tags

Best मां Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

Find the Best मां Shayari, Status, Quotes from top creators only on Nojoto App. Also find trending photos & videos.

  • 1440 Followers
  • 5620 Stories
  • Popular
  • Latest
  • Video

""

"ये जो "मां" की मोहब्बत होती हैं ना तमाम "मोहब्बतो" की मां होती हैं।"

ये जो "मां" की मोहब्बत होती हैं ना 
तमाम "मोहब्बतो" की मां होती हैं।

#मां मेरी दुनियां तेरे आंचल में ...

461 Love
2 Share

""

"टीचर ने कहा दुनिया पे निबंध, लिखो हमने पूरी copy मां लिखा ।"

टीचर ने कहा दुनिया पे निबंध,
लिखो हमने पूरी copy मां लिखा ।

#मां

441 Love

"Charming Creation Rahul"

Charming Creation Rahul

आ जाओ पास #मां तुम्हें बुला रही है
#मांकीममता #मांकेजैसाकोईनहीं #मेरीप्यारीमां #ममताकीआंचल #नोजोतो #SingerRahulOfficial #storyonline #nojotohindi #SuperMom

400 Love
10.4K Views
4 Share

""

"#OpenPoetry कलयुग के इस भाग दौड़ में। चल करते हैं त्रेता वाले कुछ काम। मां तुम बन जाओ कौशल्या माई। मैं बन जाता हूं श्री राम। पास यहीं पर लगी है मंडी, मां ला दो ना तीर - कमान। वन में जाकर मैं भी मारूंगा। राक्षस खर दूषण , ताड़का समान। बनकर तुम कैकई माता । दे दो वन जाने का फरमान। रखकर परमपिता का मान। वन को जाऊंगा मैं , श्रीराम‌ समान। मां लेकिन वो त्रेता चिंगारी थी। ये कलयुग है , आग समाज। अब हैं , हर इंसान में एक रावण। कैसे करूं मैं रावण की पहचान। मां तुम बन जाओ कौशल्या माई। मैं बन जाता हूं , श्री राम ।"

#OpenPoetry कलयुग    के    इस    भाग    दौड़    में।
चल  करते  हैं  त्रेता  वाले  कुछ  काम।

मां  तुम  बन  जाओ  कौशल्या  माई।
मैं      बन     जाता     हूं     श्री   राम।

पास     यहीं    पर     लगी    है   मंडी,
मां    ला     दो    ना    तीर  -  कमान।

वन    में    जाकर    मैं   भी    मारूंगा।
राक्षस   खर   दूषण , ताड़का   समान।

बनकर       तुम        कैकई        माता ।
दे    दो    वन    जाने    का     फरमान।

रखकर       परमपिता       का      मान।
वन   को  जाऊंगा  मैं  , श्रीराम‌  समान।

मां   लेकिन   वो   त्रेता    चिंगारी   थी।
ये     कलयुग     है   ,  आग    समाज।

अब   हैं  , हर   इंसान   में  एक  रावण।
कैसे   करूं   मैं   रावण  की   पहचान।

मां  तुम  बन  जाओ   कौशल्या   माई।
मैं      बन      जाता     हूं  , श्री   राम ।

#OpenPoetry

298 Love
11 Share

""

"बचपन और माँ मां वो है जिसका कोई धर्म नहीं होता मां वो है जिसकी कोई प्रजाति नहीं होती मां वो है जिसको संतान में कोई फर्क नज़र नहीं आता मां तो मां होती है चाहे इंसान की हो या जानवर की"

बचपन और माँ  मां वो है                                                   
  
जिसका कोई धर्म नहीं होता

मां वो है                                                   

जिसकी कोई प्रजाति नहीं होती

मां वो है                                                    

                     जिसको संतान  में कोई फर्क नज़र नहीं आता

मां तो मां होती है

चाहे इंसान की हो या जानवर की

# मां तुझे सलाम

280 Love