Watch Videos

Show More

"किताबें सबसे वफादार मित्र किताबें ज्ञान से हमें परिपूर्ण बनाती किताबें बिन कुछ बोले ही हर चीज कह जाती किताबें क्या सही है क्या गलत हमें सिखाती किताबें हर पल ज्ञान देने को तैयार किताबें छोड़ दे दुनिया जब अंधेरों में उजालों की और हमें ले जाती किताबें जरा सी बात समझाने को जब इठलाए ये इंसान शांत रहकर तब हमें सब समझाती किताबें बेनाम और अनजान सी दुनिया में नाम और पहचान दिलाती किताबें। मेरे दिल के बेहद करीब है मेरी किताबें घंटों बिता सकती हूँ मैं वक्त इनके साथ ऐसी प्यारी दोस्त है मेरी प्यारी किताबें।"

किताबें सबसे वफादार मित्र किताबें 
ज्ञान से हमें परिपूर्ण बनाती किताबें 
बिन कुछ बोले ही हर चीज कह जाती किताबें 
क्या सही है क्या गलत हमें सिखाती किताबें 
हर पल ज्ञान देने को तैयार किताबें 
छोड़ दे दुनिया जब अंधेरों में
उजालों की और हमें ले जाती किताबें 
जरा सी बात समझाने को जब इठलाए ये इंसान
शांत रहकर तब हमें सब समझाती किताबें 
बेनाम और अनजान सी दुनिया में
नाम और पहचान दिलाती किताबें।
मेरे दिल के बेहद करीब है मेरी किताबें 
घंटों बिता सकती हूँ  मैं वक्त  इनके साथ
ऐसी प्यारी दोस्त है मेरी प्यारी किताबें।

#Books are our best friends.

15 Love

सुगंध..........

9 Love
32 Views

भास...

8 Love
11 Views

"किताबें ●●● किताबें ●●● पलटकर देख हर शब्द पन्नो पर सजायें बैठी हूँ , इंतजार की इम्तहा में पलँके बिछाये बैठी हूँ । खुद के अस्तित्व बचाने की इस कश्मकश में , मैं आज कितनो के अस्तित्व संजोये बैठी हूँ ।। •°•°•°{ मैं }°•°•°•° ज़मीर बिक न सका जिसमें वो रुआब हूँ मैं , टूटे कल्पनाओं का उमड़ता हँसी ख्वाब हूँ मैं । लिख रहा हूँ जो भी गुज़री है हर नज्म तुमपर , सफर-ए-जिंदगी की एक खुली किताब हूँ मैं ।"

किताबें ●●● किताबें ●●●                                    
पलटकर देख हर शब्द पन्नो पर सजायें बैठी हूँ ,
 इंतजार की इम्तहा में पलँके बिछाये बैठी हूँ ।
खुद के अस्तित्व बचाने की इस कश्मकश में ,
मैं आज कितनो के अस्तित्व संजोये बैठी हूँ ।।

•°•°•°{  मैं  }°•°•°•°                                
ज़मीर बिक न सका जिसमें वो रुआब हूँ मैं ,
टूटे कल्पनाओं का उमड़ता हँसी ख्वाब हूँ मैं ।
लिख रहा हूँ जो भी गुज़री है हर नज्म तुमपर ,
सफर-ए-जिंदगी की एक खुली किताब हूँ मैं ।

#kitabein
●●● किताबें ●●●
पलटकर देख हर शब्द पन्नो पर सजायें बैठी हूँ ,
इंतजार की इम्तहा में पलँके बिछाये बैठी हूँ ।
खुद के अस्तित्व बचाने की इस कश्मकश में ,
मैं आज कितनो के अस्तित्व संजोये बैठी हूँ ।।

•°•°•°{ मैं }°•°•°•°

45 Love

"Mana ki dil dukhta h jb apna koi drd deta h ansu hmne BHi bhaut bhaye h pr brosa to kro ek bar dosti ka hath hi to bdaye h"

Mana ki dil dukhta h jb apna koi drd deta h
ansu hmne BHi bhaut bhaye h
pr brosa to kro ek bar 
dosti ka hath hi to bdaye h

B@#+&#

10 Love