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Best शशिरेखा Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"शशिनामा °°°°°°°°°°°° जिसनें मेरे हाथों में कलम थमाया, जिसनें मुझें ख़ुद सा बनाया जिसनें मेरी कलम को लिखना सिखाया। मेरी कलम भला उनके बारे में कितना लिख पायेगी, कोई शब्द अगर पड़ जाये कम "हृदय" तो आख़िर दौड़ कर वो शब्दागार के पास ही तो आयेगी। •☆•°°•☆•°°•☆•°°•☆• उनकी रचना अकेले पढ़कर भी मैं ताल ठोकती हूँ, वो पढ़ें तो मैं बस सुनती जाऊँ और वाह बोलती हूँ । कम शब्दों में जिनकी लेखनी सागर सा गहरा भाव लिख जाती है, इनकी हर बातें अंकित मेरे मन में जो अमिट छाप छोड़ जाती हैं। ये वो सख़्सियत हैं जो जीत को भी हार से छीन लायें, अगर ठान लें तो हर बाधा ख़ुद इनके मार्ग से हट जाये। हर कला में निपूर्ण व्यवसायिक ज्ञान से भी परिचित भली-भांति हैं घर में हर भाई-बहन की ये चाणक्य के भांति ही सलाहकार हैं। अनन्य "हृदयांश" है वो मेरे प्रत्येक शब्दों की अर्थ हैं, क्षण मात्र भी उनसे दूर रहकर मानों "हृदय" जीवन व्यर्थ है। "शशि" बिन "रेखा" कुछ भी नहीं बचपन से ये सबको ज्ञात है, कुछ दिन की दूरी से लगा जैसे सांसें है ख़फा और रात्रि-सा ये प्रभात है। जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें बड़ी "मंजुलाहृदय" दीदी श्री! 🎂🍫🥂🍫🎂"

शशिनामा
   °°°°°°°°°°°°

जिसनें मेरे हाथों में कलम थमाया,
जिसनें मुझें ख़ुद सा बनाया
 जिसनें मेरी कलम को लिखना सिखाया।
  मेरी कलम भला उनके बारे में कितना लिख पायेगी,
कोई शब्द अगर पड़ जाये कम "हृदय"
 तो आख़िर दौड़ कर वो शब्दागार के पास ही तो आयेगी।
•☆•°°•☆•°°•☆•°°•☆•

उनकी रचना अकेले पढ़कर भी मैं ताल ठोकती हूँ,
वो पढ़ें तो मैं बस सुनती जाऊँ और वाह बोलती हूँ ।

कम शब्दों में जिनकी लेखनी सागर सा गहरा भाव लिख जाती है,
इनकी हर बातें अंकित मेरे मन में जो अमिट छाप छोड़ जाती हैं।

ये वो सख़्सियत हैं जो जीत को भी हार से छीन लायें,
अगर ठान लें तो हर बाधा ख़ुद इनके मार्ग से हट जाये।

हर कला में निपूर्ण व्यवसायिक ज्ञान से भी परिचित भली-भांति हैं
घर में हर भाई-बहन की ये चाणक्य के भांति ही सलाहकार हैं।

अनन्य "हृदयांश" है वो मेरे प्रत्येक शब्दों की अर्थ हैं,
क्षण मात्र भी उनसे दूर रहकर मानों "हृदय" जीवन व्यर्थ है।

"शशि" बिन "रेखा" कुछ भी नहीं बचपन से ये सबको ज्ञात है,
कुछ दिन की दूरी से लगा जैसे सांसें है ख़फा और रात्रि-सा ये प्रभात है।

        जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें 
       बड़ी "मंजुलाहृदय" दीदी श्री!
           🎂🍫🥂🍫🎂

Happy B'day😚😍
my great Fashion designer & beautiful poetress Shashi Di urf lady Sunny Deol Bhai💪😃🎂

⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘

हाँ शशि "मंजुलाहृदय" दीदी आप भी दुनियाँ के व्यस्त इंसानो में से एक हैं 😁 और अभी आप यहाँ पर हैं भी नहीं..... पर जब भी आइयेगा, एक नज़र यहाँ ज़रुर डालिएगा गुरुजी!🙏🤗 और हाँ जन्मदिन के दिन से प्रारंभ हो रही परीक्षा के लिए ढेरों शुभकामनायें😃😃😃😃

#शशिनामा

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"#रक्षाबंधन यूँ तो "हृदय" नें बाँधा नहीं कभी पेड़ों से मन्नत के रेशमी धागों को क्योंकि बचपन से आपकी कलाइयों में राखी जो बांधते आई हूँ दीदी!!! -रेखा "मंजुलाहृदय" ©Rekha💕Sharma "मंजुलाहृदय""

#रक्षाबंधन






यूँ तो "हृदय" नें बाँधा नहीं कभी पेड़ों से मन्नत के रेशमी धागों को
क्योंकि बचपन से आपकी कलाइयों में राखी जो बांधते आई हूँ दीदी!!!
-रेखा "मंजुलाहृदय"

©Rekha💕Sharma "मंजुलाहृदय"

#शशिरेखा #मंजुलाहृदय
#रक्षाबंधन #राखी #SisterLove #Rekhasharma

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#Jugalbandi_Challeng
#शशिरेखा #duetPoetry
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#Motivational_Stories
#duet #Nojoto2020
शशि "मंजुलाहृदय" Reen@🌺sh@rm@ Sintu Tiwary कवि राहुल पाल V.k.Viraz

शीर्षक :- निराशा

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"हमारी अतरंगी यारी ****************** मेरे एक भाव से ही, वो मेरा हाल-ए-दिल जान लेतीं हैं। मेरी सच्ची और झूठी हँसी में फ़र्क पहचान लेतीं हैं। लड़खड़ाऊँ जब कभी मैं तो, वो मुझे सम्भाल लेतीं हैं। मेरे हर जीत में होतीं हैं शामिल, हार भी बांट लेतीं हैं। मेरे हर एक संकट में, खड़ी वो बन ढाल होतीं हैं। डरू जब भी कभी मैं तो, वो दामन थाम लेतीं हैं। मेरी हर एक राज़ में, वो मेरी हमराज़ होतीं हैं। मेरी हर एक चोरी की, वो थानेदार होतीं हैं। वो जो आईना मेरी और मैं अक्स हूँ जिनकी। "बहन" हैं पर वो "माँ" जैसा मेरा ख़्याल रखतीं हैं। भला और क्या चाहिए मुझको बता तुझसे? ए मेरे मालिक! नवाज़ा है जो तूने "बहनों" से, न हसरत में किसी जन्नत का हसीं जहान चाहिए। -रेखा "मंजुलाहृदय""

हमारी अतरंगी यारी 
******************

मेरे एक भाव से ही, 
वो मेरा हाल-ए-दिल जान लेतीं हैं।
मेरी सच्ची और झूठी हँसी में
 फ़र्क पहचान लेतीं हैं।

लड़खड़ाऊँ जब कभी मैं तो, 
वो मुझे सम्भाल लेतीं हैं।
मेरे हर जीत में होतीं हैं शामिल, 
हार भी बांट लेतीं हैं।

मेरे हर एक संकट में, 
खड़ी वो बन ढाल होतीं हैं।
डरू जब भी कभी मैं तो, 
वो दामन थाम लेतीं हैं।

मेरी हर एक राज़ में, 
वो मेरी हमराज़ होतीं हैं।
मेरी हर एक चोरी की, 
वो थानेदार होतीं हैं।

वो जो आईना मेरी और मैं
 अक्स हूँ जिनकी।
"बहन" हैं पर वो "माँ" जैसा
 मेरा ख़्याल रखतीं हैं।

भला और क्या चाहिए मुझको बता तुझसे?
 ए मेरे मालिक!
नवाज़ा है जो तूने "बहनों" से, 
न हसरत में किसी जन्नत का हसीं जहान चाहिए।
            -रेखा "मंजुलाहृदय"

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#हमारी अतरंगी यारी।

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