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Best tarunvijभारतीय Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"सजदे में चूमता है वो वतन की मिट्टी हर रोज़ उस शख्स को गद्दार मैं कहूँ कैसे? #NojotoQuote"

सजदे में चूमता है वो वतन की मिट्टी हर रोज़
उस शख्स को गद्दार मैं कहूँ कैसे? #NojotoQuote

कुछ लोग गलत है तो क्या उसके लिए पूरे समाज को गलत मान लिया जाए।
मजहबी लोग आतंकवादी हो सकते हैं परंतु
#मजहब कभी #आतंकवादी नहीं होता।
#terrorism has no #Religion
#UNITY #Indian #Nojoto #Nojotohindi #tarunvijभारतीय

32 Love

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"कल जो मिले अगर हम जिंदगी में फिर इसी मोड़ पर, चल आज कुछ निशान छोड़ जाएं हसीं याद के लिए। सफर तेरा भी तन्हा होगा सफर मेरा भी, आज के बाद, चल उस मोड़ तक साथ चलते बस आज के लिए। याद जो आए कभी मेरी तुम्हें उन नन्ही बूंदों में, एक दफा भीग जाना सावन की उस बरसात के लिए। जानता हूं दूर होकर भी साथ रखें है 'तरूण' को रखी है तूने वो किताब बस एक गुलाब के लिए। हवाएं लाती रहेंगी साथ अपने अक्सर खुश्बू तुम्हारी खिंचे आना कभी तुम भी बस एक मुलाकात के लिए। #NojotoQuote"

कल जो मिले अगर हम जिंदगी में फिर इसी मोड़ पर,
चल आज कुछ निशान छोड़ जाएं हसीं याद के लिए।

सफर तेरा भी तन्हा होगा सफर मेरा भी, आज के बाद,
चल उस मोड़ तक साथ चलते बस आज के लिए।

याद जो आए कभी मेरी तुम्हें उन नन्ही बूंदों में,
एक दफा भीग जाना सावन की उस बरसात के लिए।

जानता हूं दूर होकर भी साथ रखें है 'तरूण' को
रखी है तूने वो किताब बस एक गुलाब के लिए।

हवाएं लाती रहेंगी साथ अपने अक्सर खुश्बू तुम्हारी
खिंचे आना कभी तुम भी बस एक मुलाकात के लिए। #NojotoQuote

#ghazal #Shayari #hindishayari #hindighazal #hindiurdu #hindiwriters #Shayar #tarunvijभारतीय

22 Love

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"कच्ची दीवारों से पक्के मकान में चलें आए, छोड़ कर जहान वो, नए जहान में चलें आए। शुरू हुआ था सफर जो बाप के कांधे पर, छोड़ कर गांव अब शहर में चलें आए। कुछ अपने थे रह गए अकेले सपनों के पीछे, छोड़ कर उन्हें हम परायों में चले आए। मिलता नहीं अब राह कोई घर को लौटने का जब से कैद हो कर हम जेलों में चलें आए। अरसा हो गया "तरूण" वैसी नींद नहीं आती, मां के आंचल से दूर जब से चलें आए। #NojotoQuote"

कच्ची दीवारों से पक्के मकान में चलें आए,
छोड़ कर जहान वो, नए जहान में चलें आए।

शुरू हुआ था सफर जो बाप के कांधे पर,
छोड़ कर गांव अब शहर में चलें आए।

कुछ अपने थे रह गए अकेले सपनों के पीछे,
छोड़ कर उन्हें हम परायों में चले आए।

मिलता नहीं अब राह कोई घर को लौटने का
जब से कैद हो कर हम जेलों में चलें आए।

अरसा हो गया "तरूण" वैसी नींद नहीं आती,
मां के आंचल से दूर जब से चलें आए। #NojotoQuote

जिंदगी चलें आए।
#जिंदगी की इस भागादौड़ी में सब कुछ पीछे छूट गया। आज #पैसा ही अपना है, पैसा ही परिवार है। असल जो अपने थे सब खो चुके हैं।
#hindiwriters #kavita #hindiurdu #Shayar #Astitva
#yqdidi #tarunvijभारतीय

18 Love
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"किस कदर गिर गया है आदमी, आदमी पर गिर गया है आदमी। है आदमी को आदमी से जरूरतें कई कुछ जरूरतों पर गिर गया है आदमी उसकी फितरत है जो खोद रहा है गढ्ढा उसी गढ्ढे में आकर गिर गया है आदमी। चंद सिक्के उसकी जेब में खनक रहे गिरा सिक्का पर गिर गया है आदमी। थाम पल्लु जो सीखा था चलना कभी सरका पल्लु पर गिर गया है आदमी। ऊंचे महलों की उसकी ऊंची सीढ़ियां, आके सीढ़ियों पर गिर गया है आदमी। चैन की तलाश में जिंदगी दौड़ता रहा, सच से हारकर गिर गया है आदमी।"

किस कदर गिर गया है आदमी,
आदमी पर गिर गया है आदमी।

है आदमी को आदमी से जरूरतें कई
कुछ जरूरतों पर गिर गया है आदमी 

उसकी फितरत है जो खोद रहा है गढ्ढा
उसी गढ्ढे में आकर गिर गया है आदमी।

चंद सिक्के उसकी जेब में खनक रहे
गिरा सिक्का पर गिर गया है आदमी।

थाम पल्लु जो सीखा था चलना कभी
सरका पल्लु पर गिर गया है आदमी।

ऊंचे महलों की उसकी ऊंची सीढ़ियां, 
आके सीढ़ियों पर गिर गया है आदमी।

चैन की तलाश में जिंदगी दौड़ता रहा, 
सच से हारकर गिर गया है आदमी।

#InspireThroughWriting #hindiwriters #ghazal #tarunvijभारतीय #Shayar #inspirational @Ashish Dwivedi @Dr Ashish Vats

13 Love

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"अभी कल ही बना था, आज ढह गया। सरकारी पुल था, बहुत वक्त रह गया।। मसला दो घरों के बीच से उठा जो। सियासी हवा में, मज़हबी होकर रह गया।। जनता से चलकर, सत्ता तक जा पहुंचा। वो नेता था, बस नेता बन कर रह गया।। टुकड़े जोड़ जोड़ कर बनाया था मुल्क एक। आवाम यहां जात धर्म में बंट कर रह गया।। उम्र भर सहा उसने, फिर अलविदा कह दिया। गरीब पैदा हुआ था वो, गरीब ही रह गया।।"

अभी कल ही बना था, आज ढह गया।
सरकारी पुल था, बहुत वक्त रह गया।।

मसला दो घरों के बीच से उठा जो।
सियासी हवा में, मज़हबी होकर रह गया।।

जनता से चलकर, सत्ता तक जा पहुंचा।
वो नेता था, बस नेता बन कर रह गया।।

टुकड़े जोड़ जोड़ कर बनाया था मुल्क एक।
आवाम यहां जात धर्म में बंट कर रह गया।।

उम्र भर सहा उसने, फिर अलविदा कह दिया।
गरीब पैदा हुआ था वो, गरीब ही रह गया।।

#Religion #castism #Politics #Corruption
#tarunvijभारतीय #tvभ

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