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"Unki aahat se hmari dhadkane ish kadar badh jaati h unki aahat se hmari dhadkane ish kadar badh jaati h Maano jaise samandar mein baithe ho aur wahi aagh lag jaati h"

Unki aahat se hmari dhadkane ish kadar badh jaati h 
unki aahat se hmari dhadkane ish kadar badh jaati h
Maano jaise samandar mein baithe ho aur wahi aagh lag jaati h

@Sabir khan @सूर्यवंशीRohit @Anuj Yadav @motivation india @Vikas Gupta #quote #loveaajkal #bestie #nojoto #shayari

246 Love

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"ख्वाबों की दुनियां में जिंदगी उलझा ली इतनी की, हकीकत में रहना का तरीका मुझें अब याद नहीं... पहले इश्क़ से मिली क्या खूब सौग़ात मुझें की, वो सबकुछ था मेरा, अब क़ुछ उसके बाद नहीं... ख़्वाहिश हैं कि उसके हिस्से का दर्द भी मिले की, हर हाल में वो ख़ुश रहे, औऱ कोई फ़रियाद नहीं... ✍My_Words..."

ख्वाबों की दुनियां में जिंदगी उलझा ली इतनी की,
हकीकत में रहना का तरीका मुझें अब याद नहीं...

पहले इश्क़ से मिली क्या खूब सौग़ात मुझें की,
वो सबकुछ था मेरा, अब क़ुछ उसके बाद नहीं...

ख़्वाहिश हैं कि उसके हिस्से का दर्द भी मिले की,
हर हाल में वो ख़ुश रहे, औऱ कोई फ़रियाद नहीं...


✍My_Words...

अब कुछ उसके बाद नहीं ....💔 #Life #Love #Motivation #Relationships #philosophy #nojotohindi #Shayari #QandA #WOD #feelings
@aman6.1 @Shikha Sharma @sheetal pandya मेरे शब्द @HOLOCAUST @Mr. MANEESH @JS gurjar

233 Love

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"तेरी सुबा का इक पहर मेरी शामों का आधा होता, हम भी रोकर जी हल्का कर लेते , काश कि तूने कसमों में न बांधा होता,"

तेरी सुबा का इक पहर 
मेरी शामों का आधा होता,
हम भी रोकर जी हल्का कर लेते ,
काश कि तूने कसमों में न  बांधा होता,

#काश

199 Love
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"मैं पृथ्वी पर विचरण करने वाला , तो तुम मस्त -मौला विहंग हो। मुझको साहित्य से प्रेम ,तो तुम इससे दंग हो । मैं मजबूत धागा सा, तो तुम उससे उड़ती हुई पतंग हो । मैं स्थिर, शांत , समुदर सा , तो तुम उसमे उठने वाली तरंग हो । मैं रंगहीन सा ,तो तुम नवरंग हो । रणक्षेत्र हूँ मैं ,तो तुम जंग हो । मैं आदि हूँ, तो तुम अन्त हो । मस्त हूँ मैं ,तो तुम मलंग हो ।"

मैं पृथ्वी पर विचरण करने वाला ,
तो  तुम मस्त -मौला विहंग हो।
मुझको साहित्य से प्रेम ,तो तुम इससे दंग हो ।
मैं मजबूत धागा सा, तो तुम उससे 
उड़ती हुई पतंग हो ।
मैं स्थिर, शांत  , समुदर सा ,
तो तुम उसमे उठने वाली तरंग हो ।
मैं रंगहीन सा ,तो तुम नवरंग हो ।
रणक्षेत्र हूँ मैं ,तो तुम जंग हो ।
मैं आदि हूँ, तो तुम अन्त हो ।
मस्त हूँ मैं ,तो तुम मलंग हो ।

#nojoto#shayri#

193 Love

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"क्या शिकायत करूं मैं तुझसे जब कुसूर ही मेरा था। ये तेरी हिदायत थोड़ी ही थी, कि मैं तुझसे इश्क करूं।"

क्या शिकायत करूं मैं तुझसे
जब कुसूर ही मेरा था।
ये तेरी हिदायत थोड़ी ही थी,
कि मैं तुझसे इश्क करूं।

it's all my fault 😌

190 Love