Sharad Purnima
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सावन पूर्ति पूर्णिमा नक्षत्र से युक्त शिव माह में शनै:-शनै: आराधना मात्र सिद्धि प्राप्त हेतु श्रावण की पूर्णिमा खास वेद पुराण जब नित्य श्रवण हुआ कम तब वर्ष काल में सुना पड़ने वाला श्रावण माह कहलाया नभस अथार्त बादल सावन गीत व वर्षा ऋतु भी सावन मास पूर्णिमा के दिन ही भाई बहन के प्यार का प्रतीक प्रभु से प्रार्थना कर सुखमय जीवन कामना हेतु रक्षा सूत्र ©Mahadev Son

#लव  सावन पूर्ति पूर्णिमा नक्षत्र से युक्त
शिव माह में शनै:-शनै: आराधना मात्र
सिद्धि प्राप्त हेतु श्रावण की पूर्णिमा खास 

वेद पुराण जब नित्य श्रवण हुआ कम तब
वर्ष काल में सुना पड़ने वाला श्रावण माह कहलाया
नभस अथार्त बादल सावन गीत व वर्षा ऋतु भी 

सावन मास पूर्णिमा के दिन ही भाई बहन के
प्यार का प्रतीक प्रभु से प्रार्थना कर सुखमय
जीवन कामना हेतु रक्षा सूत्र

©Mahadev Son

शिव महा सवान की पूर्णिमा है विशेष

1 Love

कुछ कहना था तुम्हें तो कहो ना पर इस रात की खामोशी से दिन के उजालों में तो शोर बहुत है ©chandni

 कुछ कहना था तुम्हें
तो कहो ना
पर इस
रात की खामोशी से
दिन के 
उजालों में तो 
शोर
 बहुत है

©chandni

कुछ कहना था तुम्हें तो कहो ना पर इस रात की खामोशी से दिन के उजालों में तो शोर बहुत है ©chandni

27 Love

वो शाम थी कुछ रंगीन बहुत, और फिजा में लाली थी! प्रीतम को संग पाकर मन में मृगतृष्णा सी जागी थी ! मन कौतुहल में डूबा था, दिल ने ली अंगड़ाई थी! खुशबु सी घुलकर हवा में वो मेरे रग रग में समायी थी! दे दूँ सारी खुशियाँ उसको ,दर्द पराए कर दूँ मैं ! पांव धरे जब वो धरा पर अपनी हथेली रख दूँ मैं! रात डराये स्याह उसे जब, उजला प्रकाश मैं बन जाऊं! धूप सताए जब भी उसको, शीतल छाया मैं बन जाऊं! वर्षो से किया इंतजार जिसे वो शाम सुहानी आयी थी! पर मैंने कब ये सोचा था उसकी आज विदाई थी! रूह में जिसको समां लिया था, उसने की रुसवाई थी! दो कदम का साथ नही था, ऐब फिर भी बतलाई थी! राह में उसके साथ चले थे,ये इल्म न उसको आई थी! पल में केह के हिस्सा खुद का उसने फिर ठुकराई थी! ©Balram Kashyap

#sharadpurnima #velentineday #लव  वो शाम थी कुछ रंगीन बहुत, और फिजा में लाली थी! 
प्रीतम को संग पाकर मन में मृगतृष्णा सी जागी थी !

मन कौतुहल में डूबा था, दिल ने ली अंगड़ाई थी!
खुशबु सी घुलकर हवा में वो मेरे रग रग में समायी थी!

दे दूँ सारी खुशियाँ उसको ,दर्द पराए कर दूँ मैं !
पांव धरे जब वो धरा पर अपनी हथेली रख दूँ मैं!

रात डराये स्याह उसे जब, उजला प्रकाश मैं बन जाऊं! 
धूप सताए जब भी उसको, शीतल छाया मैं बन जाऊं!

वर्षो से किया इंतजार जिसे वो शाम सुहानी आयी थी! 
पर मैंने कब ये सोचा था उसकी आज विदाई थी!

रूह में जिसको समां लिया था, उसने की रुसवाई थी!
दो कदम का साथ नही था, ऐब फिर भी बतलाई थी!

राह में उसके साथ चले थे,ये इल्म न उसको आई थी!
पल में केह के हिस्सा खुद का उसने फिर ठुकराई थी!

©Balram Kashyap

दिल में न हो जुरअत तो मोहब्बत नहीं मिलती ख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती कुछ लोग यूँही शहर में हम से भी ख़फ़ा हैं हर एक से अपनी भी तबीअ'त नहीं मिलती देखा है जिसे मैं ने कोई और था शायद वो कौन था जिस से तिरी सूरत नहीं मिलती हँसते हुए चेहरों से है बाज़ार की ज़ीनत रोने की यहाँ वैसे भी फ़ुर्सत नहीं मिलती निकला करो ये शम्अ लिए घर से भी बाहर कमरे में सजाने को मुसीबत नहीं मिलती ©Sonu sharma

#sharadpurnima  दिल में न हो जुरअत तो मोहब्बत नहीं मिलती
ख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती

कुछ लोग यूँही शहर में हम से भी ख़फ़ा हैं
हर एक से अपनी भी तबीअ'त नहीं मिलती

देखा है जिसे मैं ने कोई और था शायद
वो कौन था जिस से तिरी सूरत नहीं मिलती

हँसते हुए चेहरों से है बाज़ार की ज़ीनत
रोने की यहाँ वैसे भी फ़ुर्सत नहीं मिलती

निकला करो ये शम्अ लिए घर से भी बाहर
कमरे में सजाने को मुसीबत नहीं मिलती

©Sonu sharma

मुसल्सल कोशिशे कायम है हमे भुलाने की ; यकीं मानों हरपल मुकम्मल याद आऊंगा मैं!! ©Jajbaat-e-Khwahish(जज्बात)

#कृष्णेत #जज्बात #शायरी #dedicated #krishnet  मुसल्सल कोशिशे कायम है हमे भुलाने की ;
यकीं मानों हरपल मुकम्मल याद आऊंगा मैं!!

©Jajbaat-e-Khwahish(जज्बात)

मुसल्सल कोशिशे कायम है हमे भुलाने की ; यकीं मानों हरपल मुकम्मल याद आऊंगा मैं!! #dedicated #कृष्णेत #krishnet #जज्बात

64 Love

Raat ki tareeki main yun akeele hona Bht garaan guzarta hai judai ka sona, Waqat ki bandish hai zindagi main Warna bht mushkil hota hai kisi ko paa k khona, Yun to umar guzar rahi hai meri Bs Pal pal ka ghutna pal pal ka rona, Haste chehre suhanay khawab Kita acha lagta yeh sapne sajona , Ankh aksar khul jati hai sote hoye meri Kisi ka sari raat pas hona aur phir jagte hi door hona.. 💫💫💫 ©Upasna Sharma

#sharadpurnima  Raat ki tareeki main yun akeele hona 

Bht garaan guzarta hai judai ka sona, 

Waqat ki bandish hai zindagi main

Warna bht mushkil hota hai kisi ko paa k khona, 

Yun to umar guzar rahi hai meri 

Bs Pal pal ka ghutna pal pal ka rona, 

Haste chehre suhanay khawab 

Kita acha lagta yeh sapne sajona , 

Ankh aksar khul jati hai sote hoye meri

Kisi ka sari raat pas hona aur phir jagte hi door hona..
💫💫💫

©Upasna Sharma
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