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Best raghuveerwrits Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"यकिनन जो आया है,इश्क ऐ शहर में .... दर्द सबको होता है.. कुछ दबा देते हैं । कुछ दिखा देते हैं।।.... ©Raghuveer Sou"

यकिनन जो आया है,इश्क ऐ शहर में .... 
दर्द सबको होता है.. 
कुछ दबा देते हैं । 
कुछ दिखा देते हैं।।....

©Raghuveer Sou

#raghuveerwrits #Love #Trust #true_love #true_feelings

#LostTracks

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"लोग केह मिनखपणो मोटी रकम है । पण में लोगा रा नजरिया भागवानी लारे बदळता देख्या हूँ।। गाँव रे नशेड़ी काळ्ये ने दो नम्बर रे धन्धे लारे काळुजी हुता देख्यो हूँ।। टेलेंट री कदर है!, किताबां मे चोखी लागे । बारे तो रिप्या कि वाह - वाह हुता देखी हूँ।। टाबरपणे री चखराळी दोस्ती ने । बुलट लारे मोट्यारपणे में रुळता देखी हूँ।। मै (बरसात) मे नागा साथे नाहता हा । आज ड्रेसिंग सेन्स में संगळी भणता देखी हूँ।। लोग केह मिनखपणो मोटी रकम है। पण में गाँवा आळी महफ़िल में रिप्या आळी खोैज न चौधर करता देखी हूँ।। बठै में पियाळी मूछ ने विशिष्ट अतिथि भणता देखी।। संता री बाता बढज्ञानी है!, केवण मे चोखी लागे । गुवाड मे तो काळुजी री गपा माते हुंकारा भरता देख्या हूँ।। बुड्ढा बडेरा री ईज्जत फिकी पड़ता देखी हू। धोळती ड्रेस सामी मोटी-मोटी मुछ्ंया लुळता देखी हूँ।। अब कठे मिनखीचारो ऐ बाता हर लाचार आंख में देखी हूँ मिनखपणो मोटी रकम है आ बात काल बोदी किताब में देखी हूँ ✍रघुवीर सोऊ"

लोग केह मिनखपणो मोटी रकम है । 
पण में लोगा रा नजरिया भागवानी लारे बदळता देख्या हूँ।। 
गाँव रे नशेड़ी काळ्ये ने दो नम्बर रे धन्धे लारे काळुजी हुता देख्यो हूँ।। 
टेलेंट री कदर है!, किताबां मे चोखी लागे । 
बारे तो रिप्या कि वाह - वाह हुता देखी हूँ।। 
टाबरपणे री चखराळी दोस्ती ने । 
बुलट लारे मोट्यारपणे में रुळता देखी हूँ।। 
मै (बरसात) मे नागा साथे नाहता  हा । 
आज ड्रेसिंग सेन्स में संगळी भणता देखी हूँ।। 
 लोग केह मिनखपणो मोटी रकम है। 
पण में गाँवा आळी महफ़िल में
रिप्या आळी खोैज न चौधर करता देखी हूँ।। 
बठै में पियाळी मूछ ने विशिष्ट अतिथि भणता देखी।।
संता री बाता बढज्ञानी है!, केवण मे चोखी लागे । 
गुवाड मे तो काळुजी री गपा माते हुंकारा भरता देख्या हूँ।। 
बुड्ढा बडेरा री ईज्जत फिकी पड़ता देखी हू। 
धोळती ड्रेस सामी मोटी-मोटी मुछ्ंया लुळता देखी हूँ।। 
अब कठे मिनखीचारो ऐ बाता हर लाचार आंख में देखी हूँ
मिनखपणो मोटी रकम है आ बात काल बोदी किताब में देखी हूँ
✍रघुवीर सोऊ

#Mylanguage #मिनखपणो#राजस्थानी_कविता#raghuveerwrits

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"क्या लिखूँ तेरे बारे में, तेरी करतुते ही ऐसी हैं कि जब बैठता हूँ लिखने, तो मेरा कलम मुझे रोक लेता हैं । मना लु स्याही ओर कलम को, तो मेरा जमीर मुझसे ही लड़ बैठता है। अगर इनसे लड़कर कुछ लिख लू ,तो उन नापाक शब्दों को कोन देखता है ।। ✍रघुवीर सोऊ"

क्या लिखूँ तेरे बारे में, तेरी करतुते ही ऐसी हैं
कि जब बैठता हूँ लिखने, तो मेरा कलम मुझे रोक लेता हैं । 
मना लु स्याही ओर कलम को, तो मेरा जमीर मुझसे ही लड़ बैठता है। 
अगर इनसे लड़कर कुछ लिख लू ,तो उन नापाक शब्दों को कोन देखता है ।। 
✍रघुवीर सोऊ

#raghuveerwrits #poem #Love

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#महोब्बत_के_नाम#raghuveerwrits#lovepoem#lover#BreakUp

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" शहरी महोब्बत अब वो नजरे भी नहीं मुड़ती इन नजरों की ओर कहाँ करे महोब्बत की सिफारिशें ओर कहा लगाऐ इश्क़ का जोर शायद रुठे है वो हमसे पर गलती हमे कोई याद नहीं कही भर न गया हो दिल उनका या फिर हम उन्हें याद नहीं कल तक उनकी महोब्बत हमसे ज्यादा थी खुद आपने बताया था पर जब गये मिलने तो कहा हां मिले थे पर आपने नाम कहा बताया था अच्छा परिचय दिया आपने अपनी मासुमियत का हमे भी एक ओर रुप दिखाई दिया इस ईंसानियत का हम पत्र लिखते लिखते बदनाम हो गए लगता है अब तेरे प्यार के रस्ते सारे जाम हो गए या डिजिटल है जमाना ?जिससे खत कहीं खाक हो गए या मिल गया होगा कोई ओर?जिससे हम फिर वही आम हो गए क्या समझाये इस दिल को जिसमें दिमाग बिलकुल नही है जो राबता था हमारा उस लड़की से वो अब हकिकत नहीं है जरा सा रोओगे रो लेना अच्छे तो दिखते हो किसी ओर के हो लेना ओर सुना इस जमाने में इतना दिल नी लगाते यूज़ एंड थ्रो का टाइम है जो कोई नी बताते ✍Raghuveer Sou "

     शहरी महोब्बत
अब वो नजरे भी नहीं मुड़ती इन नजरों की ओर
कहाँ करे महोब्बत की सिफारिशें ओर कहा  लगाऐ इश्क़ का जोर
शायद रुठे है वो हमसे पर गलती हमे कोई याद नहीं 
कही भर न गया हो दिल उनका या फिर हम उन्हें याद नहीं 
कल तक उनकी महोब्बत हमसे ज्यादा थी खुद आपने बताया था 
पर जब गये मिलने तो कहा हां मिले थे पर आपने नाम कहा बताया था
अच्छा परिचय दिया आपने अपनी मासुमियत का
हमे भी एक ओर रुप दिखाई दिया इस ईंसानियत का
हम पत्र लिखते लिखते बदनाम हो गए 
लगता है अब तेरे प्यार के रस्ते सारे जाम हो गए
या डिजिटल है जमाना ?जिससे खत कहीं खाक हो
गए 
 या मिल गया होगा कोई ओर?जिससे हम फिर वही आम  हो गए
क्या समझाये इस दिल को जिसमें दिमाग बिलकुल नही है
जो राबता था हमारा उस लड़की से वो अब हकिकत नहीं है
जरा सा रोओगे रो लेना अच्छे तो दिखते हो किसी ओर के हो लेना
ओर सुना इस जमाने में इतना दिल नी लगाते 
यूज़ एंड थ्रो का टाइम है जो कोई नी बताते
✍Raghuveer Sou

#शहरी_महोब्बत#raghuveersou#raghuveerwrits#lovesayri#BreakUp#lovepoem

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