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Best मेरी Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"कभी सोचा नहीं था कभी सोचा नहीं था तुम इतने बदल जाओगे बिन मेरे तुम जिंदगी का सफर तय कर जाओगे हम इंतज़ार में कई सदिया बिताते रहे तुम अपनी नाव खुदबखुद चलाते रहे हमे बीच समुन्द्र तुम यूँ छोड़ जाओगे डूबने की हालत पे यु मुकर आओगे तैरना तो हमने भी सिख लिया उस वक़्त थोड़ा डूबे थोड़ा सम्भले पर किनारे की और पहुँच आये हम भी अफ़सोस बस इतना सा हुआ अनजान सी कश्ती को अपना समझ बैठे वो आयी बस कुछ पल के लिये मुझे मुझमे मिटाने के लिये वादे तुम्हारे झूठे ही थे जो कहे सब अधूरे ही थे आज दोराहे पे लाके छोड़ दी जिंदगी हमारी तुम वही शख्स थे जो कहते थे तुम जिंदगी हो मेरी मुझे बिच मजधार में तुम छोड़ आये यूं ही हम मरते-मरते बच आये फिर भी तुम राहत थे मेरी या चाहत थे मेरी दिल की कही यही बात न जाने झूठी थी शायद"

कभी सोचा नहीं था  कभी सोचा नहीं था तुम इतने बदल जाओगे
बिन मेरे तुम जिंदगी का सफर तय कर जाओगे
हम इंतज़ार में कई सदिया बिताते रहे
तुम अपनी नाव खुदबखुद चलाते रहे
हमे बीच समुन्द्र तुम यूँ छोड़ जाओगे
डूबने की हालत पे यु मुकर आओगे
तैरना तो हमने भी सिख लिया उस वक़्त
थोड़ा डूबे थोड़ा सम्भले पर किनारे की और पहुँच आये हम भी
अफ़सोस बस इतना सा हुआ
अनजान सी कश्ती को अपना समझ बैठे
वो आयी बस कुछ पल के लिये मुझे मुझमे मिटाने के लिये
वादे तुम्हारे झूठे ही थे जो कहे सब अधूरे ही थे
आज दोराहे पे लाके छोड़ दी जिंदगी हमारी
तुम वही शख्स थे जो कहते थे 
तुम जिंदगी हो मेरी
मुझे बिच मजधार में तुम छोड़ आये यूं ही
हम मरते-मरते बच आये फिर भी
तुम राहत थे मेरी या चाहत थे मेरी
दिल की कही यही बात न जाने झूठी थी शायद

 

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#मेरी माँ

931 Love
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मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है,
कुछ जिद्दी, कुछ नक् चढ़ी हो गई है,
मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है,
अब अपनी हर बात मनवाने लगी है,
हमको ही अब वो समझाने लगी है,
हर दिन नई नई फरमाइशें होती है,
लगता है कि फरमाइशों की झड़ी हो गई है,
मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है,

809 Love
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"जाना ही था अगर तुम्हे तो आये ही क्यों थे मेरी जिंदगी में तोड़ना ही था मेरे दिल को तो जोड़ा ही क्यों था मेरा ईंटो से बना मकां ही मेरे लिए खास था इसे आशियां बनाया ही क्यों था जाना ही था अगर तुम्हे तो आये ही क्यों थे मेरी जिंदगी में माना मैंने ही सजाएँ थे अरमान जिंदगी बसाने के पर उम्रभर साथ निभाने के तूने भी तो वादे हज़ार किये थे क्या खता हमसे ऐसी हुई जो बीच राह छोड़ गुमनाम हो गये बिन कहे कुछ तुम बहुत कुछ कह गये चलो ठीक ही हुआ तुम चले गये मेरी रूह से बिखर गये जिंदगी की कुछ बातों से हम भी तो निखर गये हालातों से लड़ना हम भी सीख गये बिन तेरे हम भी जिंदगी को जीत लिये"

जाना ही था अगर तुम्हे तो आये ही क्यों थे मेरी जिंदगी में
तोड़ना ही था मेरे दिल को तो जोड़ा ही क्यों था
मेरा ईंटो से बना मकां ही मेरे लिए खास था
इसे आशियां बनाया ही क्यों था
जाना ही था अगर तुम्हे तो आये ही क्यों थे मेरी जिंदगी में
माना मैंने ही सजाएँ थे अरमान जिंदगी बसाने के पर
उम्रभर साथ निभाने के तूने भी तो वादे हज़ार किये थे
क्या खता हमसे ऐसी हुई जो बीच राह छोड़ गुमनाम हो गये
बिन कहे कुछ तुम बहुत कुछ कह गये
चलो ठीक ही हुआ तुम चले गये
मेरी रूह से बिखर गये
जिंदगी की कुछ बातों से हम भी तो निखर गये
हालातों से लड़ना हम भी सीख गये
बिन तेरे हम भी जिंदगी को जीत लिये

 

732 Love

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"आज एक ख़्याल आया मुझे फिर से तेरे ही गली से होके कभी में गुजरा करती थी याद है मुझे, मैं सिर्फ तुम पे मरा करती थी देख तुम्हे जरा शर्मा देती थी बिन देखे तुझे मैं घबरा जाती थी सपने भी हसीन सजा रखे थे मैंने तुम्हारे साथ तेरे साथ बुन भी लिये थे जो हज़ार मेरे छुपाये रंगीन ख़्वाब सोचा न था इस कदर टूट जायेंगे ,मेरीआँखों से दूर हो जाएंगे गुनाह कुछ भी न था, ना तेरा था ना मेरा बस वक़्त का थोड़ा अपना मिजाज था होठो पे मेरी आज भी ख़ुशी नम पड़ जाती हैं तेरे साथ बितायी वो हल्की धुंध की शाम जब याद आती हैं दर्द तो कल भी था मरी जिंदगी में ,दर्द आज भी हैं मेरी जिंदगी में पर तेरा जो साथ मुझे हाथ थामे रखता था मानो सारे गम छू मंतर इस कदर कर जाता था जैसे बिजली की कड़कड़ाहट में भी वो आसमां धरा को भिगो जाता हो"

आज एक ख़्याल आया मुझे फिर से
तेरे ही गली से होके कभी में गुजरा करती थी
याद है मुझे, मैं सिर्फ तुम पे मरा करती थी
देख तुम्हे जरा शर्मा देती थी बिन देखे तुझे मैं घबरा जाती थी
सपने भी हसीन सजा रखे थे मैंने तुम्हारे साथ
तेरे साथ बुन भी लिये थे जो हज़ार मेरे छुपाये रंगीन ख़्वाब
सोचा न था इस कदर टूट जायेंगे ,मेरीआँखों से दूर हो जाएंगे
गुनाह कुछ भी न था, ना तेरा था ना मेरा
बस वक़्त का थोड़ा अपना मिजाज था
होठो पे मेरी आज भी ख़ुशी नम पड़ जाती हैं
तेरे साथ बितायी वो हल्की धुंध की शाम जब याद आती हैं
दर्द तो कल भी था मरी जिंदगी में ,दर्द आज भी हैं मेरी जिंदगी में
पर तेरा जो साथ मुझे हाथ थामे रखता था
मानो सारे गम छू मंतर इस कदर कर जाता था
जैसे बिजली की कड़कड़ाहट में भी वो आसमां धरा को भिगो जाता हो

आज फिर तेरा ख़्याल आया😊

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