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Best changethinking Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"Divyang nahi hai wo, isi duniya ka ek ang hai. Jis khuda ne bnaya sabko wo uske sang hai. Adhura man jise har insaan kar rha khud se alg, Usko bhi insaan samjha jaye, shayad uski khwahish yahi hai. Wo devta nahi hai, na devtao ka use ansh bnao... Use insaan hi rahne do, usse bas itna hi pyar dikhao. Taras jo tumko aa jaye to thoda khud pe kha lena. Kisi Lohe ki chadar me jism apna bhi chunva dena... ADHURA wo nahi hai jise tum divyang kahte ho... Adhuri soch hai tumhari use insaan hi rahne do... Use insaaa hi rahne do.........!!!"

Divyang nahi hai wo, isi duniya ka ek ang hai.
Jis khuda ne bnaya sabko wo uske sang hai.
Adhura man jise har insaan kar rha khud se alg,
Usko bhi insaan samjha jaye, shayad uski
khwahish yahi hai.
Wo devta nahi hai, na devtao ka use ansh bnao...
Use insaan hi rahne do, usse bas itna hi pyar dikhao.
Taras jo tumko aa jaye to thoda khud pe kha lena.
Kisi Lohe ki chadar me jism apna bhi chunva dena...
ADHURA wo nahi hai jise tum divyang kahte ho...
Adhuri soch hai tumhari use insaan hi rahne do...
Use insaaa hi rahne do.........!!!

#adhuranahihaiwo #changethinking #shareplease #writeonthis #badlavekkoshish

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"संकीर्ण मानसिकता की कैसी हवा है छाई देवी स्वरूपा स्त्री पर ही अंगुली जो उठाई विडंबना देखो कैसी है आज परंपराओं का हवाला देकर घर की चारदीवारी आडे जो उसके आई स्वतंत्र देश के लोकतंत्र की ऐसी दुर्गति किसी ने ना करवाई खुद की रोटियां सेकने में भूल गए वो किसी और के जिस्म पर गहरे घाव जो कर आये ना समझ मौलिक अधिकारों की ना समझ अपने कर्तव्यों की ना ही समझ इस विशाल देश के लोकतंत्र की खूबसूरती की क्षीण मानसिकता उनकी किसी और के आडे जो आई दुर्गा, काली की स्वरूपा पर आंख जो दिखलाई ना समझ सका वो नादान गर्भ में नौ माह जिसके वो रहा आज उसी स्वरूपा के रूप पर अपशब्द जो कह रहा खुद को महान दिखलाने में भूल गया वह अपशब्द जिसे कहे उसे ही वह है पूज रहा |"

संकीर्ण मानसिकता की कैसी हवा है छाई
 देवी स्वरूपा स्त्री पर ही अंगुली जो उठाई
 विडंबना देखो कैसी है आज
 परंपराओं का हवाला देकर
 घर की चारदीवारी आडे जो उसके आई
 स्वतंत्र देश के लोकतंत्र की
 ऐसी दुर्गति किसी ने ना करवाई
 खुद की रोटियां सेकने में भूल गए वो 
 किसी और के जिस्म पर गहरे घाव जो कर आये 
 ना समझ मौलिक अधिकारों की
 ना समझ अपने कर्तव्यों की
 ना ही समझ इस विशाल देश के लोकतंत्र की खूबसूरती की
 क्षीण मानसिकता उनकी किसी और के आडे जो आई
 दुर्गा, काली की स्वरूपा पर आंख जो दिखलाई 
 ना समझ सका वो नादान
 गर्भ में नौ माह जिसके वो रहा 
 आज उसी स्वरूपा के रूप पर अपशब्द जो कह रहा
 खुद को महान दिखलाने में भूल गया वह
 अपशब्द जिसे कहे उसे ही वह है पूज रहा |

#changethinking

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" कभी हारती नहीं "post no-850
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#Woman #Society #daraayajaata
#scared #haarateenahi #samaaj
#Feeling #Support #changethinking
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"#Motivation bahaano se zyada jis din teri mehnat ke fasaane honge ... log bhi tere .. aur tere hi zamaane honge!!! _Aakanksha❤"

#Motivation bahaano se zyada jis din teri  mehnat ke fasaane honge ...
log bhi tere ..
aur tere hi zamaane honge!!! 

_Aakanksha❤

#Motivation #Inspiration #Quotes #changethinking #Shayari #nojotohindi

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"सब जानकर भी अनजान बने बैठे है ये लोग कितने बुजदिल बने बैठे है। तू अपनी चुनरी को पल भर भी ना हटाना यहां कुछ दरिंदे, हवस का घुट लगाए बैठे है। एक ओर दामिनी, ट्विंकल......। के इंतजार में हो क्या ये झूठे "नारी शक्ति" का नारा लगाए बैठे है। किसी फिल्म पर करके बखेड़ा बड़े मर्द बनते हो ये लोग खोखली हड्डी, और रगो में पानी जमाए बैठे है। तू अपने वालिद के आंचल में ही रहियो "अफ़ीरा" यहां मकानों में इंसान कम, जानवर ज्यादा भरे बैठे है। कैंडल मार्च, इंसाफ ए -हल्ला कुछ नहीं "अफीरा" यहां सब लोग ज़िंदा लाश बने बैठे है।"

सब जानकर भी अनजान बने बैठे है
ये लोग कितने बुजदिल बने बैठे है।

तू अपनी चुनरी को पल भर भी ना हटाना
यहां कुछ दरिंदे, हवस का घुट लगाए बैठे है।

एक ओर दामिनी, ट्विंकल......। के इंतजार में हो क्या
ये झूठे "नारी शक्ति" का नारा लगाए बैठे है।

किसी फिल्म पर करके बखेड़ा बड़े मर्द बनते हो
ये लोग खोखली हड्डी, और रगो में पानी जमाए बैठे है।

तू अपने वालिद के आंचल में ही रहियो "अफ़ीरा" 
यहां मकानों में इंसान कम, जानवर ज्यादा भरे बैठे है।

कैंडल मार्च, इंसाफ ए -हल्ला कुछ नहीं "अफीरा"
यहां सब लोग ज़िंदा लाश बने बैठे है।

#nojoto #nojotohindi #savemen #savehumanity #savewomen #savegirl #changethinking #Stoprape @unsunipoetry-021 @Nitin Kr. Harit @Deepika Singh @kiran chaudhary @अविनाश प्रतापगढ़ी अंजान

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