चिंगारी जो इश्क़ की लगे
दूर तलक तक धुंआ उठे। #poetr
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"not necessary to share your dreams but prosperous thing is disclose your conceptions of pain"

not necessary to share your dreams
but prosperous thing is disclose your conceptions of pain

 

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"तेरी याद जब भी आती हैं तुझे साथ ले आती हैं मैं जितना भुलाना चाहू उतना पास ले आती हैं मेरी धड़कनो का शोर इतना बढाती हैं मुझे मुझसे जुदा कर जाती है फासले बहुत कम ही थे हमारे दरमियां जब तेरी हर कही बात जेहन तक जाती हैं होठों के मेरी एक अजीब सी खुशी भा जाती हैं आँखों में फिर भी वो आंसूओ सा भर जाती हैं तेरी याद जब भी आती हैं तुझे साथ ले आती हैं तन्हा समझती थी जब भी मैं खुद को वो मुझमे आकर मुझमें समा जाती हैं फिर मेरी तनहाईयों को एक शमा सा बना देती हैं पलको पे मेरी एक लहर दौड़ आती हैं उछल कर फिर ठहर जाती हैं तेरी याद जब भी आती हैं तुझे साथ ले आती हैं छटपटाहट सी एक दिल में हो आती हैं बीते कुछ वक्त जो तुम्हारे साथ वही ले जाती हैं एक उमंग जीने की फिर सजा जाती हैं तेरी याद जब भी आती हैं तुझे साथ ले आती हैं"

तेरी याद जब भी आती हैं तुझे साथ ले आती हैं
मैं जितना भुलाना चाहू उतना पास ले आती हैं
मेरी धड़कनो का शोर इतना बढाती हैं
मुझे मुझसे जुदा कर जाती है
फासले बहुत कम ही थे हमारे दरमियां
जब तेरी हर कही बात जेहन तक जाती हैं
होठों के मेरी एक अजीब सी खुशी भा जाती हैं
आँखों में फिर भी वो आंसूओ सा भर जाती हैं
तेरी याद जब भी आती हैं तुझे साथ ले आती हैं
तन्हा समझती थी जब भी मैं खुद को
वो मुझमे आकर मुझमें समा जाती हैं 
फिर मेरी तनहाईयों को एक शमा सा बना देती हैं
पलको पे मेरी एक लहर दौड़ आती हैं
उछल कर फिर ठहर जाती हैं
तेरी याद जब भी आती हैं तुझे साथ ले आती हैं
छटपटाहट सी एक दिल में हो आती हैं
बीते कुछ वक्त जो तुम्हारे साथ वही ले जाती हैं
एक उमंग जीने की फिर सजा जाती हैं
तेरी याद जब भी आती हैं तुझे साथ ले आती हैं

याद तेरी

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"people, time and situations always changes easily so don't belive on these. ..."

people, time and situations
 always changes easily
so don't belive on these. ...

 

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"कितनी मोहब्बत है मुझसे ये वो बता न पाये फाखिर, कोशिश बहुत की लेकिन हर बार लफ्ज़ कांपते रह गये..."

कितनी मोहब्बत है मुझसे  ये  वो बता न पाये फाखिर,
कोशिश बहुत की लेकिन हर बार लफ्ज़ कांपते रह गये...

मोहब्बत...

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"इस बेदर्द जमाने में , किसी से अपने दर्द का जिक्र ना करना फाखिर, ये जमाना ही ऐसा है , लोग ऑसुओं पर भी कहांनियांं बना लेते हैं ।"

इस बेदर्द जमाने में , 
किसी से अपने दर्द का जिक्र ना करना फाखिर, 
ये जमाना ही ऐसा है ,
लोग ऑसुओं पर भी कहांनियांं बना लेते हैं ।

बेदर्द जमाना...
#shabdanchal
#Pain
#Missing someone
#felling hurt.

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