tags

Best बेशक़ Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

Find the Best बेशक़ Shayari, Status, Quotes from top creators only on Nojoto App. Also find trending photos & videos.

  • 15 Followers
  • 23 Stories
  • Popular
  • Latest
  • Video

""

"शक़ बेशक़ इक़रार के बीच, ज़हन में ज़िंदा कुछ जज़्बात बाक़ी है, के मिल के भी हम, हम न हुए, अब भी हमारी मुलाक़ात बाक़ी है... #NojotoQuote"

शक़ बेशक़ इक़रार के बीच, ज़हन में ज़िंदा कुछ जज़्बात बाक़ी है,
के मिल के भी हम, हम न हुए, अब भी हमारी मुलाक़ात बाक़ी है... #NojotoQuote

मुलाक़ात
#Life #Love #इक़रार #ज़हन #जज़्बात #शक़ #बेशक़ #इक़रार #ज़िंदा #मुलाक़ात #Quote

239 Love
18 Share

""

"बेशक़ बेशक़ में तनहा रहना छोड दु तू एक रास्ता तो दिखा अपनों से मिलवाने का। बेशक़ में रोना छोड़ दू तू एक बार कारण तो बता मुस्कुराने का। बेशक में लिखना छोड़ दु तू एक पता तो बता दिलके दर्द सुनने वाले का।"

बेशक़

बेशक़ में तनहा रहना छोड दु तू 
एक रास्ता तो दिखा अपनों से मिलवाने का।
बेशक़ में रोना छोड़ दू तू
एक बार कारण तो बता मुस्कुराने का।
बेशक में लिखना छोड़ दु तू
एक पता तो बता दिलके दर्द सुनने वाले का।

#तन्हाई #बेशक़ #Shayari

64 Love
1 Share

""

"ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है महफ़िल के वास्ते, सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई... - मुनव्वर राना #NojotoQuote"

ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है
महफ़िल के वास्ते,
सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई...

- मुनव्वर राना #NojotoQuote

ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है महफ़िल के वास्ते , सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई ...
.
मुनव्वर राना की ये ग़ज़ल बेशक़ शायरी पसन्द लोगों को ज़ुबानी याद हो...नाम है - दोहरा रहा हूँ बात पुरानी कही हुई...
.
.
.
ये ऊपर का जो शेर है जिससे मैंने इस ब्लॉग की शुरुआत की है काफ़ी संज़ीदगी है इसमें अगर गौर फ़रमाया जाए...ज़िन्दगी से जुड़ी एक बहुत बड़ी सच्चाई समाई है इसमें...लोगों को हर वक़्त कुछ नया चाहिए होता है, वो आपकी परिस्थिति का मतलब न समझते हुए बस उसके मज़े लेते नज़र आते हैं, देर होती है बस किसी के नए किस्से या किसी की

41 Love
1 Share

""

"ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है महफ़िल के वास्ते, सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई... - मुनव्वर राना #NojotoQuote"

ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है महफ़िल के वास्ते,
सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई...

- मुनव्वर राना #NojotoQuote

ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है महफ़िल के वास्ते , सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई ...

मुनव्वर राना की ये ग़ज़ल बेशक़ शायरी पसन्द लोगों को ज़ुबानी याद हो...नाम है - दोहरा रहा हूँ बात पुरानी कही हुई...


ये ऊपर का जो शेर है जिससे मैंने इस ब्लॉग की शुरुआत की है काफ़ी संज़ीदगी है इसमें अगर गौर फ़रमाया जाए...ज़िन्दगी से जुड़ी एक बहुत बड़ी सच्चाई समाई है इसमें...लोगों को हर वक़्त कुछ नया चाहिए होता है, वो आपकी परिस्थिति का मतलब न समझते हुए बस उसके मज़े लेते नज़र आते हैं, देर होती है बस किसी के नए किस्से या किसी की ज़िन्द

39 Love
1 Share

""

"डिअर टीचर, आपकी ही शिक्षा है, जिससे लेखक बना हूँ। प्रभु का सेवक बना हूँ, सच्चा बना हूँ, बेधड़क बना हूँ। बेशक़ बना हूँ गुरुजी, बेशक़ बना हूँ ।"

डिअर टीचर, आपकी ही शिक्षा है,
जिससे लेखक बना हूँ।
प्रभु का सेवक बना हूँ,
सच्चा बना हूँ, बेधड़क बना हूँ।
बेशक़ बना हूँ गुरुजी, बेशक़ बना हूँ ।

#DearTeacher

27 Love