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Best धूप Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"अभी तेरी यादों का, कोहरा है नजर के सामने.. जरा सी धूप खिले, तो कोई और दिखाई दे... ©drVats #NojotoQuote"

अभी तेरी यादों का, 
कोहरा है नजर के सामने.. 
जरा सी  धूप खिले,
तो कोई और दिखाई दे...
                          ©drVats #NojotoQuote

Kohra..
#kohra #dhundh #Yaad #Memories #Nojoto #Nojotohindi #Shayari #Poetry #Love #Pyar #2liner #प्यार #यादें #धूप #कोहरा #धुंध #Fun #MyThoughts #Quotes #Thoughts #writer #drvats #Astitva

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उस चमकते हुए #सूरज की #धूप में जल जाते हैं सभी,
तुम उस आग में तप कर, एक बार फिर से जीना सीखो,
#ऊँची #उड़ान भर कर डर से लौट जाते हैं सभी,
तुम #आसमां में उड़ कर उसमें गुम हो जाना सीखो,
बेशक है पैरों में बेड़ियां बंधी, #जख्मी पैरों तुम दुबारा दौड़ जाना तो सीखो,
#मजबूर सही पर वक़्त से हारना नहीं तुम,
एक बार इस #वक़्त को तुम भी हराना तो सीखो,
उजालों में तो हर लम्हा साथ है ज़माना,

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"नए कपड़े बदल कर जाऊँ कहाँ और बाल बनाऊँ किस के लिए  वो शख़्स तो शहर ही छोड़ गया मैं बाहर जाऊँ किस के लिए  जिस धूप की दिल में ठंडक थी वो धूप उसी के साथ गई  इन जलती बलती गलियों में अब ख़ाक उड़ाऊँ किस के लिए"

नए कपड़े बदल कर जाऊँ कहाँ और बाल बनाऊँ किस के लिए 
वो शख़्स तो शहर ही छोड़ गया मैं बाहर जाऊँ किस के लिए 

जिस धूप की दिल में ठंडक थी वो धूप उसी के साथ गई 
इन जलती बलती गलियों में अब ख़ाक उड़ाऊँ किस के लिए

#Nojoto #nojotohindi #shyari #Dil #Sahar #dhup #udna #gumnaam

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"विरान खंडहर से झांकती धूप, अपनी बेबसी की गाथा गा रही थी। आते जाते राहगीरों को निहारती, अपना मन बहला रही थी।। खलिहानों में दमकती धूप, अपने तेज से सोना बिखेर रही थीं। सरसों के फूलों पर झलकती, खुशी से लहरा रही थी।। गर्मी में चिलचिलाती धूप, पथ पर अंगारे बिखेर रही थीं। बदन पर चुभती तेज धूप, माथे से पसीना बहा रही थी। हाड़ कंपाने वाली सर्दी में धूप, राहत की सांस पहुंचा रही थी। बुजुर्गो के बदन को सेंकती, उनके दर्द को सहला रही थी।। शबनमी ओंस पर चमकती धूप, धरती पर तारें बिछा रही थीं। बारिश की बूंदों पर गिरती, इन्द्र धनुषी छटा फैला रही थीं।।"

विरान खंडहर से झांकती धूप,
अपनी बेबसी की गाथा गा रही थी।
आते जाते राहगीरों को निहारती,
अपना मन बहला रही थी।।
खलिहानों में दमकती धूप,
अपने तेज से सोना बिखेर रही थीं।
सरसों के फूलों पर झलकती,
खुशी से लहरा रही थी।।
गर्मी में चिलचिलाती धूप,
पथ पर अंगारे बिखेर रही थीं।
बदन पर चुभती तेज धूप,
माथे से पसीना बहा रही थी।
हाड़ कंपाने वाली सर्दी में धूप,
राहत की सांस पहुंचा रही थी।
बुजुर्गो के बदन को सेंकती,
उनके दर्द को सहला रही थी।।
शबनमी ओंस पर चमकती धूप,
धरती पर तारें बिछा रही थीं।
बारिश की बूंदों पर गिरती,
इन्द्र धनुषी छटा फैला रही थीं।।

#धूप #Summer
#nojoto
Drsantosh tripathi J P Lodhi.
Mr.MANEESH Komal Joshi Priya Gour अंकित सारस्वत कवि राहुल पाल TiyaJoshi

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"शहर तेरा शहर ,गाँव नही हैं धूप है पर छाव नही है यहाँ भीड़ है, ईमान नही है भूखे है चुप,नाम नही है बंद हैं छत्ते है ,खुला आसमान नही है दीवारों में है कैद सब ,खुला बागान नही ऊंची उड़ाने है बेसक यहाँ, चाँद छू जाने की ज़िद सरेआम नही हैं ये तेरा शहर है "mirzya"" मेरा गाँव नही। धूप हैं यहाँ छाव नही है।"

शहर तेरा शहर ,गाँव नही हैं

धूप है पर छाव नही है

यहाँ भीड़ है, ईमान नही  है

भूखे है चुप,नाम नही  है

बंद हैं छत्ते है ,खुला आसमान नही है

दीवारों में है कैद सब  ,खुला  बागान नही 

ऊंची उड़ाने है बेसक यहाँ, चाँद छू जाने की ज़िद सरेआम नही हैं

ये तेरा  शहर है "mirzya""
मेरा गाँव नही।

धूप हैं यहाँ छाव नही है।

@Satyaprem @Khushwant Deo @Shivam Tiwari (Digvijay) @Shailja S @Darpana Singh

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