दबोच आई मुट्ठी में जुगनुओं की ख़ातिर,
के ख़्वाबों का
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"दबोच-आई-मुट्ठी-में-जुगनुओं-की-ख़ातिर-के-ख़्वाबों-का-आफ़ताब-रुलाता-बहुत था"

दबोच-आई-मुट्ठी-में-जुगनुओं-की-ख़ातिर-के-ख़्वाबों-का-आफ़ताब-रुलाता-बहुत था

दबोच-आई-मुट्ठी-में-जुगनुओं-की-ख़ातिर-के-ख़्वाबों-का-आफ़ताब-रुलाता-बहुत था

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"Jindgi tujhse ek naye subah cahiye mujhe Kuch adhure khvab pure karne hai mujhe mere apno ke liye... -E_jindgi❣✍"

Jindgi tujhse ek naye subah cahiye mujhe 
Kuch adhure khvab pure karne hai mujhe mere apno ke liye...
-E_jindgi❣✍

E_jindgi❣✍

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"Your Love and Care that's what all I need...."

Your Love and Care 
that's what all
I need....

 

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"न कोई शिकवा शिकायत न कोई गिला है। जो किस्मत में लिखा है वही मिला है। किसी ने लिया है किसी ने दिया है। हमेशा अजल ये चला सिलसिला है। किसी ने चाहत में सब कुछ दिया है। किसी ने राहत तो दी नहीं केवल छला है। ज़िन्दगी के बाद मौत हमेशा है आती । मौत का ख़तरा न पहले टला था न अब भी टला है। शायर:- शैलेन्द्र सिंह यादव #NojotoQuote"

न कोई शिकवा शिकायत न कोई गिला है।
जो किस्मत में लिखा है वही मिला है।
किसी ने लिया है किसी ने दिया है।
हमेशा अजल ये चला सिलसिला है।


किसी ने चाहत में सब कुछ दिया है।
किसी ने राहत तो  दी नहीं केवल छला है।
 ज़िन्दगी के बाद मौत हमेशा है आती ।
मौत का ख़तरा न पहले टला था न अब भी  टला है।
शायर:- शैलेन्द्र सिंह यादव #NojotoQuote

शैलेन्द्र सिंह यादव की शायरी न कोई शिकवा शिकायत

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"न कोई शिकवा शिकायत न कोई गिला है। जो किस्मत में लिखा है वही मिला है। किसी ने लिया है किसी ने दिया है। हमेशा अजल ये चला सिलसिला है। किसी ने चाहत में सब कुछ दिया है। किसी ने राहत तो दी नहीं केवल छला है। ज़िन्दगी के बाद मौत हमेशा है आती । मौत का ख़तरा न पहले टला था न अब भी टला है। शायर:- शैलेन्द्र सिंह यादव #NojotoQuote"

न कोई शिकवा शिकायत न कोई गिला है।
जो किस्मत में लिखा है वही मिला है।
किसी ने लिया है किसी ने दिया है।
हमेशा अजल ये चला सिलसिला है।


किसी ने चाहत में सब कुछ दिया है।
किसी ने राहत तो  दी नहीं केवल छला है।
 ज़िन्दगी के बाद मौत हमेशा है आती ।
मौत का ख़तरा न पहले टला था न अब भी  टला है।
शायर:- शैलेन्द्र सिंह यादव #NojotoQuote

शैलेन्द्र सिंह यादव की शायरी न कोई शिकवा शिकायत

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