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Best wilderness Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"ये शहर मुझे लगता बियाबान सा क्यों है। इतने हैं यहाँ लोग फिर वीरान सा क्यों है।"

ये शहर मुझे लगता बियाबान सा क्यों है।
इतने हैं यहाँ लोग फिर वीरान सा क्यों है।

#City #nojoto #wilderness #Poetry

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#wilderness

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"बावरी, झल्ली, आकाश, समंदर क्या कहूँ तुम्हे? तुम मिली थी मुझे जब खुद की तलाश में था मैं। मिलकर लगा था कि शायद मेरी तलाश यहीं ख़तम होगी अब। सुन रखा था तुम्हारे साथ जो भी कुछ लम्हे बिता लेता था तो कभी भूल न पाता था तुम्हे। वक़्त बीता, मैं तो खुद को मिल गया थोड़ा सा। तुम्हारी तलाश ख़तम न हुई। तुमसे मैं प्रेम तो कर सकता था, इतना कि इंतहा न हो लेकिन तुम फिर भी मेरे नहीं हो सकते थे। तुम मेरे साथ चल सकते थे किसी भी अनजान रास्ते पर, कदम-ब-कदम भी हो सकते थे लेकिन जो लोग आज़ाद ख़यालों के होते हैं न, वो चार दीवार और चार बातों से कैद नहीं हो सकते। तुम्हारे लिए दो ही रास्ते थे मेरे पास- या तो तुम्हे आज़ाद होके प्रेम करता या आज़ाद छोड़ देता। हाँ, तुम्हे छोड़ना पड़ा उसी जंगल में, क़्योंकि की तुम्हे बाँधना मुनासिब नहीं था न ही मुकम्मल था, तुम आज़ाद रहने के लिए बनी हो। सारे धोखों, रिश्तों नातों से अलग इन सब से ऊपर जीना है मक़सद तुम्हारा। और फिर अंत में एक गुमनाम मौत मरना ताकि तुम्हारे जानने वालों को शुबा रहे कि तुम अब भी कहीं घूम रहे होगे, आज़ाद। इस गुमां का होना भी बहुत जरूरी है, उनके लिए जो खुद की तलाश में निकलते हैं।"

बावरी, झल्ली, आकाश, समंदर क्या कहूँ तुम्हे? तुम मिली थी मुझे जब खुद की तलाश में था मैं।
मिलकर लगा था कि शायद मेरी तलाश यहीं ख़तम होगी अब। सुन रखा था तुम्हारे साथ जो भी कुछ लम्हे बिता लेता था तो कभी भूल न पाता था तुम्हे। वक़्त बीता, मैं तो खुद को मिल गया थोड़ा सा। तुम्हारी तलाश ख़तम न हुई। तुमसे मैं प्रेम तो कर सकता था, इतना कि इंतहा न हो लेकिन तुम फिर भी मेरे नहीं हो सकते थे। तुम मेरे साथ चल सकते थे किसी भी अनजान रास्ते पर, कदम-ब-कदम भी हो सकते थे लेकिन जो लोग आज़ाद ख़यालों के होते हैं न, वो चार दीवार और चार बातों से कैद नहीं हो सकते। तुम्हारे लिए दो ही रास्ते थे मेरे पास- या तो तुम्हे आज़ाद होके प्रेम करता या आज़ाद छोड़ देता। हाँ, तुम्हे छोड़ना पड़ा उसी जंगल में, क़्योंकि की तुम्हे बाँधना मुनासिब नहीं था न ही मुकम्मल था, तुम आज़ाद रहने के लिए बनी हो। सारे धोखों, रिश्तों नातों से अलग इन सब से ऊपर जीना है मक़सद तुम्हारा। और फिर अंत में एक गुमनाम मौत मरना ताकि तुम्हारे जानने वालों को शुबा रहे कि तुम अब भी कहीं घूम रहे होगे, आज़ाद। इस गुमां का होना भी बहुत जरूरी है, उनके लिए जो खुद की तलाश में निकलते हैं।

I became free when I lost you.
#wilderness #Freedom

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"When you don't fall in love with the natural gifts of this world, a piece of your heart still remains undiscovered."

When you don't fall in love with the natural gifts of this world,
a piece of your heart still remains undiscovered.

#Heart #nojotoenglish #Love #Animals #Nature #wilderness

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Not even God can prevent rape
http://passey.info/2018/02/not-even-god-can-prevent-rape/

From the post:
"Now, now, please do not hang me for the title of this post. These are the words of Aziz Qureshi, a former Governor from Mizoram, quoted form news-reports from July 2014. And if you think he is the only Indian to have a contorted interpretation of the word, you are mistaken. Sheila Dikshit, a former CM from Delhi, famously asked women not to be adventurous. Botsa Satyanarayana, the Congress Pr

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