प्रेम नगर की डगर हैं कठिन रे 


प्रेम नगर की डगर ह
  • Latest
  • Video

"प्रेम नगर की डगर हैं कठिन रे प्रेम नगर की डगर हैं कठिन रे,बटोही ना करना बसेरा पग बढ़ा हो ना जाए अँधेरा, मन का रतन रख यतन से अनाड़ी,यहाँ आगे चोरो की बस्ती है भारी, ज्ञानी ठगे गुमानी यहाँ पल में लुट जाए लाखो का डेरा,पग बढ़ा हो ना जाए अँधेरा यह तन है टुटी नवरियाँ रे प्राणी,भरने न पाए इस में पापो का पानी, नादान केवट संभल के चलो मीत माया भवर में तू घेरा पग बढ़ा हो ना जाए अँधेरा, बादल विपद की अँधेरी है राते भजन सार सब झूठी दुनिया की बाते, रखो श्याम पुतलिन में उनकी झलक मीत हो जाये पल में सवेरा, पग बढ़ा हो ना जाए अँधेरा, भक्ति सागर से राधे कृष्ण"

प्रेम नगर की डगर हैं कठिन रे 


प्रेम नगर की डगर हैं कठिन रे,बटोही ना करना बसेरा
पग बढ़ा हो ना जाए अँधेरा,
        मन का रतन रख यतन से अनाड़ी,यहाँ आगे चोरो की बस्ती है भारी,
ज्ञानी ठगे गुमानी यहाँ 
पल में लुट जाए लाखो का डेरा,पग बढ़ा हो ना जाए अँधेरा
         यह तन है टुटी नवरियाँ रे प्राणी,भरने न पाए इस में पापो का पानी,
नादान केवट संभल के चलो मीत माया भवर में तू घेरा
पग बढ़ा हो ना जाए अँधेरा,
        बादल विपद की अँधेरी है राते भजन सार सब झूठी दुनिया की बाते,
रखो श्याम पुतलिन में उनकी झलक मीत हो जाये पल में सवेरा,
पग बढ़ा हो ना जाए अँधेरा,
                                                         भक्ति सागर से

 राधे कृष्ण

@Manchita Shakya(Milly) @Kirti singh @Pushpa D @Rupam rajbhar @priyanka singh(self writer)

21 Love
1 Share