Naari Diwas
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"एक नारी वो सारे जज्बातों को समेटे हुए, किसी अंधेरें मे घिरी है, वो नारी ही है, जो बिना किसी शिकवा के तुम्हारी कमी को पूरा करती हैं, इस समाज में, उसे कोई दर्जा प्राप्त नहीं किया बस मन बहलाने के लिए, गृहलक्ष्मी हैं,वो आसमां को छूने की इच्छा रखने वाली, एक स्त्री हैं... कभी किसी पुरूषों से बात करने पे, वहीं गृहलक्ष्मी चरित्रहीन बना दिया जाती हैं कभी उसकी कमी बताकर उस के मायके वालों पर, कीचड़ उछाली जाती हैं, कभी गहनों से लादकर, उसे इच्छाओं को दबा दिया जाता है कभी मर्यादाओं का पाठ पढाकर चारदीवारियों मे समेट दी जाती हैं...... ©Diksha Kumari"

एक नारी  वो सारे जज्बातों को समेटे हुए,
किसी अंधेरें मे घिरी है,
वो नारी ही है, जो बिना किसी शिकवा के
तुम्हारी कमी को पूरा करती हैं,
इस समाज में, उसे कोई दर्जा प्राप्त नहीं किया
बस मन बहलाने के लिए,
गृहलक्ष्मी हैं,वो आसमां को छूने की इच्छा 
रखने वाली, एक स्त्री हैं...

कभी किसी पुरूषों से बात करने पे,
वहीं गृहलक्ष्मी चरित्रहीन बना दिया जाती हैं
कभी उसकी कमी बताकर 
उस के मायके वालों पर,
कीचड़ उछाली जाती हैं,
कभी गहनों से लादकर, उसे इच्छाओं को
दबा दिया जाता है
कभी मर्यादाओं का पाठ पढाकर चारदीवारियों
मे समेट दी जाती हैं......

©Diksha  Kumari

#NaariDiwas #Inpendence

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"एक नारी तू धारा है तू अंबर है तू अधॅ शरीर है, तेरे हर रूप को में नमन करता हूं, रोज घर से जब निकलता हूं, तो मां के साथ साथ बेटी का हाथ अपने सर पे रख लेता हूं। ©maher singaniya"

एक नारी  तू धारा है तू अंबर है तू अधॅ शरीर है,
 तेरे हर रूप को में नमन करता हूं,
रोज घर से जब निकलता हूं,
तो मां के साथ साथ बेटी का हाथ अपने
सर पे रख लेता हूं।

©maher singaniya

#NaariDiwas

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"एक नारी उतार दिया है, नकाब हवस का ! दुख है,स्वरूप कविताओं को कहना! ख़ाक सलाह मशवरा भी लेलूं .. जमीन पर नाक भी रगड़ लूँ पर तुम्हारी खूबसूरती का क्या कहना..! तुम "भारत की नारी के वेश में ही रहना..! पिरोता हूं कविताओं को तुम में!. मेरी कविताएं बहती है ख्वाबों के समंदर पर एक बवंडर पर झुकी नजर उसे भाव लिखूंगा.. तुम्हें एक श्रृंगार से निहार लूंगा.. जुल्फे तेरी चेहरा, चेहरे पर बिंदी तुम हो हिंद की हिंदी और सलवट के लहंगे का क्या कहना है.. तुम भारत की नारी के वेश में ही रहना..! ©Ditikraj"दुष्यंत"...!"

एक नारी   उतार दिया है, नकाब हवस का !

दुख है,स्वरूप कविताओं को कहना! 

ख़ाक सलाह मशवरा भी लेलूं ..

जमीन पर नाक भी रगड़ लूँ

 पर तुम्हारी खूबसूरती का क्या कहना..!

तुम "भारत की नारी के वेश में ही रहना..!

पिरोता हूं कविताओं को तुम में!.
 
मेरी कविताएं बहती है ख्वाबों के समंदर पर 

एक बवंडर पर झुकी नजर उसे भाव लिखूंगा.. 

तुम्हें एक श्रृंगार से निहार लूंगा.. 

जुल्फे तेरी चेहरा, चेहरे पर बिंदी 

तुम हो हिंद की हिंदी 

और सलवट के लहंगे का क्या कहना है..

तुम भारत की नारी के वेश में ही रहना..!

©Ditikraj"दुष्यंत"...!

उतार दिया है, नकाब हवस का !

दुख है!स्वरूप कविताओं को कहना!

ख़ाक सलाह मशवरा भी लेलूं ..

जमीन पर नाक भी रगड़ लूँ

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"एक नारी एक नारी ही तो इस धरती पर ईश्वर का स्वरूप है.., नारी से ही तो ये सारी सृष्टि सम्पूर्ण है..! बिन नारी के नर के अस्तित्व का कोई मोल नही है.., गर नारी ही ना हो तो नर का जन्म भी संभव नही है..! बेटी, बहन, बहु, माँ, मासी, चाची, बुआ, नानी, दादी ये सारे स्वरूप भी तो नारी के ही है..! जब जन्म लेती है इस संसार मे नारी तभी तो.., माँ दुर्गा की तरह ही उसके भी अनेक स्वरूप है बनते..! "ऐ पुरुष" अगर नही समझ आती है नारी तुम्हें.., तो कल्पना ही करके देख लो इस संसार को बिना नारी के..! और सोचो कि जब नारी ही नही होगी तो तुम पुरुष कैसे जन्मोगे? अगर हो जाये कल्पना करने में एहसास तुम्हे और समझ आ जाये नारी का महत्व तुम्हें.., तो करना हर दिन सम्मान नारी का..! चाहे वो तुम्हारी माँ, बहन, पत्नी हो या हो किसी और कि.., जीने दे आजादी से इस जहांन में उसे भी..! मत छेड़ना किसी नारी को कभी। बेटा चाहिए बेटी नही बेटे के लिए घर मे बहु चाहिए पर.., कन्यादान का सुख प्राप्त करने के लिए बेटी नही..! गर बेटी होगी तभी तो वो बहु बनेगी.., तो एक नारी भी ना मारे अपनी ही कोख में एक नारी.., क्योंकि, बेटी का जन्म होने से पहले है वो एक नारी..! ©राधाकृष्णप्रिय Deepika🌠"

एक नारी  एक नारी ही तो इस धरती पर ईश्वर का स्वरूप है..,
नारी से ही तो ये सारी सृष्टि सम्पूर्ण है..!
बिन नारी के नर के अस्तित्व का कोई मोल नही है..,
गर नारी ही ना हो तो नर का जन्म भी संभव नही है..!
बेटी, बहन, बहु, माँ, मासी, चाची, बुआ, नानी, दादी
ये सारे स्वरूप भी तो नारी के ही है..!
 जब जन्म लेती है इस संसार मे नारी तभी तो..,
माँ दुर्गा की तरह ही उसके भी अनेक स्वरूप है बनते..!
"ऐ पुरुष" अगर नही समझ आती है नारी तुम्हें..,
तो कल्पना ही करके देख लो इस संसार को बिना नारी के..!
और सोचो कि जब नारी ही नही होगी तो तुम पुरुष कैसे जन्मोगे?
अगर हो जाये कल्पना करने में एहसास तुम्हे और
समझ आ जाये नारी का महत्व तुम्हें..,
तो करना हर दिन सम्मान नारी का..!
चाहे वो तुम्हारी माँ, बहन, पत्नी हो या हो किसी और कि..,
जीने दे आजादी से इस जहांन में उसे भी..!
मत छेड़ना किसी नारी को कभी।
बेटा चाहिए बेटी नही बेटे के लिए घर मे बहु चाहिए पर..,
कन्यादान का सुख प्राप्त करने के लिए बेटी नही..!
गर बेटी होगी तभी तो वो बहु बनेगी..,
तो एक नारी भी ना मारे अपनी ही कोख में एक नारी..,
क्योंकि, बेटी का जन्म होने से पहले है वो एक नारी..!

©राधाकृष्णप्रिय Deepika🌠

#बिना #नारी #सृष्टि #खाली

#NaariDiwas

#Nojoto #Woman #day #thought #Trending

@Vasudha Uttam @Priya dubey
@Hiyan Chopda @Chandramukhi Mourya Bhagat Kaju Gautam

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"एक नारी जीवन का आरम्भ हो तुम जीन्दगी का आनन्द हो तुम क्रोध मे प्रचण्ड हो तुम प्रेम के लिए धरा सी सहनशील कर्तव्य मे अपना स्थान भी भुला बैठी नारी परिवार की नींव थी है और रहेगी बबली भाटी बैसला ©Babli BhatiBaisla"

एक नारी  जीवन का आरम्भ हो तुम
जीन्दगी का आनन्द हो तुम
क्रोध मे प्रचण्ड हो तुम
प्रेम के लिए धरा सी सहनशील
कर्तव्य मे अपना स्थान भी भुला बैठी
नारी परिवार की नींव थी है और रहेगी
बबली भाटी बैसला

©Babli BhatiBaisla

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