨਾਂ ਬੇਗਾਨੇ ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ , ਮੈਂ ਨੀਂ ਰਹਿਣਾ ਬਿਨ ਤੇਰੇ , ਤੂੰ ਹੀ ਸਬ ਕੁਝ ਮੇਰਾ ਏ , ਤੂੰ ਹੀ ਨਹੀਂ ਮੰਨਦਾ ਘਰ ਤੋਂ ਭਜਣ ਨੂੰ ਮੇਰਾ ਤੇ ਹਾਥੀ ਜਿਡਾ ਜੇਰਾ ਏ , ਵੇ ਚਲ ਚਲੀਏ ਇਸ ਦੁਨੀਆ ਤੋਂ ਦੂਰ ਕਿਤੇ , ਜਿਥੇ ਨਾ ਕੋਈ ਵੀ ਦਿਸੇ ,
                                  @happy taranwaliya..✍🏽
MUNDA-ਉਹ ਕਹਿੰਦੀ ਮੇਰਾ ਬਾਪੁ ਨਹੀਂ ਮੰਨਦਾ ਪਿਆਰਾ ਨੂੰ , ਮੇਰੀ ਡੋਲੀ ਤੂਰਜੂ ਹੋਰ ਕਿਤੇ ਏਸ ਮਹੀਨੇ 12 ਨੂੰ , ਮੈਂ ਜਿਥੇ ਤੇਰੇ ਘਰਦੇ ਰਾਜੀ ਤੋਂ ਵੀ ਹੋਜਾ ਓਥੇ ਰਾਜੀ , ਮਾਂਪਿਆ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਨਾਂ ਜਾ ਤੈਨੂੰ ਤੇਰੇ ਬਾਰੇ ਸੋਚਣ ਗੇ , ਉਹ ਅਪਣੀ ਥਾਂ ਤੇ ਸਹੀ ਨੇ ਮਾੜੇ ਕੰਮ ਤੋਂ 20 ਵਾਰੀ ਤੈਨੂੰ ਰੋਕਣ ਗੇ , ਕੁਝ ਨੀਂ ਰਖਿਆ ਪਿਆਰਾ ਚ ਮੈਨੂੰ ਪਤਾ ਤੇਰੇ ਮੇਰੇ ਨਾਲੋਂ ਵਡੇ ਨੇ ਜੇਰੇ , ਅਜ ਨਹੀਂ ਤੇ ਕਲ ਸਹੀ ਮੇਰੇ ਵਰਗੇ 20 ਮਗਰ ਫਿਰਨ ਗੇ ਤੇਰੇ , ਮੈਂ ਤਾਂ ਭਜ ਕੇ ਜਾਨਾ ਨਹੀਂ , ਕਰਦੀ ਨੀਂ ਮੇਰੀਆਂ ਗਲਤੀਆਂ ਜੇ ਮਾਫ ਹੁੰਦੀਆ ਨੇ , ਇਜਤਾਂ ਨਾਲ ਪਗਾਂ ਕਿਤੇ ਸਾਫ ਹੁੰਦੀਆ ਨੇ , ਹੁਣ ਤੂੰ ਅਪਣੇ ਘਰ ਨੂੰ ਜਾ ਤੇਰੀ ਵੇਟ ਕਰਦੇ ਹੋਣੇ , ਤੈਨੂੰ ਵੀ ਸ਼ਾਇਦ ਖਬਰ ਨਹੀਂ ਤੇਰੇ ਤੇ ਕਿੰਨਾ ਮਰਦੇ ਹੋਣੇ

#Wmk🙏🙏
#happytaranwaliya..✍🏽
keep sharing keep sporting Kalavati Kumari Pinky Kumari Suman Lata Renu Sihag Poonam

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