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Best ऐसा Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"एक ही सीख मिली है की तुम सही हो फिर भी चुप रहो, बस बुत बने सब देखते रहो, इसी में तुम्हारी और सबकी भलाई है !!!"

एक ही सीख मिली है की तुम सही हो फिर भी चुप रहो, बस  बुत बने सब देखते रहो, इसी में तुम्हारी और सबकी भलाई है !!!

#ऐसा होना नहीं चाहिए, लेकिन यही सीख काम आती है

30 Love

"सीने में आग इतनी है कि पुरा शहर जला दूं, दिल तोड़ने वाले को उसकी सज़ा सुना दूं, एक बुरा वक़्त समझ कर उसे भुला दूं, वो मेरी एक झलक को तड़पे उसकी तरसती नज़रों को ऐसा मंज़र दिखा दूं,"

सीने में आग इतनी है कि पुरा शहर जला दूं, 
दिल तोड़ने वाले को उसकी सज़ा सुना दूं, 
एक बुरा वक़्त समझ कर उसे भुला दूं, 
वो मेरी एक झलक को तड़पे
उसकी तरसती नज़रों को ऐसा मंज़र दिखा दूं,

#ऐसा मंज़र दिखा दूं
#Nojoto
#rashmisingh

20 Love

"Friends forever तुम मेरे खातिर दोस्ती में जान मत देना, सुना है दोस्ती मे दोस्तों की जान बसती है।. देव साथ- साथ गा सके ऐसा तराना चाहिए। सु:ख दु:ख बाँट सके ऐसा याराना चाहिए। -देव फैजाबादी"

Friends forever तुम मेरे खातिर दोस्ती में जान मत देना, 
सुना है दोस्ती मे दोस्तों की जान बसती है।. देव



 साथ- साथ गा सके ऐसा तराना चाहिए।
सु:ख दु:ख बाँट सके ऐसा याराना चाहिए। 
-देव फैजाबादी

#friends forever.
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76 Love
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"हमेशा झूठ हम आपस में बोलते आए न मेरे दिल में न तेरी जबाँ पे छाला है…!! ©बेचैन.. ✍"

हमेशा झूठ हम आपस में बोलते आए
न मेरे दिल में न तेरी जबाँ पे छाला है…!!

©बेचैन.. ✍

#जो_जितना_व्यस्त_उतना_सफल....

सुख-दुख,आना-जाना सब जीवन के पहलू हैं हर कोई ये जानता भी है और समझता भी।सच भी यही है कि जीवन के उतार-चढ़ाव के बीच तालमेल बनाए रखना चाहिए हर पल को आनंद से भर लेना चाहिए।कभी-कभी शायद सभी ने ऐसा महसूस किया ज़रूर होगा भले ही मात्र एक क्षण को जैसे खुशियाँ सारी पास हैं फिर भी कुछ तलाश है।कभी ऐसा भी लगता है कि आप चारों तरफ अपनों से उनके अपनत्व से घिरे हैं किंतु इतनी भीड़ के बावजूद भी कभी अकेलापन महसूस होता है..
जीवन में व्यस्तताएँ बहुत बढ़ गई हैं ऐसा लोग प्रायः कहते हैं

38 Love

"बात उन दिनों कि है जब मैं क्लास तीन में पढ़ता था और घर पे एक दिन मैंने पापा मम्मी जी से गुस्से में अशब्द भाषा का प्रयोग कर दिया था पापा सुबह सुबह स्कूल पहुंच गये और सीधे प्रिंसिपल सर जी से इस बात कि शिकायत कि और कहा आपके स्कूल में कैसी पढाई होती है जो बच्चा घर पर ऐसी गंदी नकारात्मक हरकतें करता है कृपया समझिए वो इतनी बात कह के चले गये फिर क्या था सुबह जब मैं प्रार्थना करने को लाइन में लगा था उधर प्रिंसिपल सर जी ने मुझे अपने कार्यालय में बुला लिया और मुझे मुर्गा काफी देर तक बनाया और कभी छड़ी से तो कभी हाथों से बहुत मारा उनके हाथों के निशान मेरे गालों पर साफ साफ नजर आ रहे थे और फिर उनसे ऐसी गलती दोबारा न करने कि बात करके मैं अपने क्लास रूम में आ गया मेरे दोस्त मेरा मयूसी भरा चेहरा देखकर समझ गये थे ऐ काफी मार खाया है मैं समझ नहीं पा रहा था पापा ने ऐसा क्यों किया वो मुझे प्यार से भी तो समझा सकते थे और प्रिसिपल जी भी तो मुझे प्यार समझा सकते है लेकिन ऐसा नहीं हुआ फिर मैं घर पहुंचा मम्मी को सारी बातें बताई उन्होंने गालों पर छापा हुआ हाथ का निशान देखा तो ओ काफी घबरा सी गई और पापा से बोलने लगी आपको ऐसा नहीं करना था बल्कि प्यार से समझा देना था तब से मैंने पढाई लिखाई करके एक अच्छा बनाने कि बात अपने मन में ठान ली थी सदैव सकारात्मक मार्ग कि राह चुनी थी। -Sunil Kumar Sharma"

बात उन दिनों कि है जब मैं क्लास तीन में पढ़ता था और घर पे एक दिन मैंने पापा मम्मी जी से गुस्से में अशब्द भाषा का प्रयोग कर दिया था पापा सुबह सुबह स्कूल पहुंच गये और 
सीधे प्रिंसिपल सर जी से इस बात कि शिकायत कि और कहा आपके स्कूल में कैसी पढाई 
होती है जो बच्चा घर पर ऐसी गंदी नकारात्मक हरकतें करता है कृपया समझिए वो इतनी 
बात कह के चले गये फिर क्या था सुबह जब मैं प्रार्थना करने को लाइन में लगा था उधर 
प्रिंसिपल सर जी ने मुझे अपने कार्यालय में बुला लिया और मुझे मुर्गा काफी देर तक 
बनाया और कभी छड़ी से तो कभी हाथों से बहुत मारा उनके हाथों के निशान मेरे गालों पर साफ साफ नजर आ रहे थे और फिर उनसे ऐसी गलती दोबारा न करने कि बात करके मैं अपने क्लास रूम में आ गया मेरे दोस्त मेरा मयूसी भरा चेहरा देखकर समझ गये थे ऐ काफी मार खाया है मैं समझ नहीं पा रहा था पापा ने ऐसा क्यों किया वो मुझे प्यार से भी तो समझा सकते थे और प्रिसिपल जी भी तो मुझे प्यार समझा सकते है लेकिन ऐसा नहीं हुआ फिर मैं घर पहुंचा मम्मी को सारी बातें बताई उन्होंने गालों पर छापा हुआ हाथ का निशान देखा तो ओ काफी घबरा सी गई और पापा से बोलने लगी आपको ऐसा नहीं करना था बल्कि प्यार से समझा देना था तब से मैंने पढाई लिखाई करके एक अच्छा बनाने कि बात अपने मन में ठान ली थी सदैव सकारात्मक मार्ग कि राह चुनी थी।

-Sunil Kumar Sharma

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33 Love